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सीएम की 75 घोषणाओं पर नहीं हुआ काम

Sun, 04 Oct 2020 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 11:33 PM IST
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75 announcements of CM did not wor
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 2014 से अब तक जिले के लिए 517 घोषणाएं की जा चुकी हैं, मगर इनमें से महत्वपूर्ण घोषणाएं अभी तक नहीं पूरी हो सकी हैं। इन महत्वपूर्ण योजनाओं में नहरी पानी उपलब्ध करवाना, अटल पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर तथा मेडिकल कॉलेज अभी तक अधर में लटकी हुई हैं। इसके अलावा स्वर्ण जयंती पार्क का कार्य भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। पॉली टेक्नीकल कॉलेज के लिए जमीन की तलाश पूरी हुई है, लेकिन अभी तक निर्माण से संबंधित कोई भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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मुख्यमंत्री मनोहरलाल पहली बार दिसंबर 2014 में जींद आए हुए थे। इसके बाद अब तक उन्होंने जिले के लिए 517 घोषणाएं की हैं। इनमें से 289 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 139 पर कार्य चल रहा है। 14 घोषणाओं की फिजिबिलटी उपलब्ध नहीं होने की वजह से रद्द हो चुकी हैं। 75 ऐसी घोषणाएं हैं, जिनके नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है।
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30 प्रतिशत ही हुआ अटल पार्क का काम
मुख्यमंत्री द्वारा 2014 में अटल पार्क की घोषणा की गई थी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये अलॉट हुए थे। पशुपालन विभाग से जमीन ट्रांसफर होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया, मगर इसमें नगर परिषद द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने पर भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने संज्ञान लिया और काम को रुकवा दिया। इसके काफी समय बाद कार्य शुरू हुआ। फिलहाल इस पार्क का 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है।
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मेडिकल कॉलेज
जिले के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणा मेडिकल कॉलेज है। पहली बार में ही मुख्यमंत्री ने जींद में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा 2014 में की थी। गांव हैबतपुर की पंचायत ने अपनी 24 एकड़ जमीन 2015 में प्रशासन को हैंडओवर कर दी। जब निर्माण शुरू नहीं हुआ तो पंचायत ने अपनी जमीन वापस लेने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद अप्रैल 2016 में सीएम ने इसका शिलान्यास कर दिया। आज तक निर्माण के नाम पर इस जमीन की चहारदीवारी हुई है। इसके आगे कुछ भी नहीं हुआ है। इसके लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
नहरी पानी योजना
मुख्यमंत्री ने नवंबर 2018 में शहर के लोगों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए नहरी पानी पर आधारित जलघर बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान किया गया है। आज तक प्रशासन इस परियोजना को लगाने के लिए जमीन की तलाश भी नहीं कर पाया है। यह योजना आज तक अधर में लटकी हुई है। लोग स्वच्छ पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर
2014 में ही मुख्यमंत्री ने जींद में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की घोषणा की थी। लोगों को उम्मीद थी कि इससे जिले का विकास होगा। ट्रांसपोर्ट नगर के लिए भी प्रशासन जमीन की तलाश कर रहा है। कई जगह प्रशासन ने जमीन भी देखी लेकिन तलाश पूरी नहीं हुई। रोहतक रोड पर जमीन मिली लेकिन रेट अधिक होने के कारण नहीं ली गई।
पॉली टेक्निकल कॉलेज
2014 में ही मुख्यमंत्री ने जिले में पॉली टेक्निकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। चार साल तक प्रशासन जमीन की तलाश करता रहा लेकिन जमीन नहीं मिली। 2018 में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के पास जमीन मिली लेकिन आज तक इसके निर्माण पर एक भी ईंट नहीं लगी।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण कुछ देरी हो रही है। जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक करके घोषणाओं को पूरा करवाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण इसी वर्ष शुरू हो जाएगा। इसके लिए पैसे आ चुके हैं।
डॉ. कृष्ण मिड्ढा, विधायक, जींद।
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