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माय सिटी प्रथम पेज की प्रस्तावित एंकर
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:55 PM IST
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अनशनकारी पार्षदों की तबियत बिगड़ी तो हरकत में आया प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। विकास कार्यों के लिए अपने वार्डों को ग्रांट नहीं मिलने की बात कह कर पिछले छह दिन से अनशन कर रहे जिला पार्षदों का अनशन प्रशासन ने सोमवार को समाप्त करवा दिया। इससे पहले दोपहर के समय जिला पार्षद अमित निडानी की तबीयत बिगड़ने लगी और यहां अस्पताल की टीम एम्बुलेंस लेकर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही एसडीएम विरेंद्र सहराव ने जूस पिलाकर पार्षदों का अनशन समाप्त करवा दिया।
गौरतलब है कि जिला पार्षद अमित निडानी और सतपाल संगतपुरा उर्फ संतु ढांडा ने छह दिन पहले लघुसचिवालय के बाहर अनशन शुरू किया था। दोनों पार्षदों का आरोप है कि जिला परिषद चेयरमैन ने भेदभाव करते हुए उनके वार्डों में विकास के लिए राशि जारी नहीं की। हालांकि जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला इससे साफ मना कर रही हैं। चेयरमैन का कहना है कि जिन पार्षदों ने कामों की सूची सौंपी है, उनको ग्रांट जारी की गई है।
धरने पर बढ़ी लोगों की संख्या
छठे दिन धरने पर लोगों की संख्या काफी बढ़ी रही। इस दौरान चार और जिला पार्षदों ने सोमवार को अनशन किया तो उनके वार्ड के काफी लोग और महिलाएं भी अनशन स्थल पर पहुंची। अनशन स्थल पर सोमवार को कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग पहुंचे और सूत्रों के अनुसार मंगलवार से धरने पर कई दिग्गज नेता शिरकत करने वाले थे। ऐसे में प्रशासन ने मामले को राजनीतिक रंग लेने से पहले ही सुलझा दिया है।
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मिला है आश्वासन
एसडीएम विरेंद्र सहरावत अनशन पर पहुंचे और उन्होंने सभी मांगे मानते हुए मंगलवार को डीसी अमित खत्री से बातचीत करवाने की बात कही है। इससे पार्षदों को उम्मीद है कि उनकी मांगें मानी जाएंगी। इस पर अनशन समाप्त कर दिया गया है।
सतपाल संगतपुरा, जिला पार्षद।
अनशन समाप्त हुआ है आंदोलन नहीं
यह आंदोलन 222 गांवों के हकों के लिए किया गया। इसमें लोगों का भी भारी समर्थन मिला। अधिकारियों को यह लगा वास्तव में भेदभाव हुआ है। बातचीत के लिए निमंत्रण मिला है। अभी अनशन समाप्त किया गया है। फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि वार्ड में विकास कार्य नहीं होते हैं तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
अमित निडानी, जिला पार्षद
प्रशासन हर व्यक्ति की बात सुनकर उसका समाधान करने के लिए तत्पर है। पार्षदों से भी प्रशासन बातचीत कर रास्ता निकाल लेगा। इसके आश्वासन पर अनशन समाप्त हो गया है।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम, जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। विकास कार्यों के लिए अपने वार्डों को ग्रांट नहीं मिलने की बात कह कर पिछले छह दिन से अनशन कर रहे जिला पार्षदों का अनशन प्रशासन ने सोमवार को समाप्त करवा दिया। इससे पहले दोपहर के समय जिला पार्षद अमित निडानी की तबीयत बिगड़ने लगी और यहां अस्पताल की टीम एम्बुलेंस लेकर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही एसडीएम विरेंद्र सहराव ने जूस पिलाकर पार्षदों का अनशन समाप्त करवा दिया।
गौरतलब है कि जिला पार्षद अमित निडानी और सतपाल संगतपुरा उर्फ संतु ढांडा ने छह दिन पहले लघुसचिवालय के बाहर अनशन शुरू किया था। दोनों पार्षदों का आरोप है कि जिला परिषद चेयरमैन ने भेदभाव करते हुए उनके वार्डों में विकास के लिए राशि जारी नहीं की। हालांकि जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला इससे साफ मना कर रही हैं। चेयरमैन का कहना है कि जिन पार्षदों ने कामों की सूची सौंपी है, उनको ग्रांट जारी की गई है।
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धरने पर बढ़ी लोगों की संख्या
छठे दिन धरने पर लोगों की संख्या काफी बढ़ी रही। इस दौरान चार और जिला पार्षदों ने सोमवार को अनशन किया तो उनके वार्ड के काफी लोग और महिलाएं भी अनशन स्थल पर पहुंची। अनशन स्थल पर सोमवार को कांग्रेस नेता प्रमोद सहवाग पहुंचे और सूत्रों के अनुसार मंगलवार से धरने पर कई दिग्गज नेता शिरकत करने वाले थे। ऐसे में प्रशासन ने मामले को राजनीतिक रंग लेने से पहले ही सुलझा दिया है।
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मिला है आश्वासन
एसडीएम विरेंद्र सहरावत अनशन पर पहुंचे और उन्होंने सभी मांगे मानते हुए मंगलवार को डीसी अमित खत्री से बातचीत करवाने की बात कही है। इससे पार्षदों को उम्मीद है कि उनकी मांगें मानी जाएंगी। इस पर अनशन समाप्त कर दिया गया है।
सतपाल संगतपुरा, जिला पार्षद।
अनशन समाप्त हुआ है आंदोलन नहीं
यह आंदोलन 222 गांवों के हकों के लिए किया गया। इसमें लोगों का भी भारी समर्थन मिला। अधिकारियों को यह लगा वास्तव में भेदभाव हुआ है। बातचीत के लिए निमंत्रण मिला है। अभी अनशन समाप्त किया गया है। फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि वार्ड में विकास कार्य नहीं होते हैं तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
अमित निडानी, जिला पार्षद
प्रशासन हर व्यक्ति की बात सुनकर उसका समाधान करने के लिए तत्पर है। पार्षदों से भी प्रशासन बातचीत कर रास्ता निकाल लेगा। इसके आश्वासन पर अनशन समाप्त हो गया है।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम, जींद।