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जीआईएस लैब का हुआ शुभारंभ, भूमि संबंधित जानकारी लेने में होगी असानी
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने शुक्रवार को जीआईएस लैब का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। इससे जींद प्रदेश का चौथा जिला बन गया है। इससे पहले रोहतक, गुरुग्राम व अंबाला में जीआईएस लैब बन चुकी हैं। यह लैब बनने से भूमि संबंधित रिकार्ड रखने में काफी सुविधा होगी। लैब में डाटा फीड होने के बाद किसी भी जगह की ऑनलाइन तस्वीर ली जा सकेगी।
जियोग्रॉफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) लैब के माध्यम से हर प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जैसे सरकारी जमीन कहां- कहां उपलब्ध है, गैस, पानी की लाइनें कहां से होकर गुजरती है, इस तरह की तमाम जानकारियां सही समय पर मिल जाए तो विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकता है। इस दौरान मुख्य सचिव ने जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यहां तमाम प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। ऐसा करने वाला जींद प्रदेश का अग्रणी जिला बन गया है। जींद का जिला पुस्तकालय वाईफाई सुविधा से युक्त है और इसमें 40 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं।
ऐसे काम करेगी जीआईएस लैब
जीआईएस लैब की स्थापना हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र की गई है। इसको बनाने में व संचालन पर लगभग 35 लाख रुपये का खर्च आया है। इस लैब की सहायता से सभी विभागों की भविष्य की विकास परियोजनाओं को सुगमता से तैयार करने में फ ायदा मिलेगा। इस लैब में सभी विभागों के आंकडे़ एकत्रित किए जाएंगेे तथा आंकड़ों को डिजिटाइज्ड करके सैटेलाइट इमेज पर भी दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से सबसे पहले जींद नगर परिषद क्षेत्र का कार्य किया जाएगा जिसमें एमसी बाउंड्री, मास्टर प्लान, कंट्रोल एरिया, वार्ड बाउंड्री, संपत्ति कर को सैटेलाइट इमेज पर तैयार किया जाएगा। इससे हमें शहर में स्वीकृत एवं गैर-स्वीकृत क्षेत्र की पहचान करना आसान होगा। जीआईएस लैब में सभी विभागों का कार्य पूरा होने के बाद सभी लेयर को भारतीय मैप पोर्टल के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। जिससे की आम नागरिक शहर की जानकारी प्राप्त कर सकता है। जीआईएस लैब में विभिन्न विभागों के लिए हर आकार के मैप तैयार करके प्लोर्टल द्वारा कलर प्रिंटिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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जींद।
प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने शुक्रवार को जीआईएस लैब का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। इससे जींद प्रदेश का चौथा जिला बन गया है। इससे पहले रोहतक, गुरुग्राम व अंबाला में जीआईएस लैब बन चुकी हैं। यह लैब बनने से भूमि संबंधित रिकार्ड रखने में काफी सुविधा होगी। लैब में डाटा फीड होने के बाद किसी भी जगह की ऑनलाइन तस्वीर ली जा सकेगी।
जियोग्रॉफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) लैब के माध्यम से हर प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जैसे सरकारी जमीन कहां- कहां उपलब्ध है, गैस, पानी की लाइनें कहां से होकर गुजरती है, इस तरह की तमाम जानकारियां सही समय पर मिल जाए तो विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकता है। इस दौरान मुख्य सचिव ने जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया है। यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यहां तमाम प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। ऐसा करने वाला जींद प्रदेश का अग्रणी जिला बन गया है। जींद का जिला पुस्तकालय वाईफाई सुविधा से युक्त है और इसमें 40 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं।
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ऐसे काम करेगी जीआईएस लैब
जीआईएस लैब की स्थापना हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र की गई है। इसको बनाने में व संचालन पर लगभग 35 लाख रुपये का खर्च आया है। इस लैब की सहायता से सभी विभागों की भविष्य की विकास परियोजनाओं को सुगमता से तैयार करने में फ ायदा मिलेगा। इस लैब में सभी विभागों के आंकडे़ एकत्रित किए जाएंगेे तथा आंकड़ों को डिजिटाइज्ड करके सैटेलाइट इमेज पर भी दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से सबसे पहले जींद नगर परिषद क्षेत्र का कार्य किया जाएगा जिसमें एमसी बाउंड्री, मास्टर प्लान, कंट्रोल एरिया, वार्ड बाउंड्री, संपत्ति कर को सैटेलाइट इमेज पर तैयार किया जाएगा। इससे हमें शहर में स्वीकृत एवं गैर-स्वीकृत क्षेत्र की पहचान करना आसान होगा। जीआईएस लैब में सभी विभागों का कार्य पूरा होने के बाद सभी लेयर को भारतीय मैप पोर्टल के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। जिससे की आम नागरिक शहर की जानकारी प्राप्त कर सकता है। जीआईएस लैब में विभिन्न विभागों के लिए हर आकार के मैप तैयार करके प्लोर्टल द्वारा कलर प्रिंटिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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