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एक ही चिता में हुआ तीनों लालों का अंतिम संस्कार
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एक ही चिता पर हुआ तीनों युवकों का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। शुक्रवार देर शाम रोहतक जिला के फरमाणा गांव से बारात से लौटते वक्त हादसे में जान गंवाने वाले करसोला गांव निवासी तीनों युवकों का अंतिम संस्कार शनिवार को एक ही चिता में किया गया। वहीं जिस घर में शादी की खुशी मनाई जा रही थी, वहां मातम पसर गया। मरने वाले तीनों युवक एक ही परिवार के हैं। वहीं सड़क हादसे में घायल चार युवकों में से तीन जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को करसोला गांव निवासी मोनू की बारात रोहतक के फरमाणा गांव गई थी। बारात में गए देवेंद्र, मनीष, दीपक, प्रदीप, अनिल व अनु नामक युवक जब वापस करसोला लौट रहे थे तो उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी। इस हादसे में देवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी घायलों को रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया। पीजीआई में मनीष और दीपक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। हालांकि यह खबर रात को ही गांव में पहुंच चुकी थी। रात से ही युवकों के घर पर रिश्तेदार आने शुरू हो गए थे। वहीं गांव के भी काफी संख्या में लोग इस दुुख की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
दीपक और मनीष थे इकलौते चिराग
दीपक और मनीष अपने माता-पिता के इकलौता चिराग थे। दीपक की एक बहन और मनीष की दो बहनें हैं। देवेंद्र का एक भाई व एक बहन है। तीनों युवक एक की परिवार से हैं। चंद्र के पौत्र हैं। मनीष जींद के एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का काम करता था। देवेंद्र जुलाना में पढ़ाई कर रहा था। दीपक की शादी कुछ समय पहले हुई थी। दीपक की पत्नी गर्भवती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। शुक्रवार देर शाम रोहतक जिला के फरमाणा गांव से बारात से लौटते वक्त हादसे में जान गंवाने वाले करसोला गांव निवासी तीनों युवकों का अंतिम संस्कार शनिवार को एक ही चिता में किया गया। वहीं जिस घर में शादी की खुशी मनाई जा रही थी, वहां मातम पसर गया। मरने वाले तीनों युवक एक ही परिवार के हैं। वहीं सड़क हादसे में घायल चार युवकों में से तीन जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को करसोला गांव निवासी मोनू की बारात रोहतक के फरमाणा गांव गई थी। बारात में गए देवेंद्र, मनीष, दीपक, प्रदीप, अनिल व अनु नामक युवक जब वापस करसोला लौट रहे थे तो उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई थी। इस हादसे में देवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी घायलों को रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया। पीजीआई में मनीष और दीपक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। हालांकि यह खबर रात को ही गांव में पहुंच चुकी थी। रात से ही युवकों के घर पर रिश्तेदार आने शुरू हो गए थे। वहीं गांव के भी काफी संख्या में लोग इस दुुख की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
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दीपक और मनीष थे इकलौते चिराग
दीपक और मनीष अपने माता-पिता के इकलौता चिराग थे। दीपक की एक बहन और मनीष की दो बहनें हैं। देवेंद्र का एक भाई व एक बहन है। तीनों युवक एक की परिवार से हैं। चंद्र के पौत्र हैं। मनीष जींद के एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन का काम करता था। देवेंद्र जुलाना में पढ़ाई कर रहा था। दीपक की शादी कुछ समय पहले हुई थी। दीपक की पत्नी गर्भवती है।
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