{"_id":"5c8a8f5bbdec2213f52b7358","slug":"81552584539-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वल्र्ड किडनी-डे पर अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को गुलाब के फूल भेंट कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य की कामना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वल्र्ड किडनी-डे पर अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को गुलाब के फूल भेंट कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य की कामना की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ल्ड किडनी डे : फूल देकर मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य की कामना की
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर वीरवार को नागरिक अस्पताल प्रशासन द्वारा अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को गुलाब का फूल देकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। इसके साथ ही मरीजों को जागरूक करते हुए किडनी को बचाकर रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉॅ. शशि प्रभा ने की। इस मौके पर एमएस डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. जेके मान, डॉ. पालेराम व डॉ. प्रभु दयाल भी मौजूद रहे।
सिविल सर्जन ने बताया कि जिन मरीजों की किडनी फेल हो जाती है, उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। शुरू-शुरू में तीन से छह महीने में एक बार डायलिसिस करवाना पड़ता है। यदि ज्यादा दिक्कत आती है तो फिर सप्ताह में भी डायलिसिस करना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि किडनी को स्वास्थ्य रखने के लिए जिन मरीजों को यूरीन की मात्रा कम या ज्यादा हो जाए, उन्हें विशेष रूप से किडनी की जांच करवानी चाहिए। बीपी तथा शुगर के मरीजों को खासतौर पर अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। 40 वर्ष की आयु के बाद लगातार स्वस्थ व्यक्ति को बीपी, शुगर की नियमित जांच करवानी चाहिए। किडनी रोगियों के लिए नागरिक अस्पताल में डायलिसिस सेंटर खोला गया है। नागरिक अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा पीपी मोड़ पर भी प्रदान की जाती है। बीपीएल कैटेगिरी के मरीजों को यह सुविधा मुफ्त दी जाती है। नागरिक अस्पताल में हर महीने 400 से 450 मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
क्या है डायलिसिस
जिन मरीजों की दोनों किडनी फेल हो जाती हैं, उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। डायलिसिस रक्त को फिल्टर करने का काम करता है। जो काम किडनी करती है, वही काम डायलिसिस द्वारा किया जाता है। इसमें रक्त फिल्टर होकर वापस शरीर में चढ़ता रहता है। गंदा खून बाहर निकलता रहता है। किडनी भी खून को साफ करने का काम करती है। जिस व्यक्ति को अधिक दिक्कत होती है तो उसे तीन से चार दिन में एक बार डायलिसिस करवाना पड़ता है।
विज्ञापन
आम मरीज के लगते हैं 1050 रुपये
नागरिक अस्पताल में डायलिसिस करवाने पर आम मरीज के 1050 रुपये लगते हैं। यदि हेपेटाइटिस-सी या एचआईवी पॉजिटिव मरीज हो तो उससे 1150 रुपये लिए जाते हैं। बीपीएल परिवारों के लिए यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध है। इसी प्रकार के मरीजों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।
-डॉ. गोपाल गोयल, एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर वीरवार को नागरिक अस्पताल प्रशासन द्वारा अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को गुलाब का फूल देकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। इसके साथ ही मरीजों को जागरूक करते हुए किडनी को बचाकर रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉॅ. शशि प्रभा ने की। इस मौके पर एमएस डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. जेके मान, डॉ. पालेराम व डॉ. प्रभु दयाल भी मौजूद रहे।
सिविल सर्जन ने बताया कि जिन मरीजों की किडनी फेल हो जाती है, उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। शुरू-शुरू में तीन से छह महीने में एक बार डायलिसिस करवाना पड़ता है। यदि ज्यादा दिक्कत आती है तो फिर सप्ताह में भी डायलिसिस करना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि किडनी को स्वास्थ्य रखने के लिए जिन मरीजों को यूरीन की मात्रा कम या ज्यादा हो जाए, उन्हें विशेष रूप से किडनी की जांच करवानी चाहिए। बीपी तथा शुगर के मरीजों को खासतौर पर अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। 40 वर्ष की आयु के बाद लगातार स्वस्थ व्यक्ति को बीपी, शुगर की नियमित जांच करवानी चाहिए। किडनी रोगियों के लिए नागरिक अस्पताल में डायलिसिस सेंटर खोला गया है। नागरिक अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा पीपी मोड़ पर भी प्रदान की जाती है। बीपीएल कैटेगिरी के मरीजों को यह सुविधा मुफ्त दी जाती है। नागरिक अस्पताल में हर महीने 400 से 450 मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
विज्ञापन
क्या है डायलिसिस
जिन मरीजों की दोनों किडनी फेल हो जाती हैं, उन्हें डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। डायलिसिस रक्त को फिल्टर करने का काम करता है। जो काम किडनी करती है, वही काम डायलिसिस द्वारा किया जाता है। इसमें रक्त फिल्टर होकर वापस शरीर में चढ़ता रहता है। गंदा खून बाहर निकलता रहता है। किडनी भी खून को साफ करने का काम करती है। जिस व्यक्ति को अधिक दिक्कत होती है तो उसे तीन से चार दिन में एक बार डायलिसिस करवाना पड़ता है।
विज्ञापन
आम मरीज के लगते हैं 1050 रुपये
नागरिक अस्पताल में डायलिसिस करवाने पर आम मरीज के 1050 रुपये लगते हैं। यदि हेपेटाइटिस-सी या एचआईवी पॉजिटिव मरीज हो तो उससे 1150 रुपये लिए जाते हैं। बीपीएल परिवारों के लिए यह सुविधा मुफ्त में उपलब्ध है। इसी प्रकार के मरीजों को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।
-डॉ. गोपाल गोयल, एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।