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सोमवती अमावस्या आज, कड़ाके की ठंड के बीच हजारों की संख्या में श्रद्धालु लगाएंगे श्रद्धा की डुबकी
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सोमवती अमावस्या आज, पिंड तारक तीर्थ में श्रद्धालु लगाएंगे श्रद्धा की डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार को सोमवती अमावस्या के दौरान पांडु पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ में स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। पुलिस ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। 500 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पिंडारा गांव में लगाई गई है। श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए भी पुलिस ने वाहनों का पिंड तारक तीर्थ की तरफ आना-जाना बंद कर दिया है। जगह-जगह पुलिस ने बेरिकेड्स लगा दिए हैं। डीएसपी आदर्शदीप खुद सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
जानकारी के लिए आज अमावस्या पर गांव पांडु पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए स्नान करने का अपना अलग महत्व है। सोमवती अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। मौनी अमावस्या सोमवार के दिन कई वर्ष में एक बार ही आती है, इसलिए इस बार सोमवार को अमावस्या का महत्व अधिक बढ़ गया है। दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरप्रदेश से भी लोग सोमवती अमावस्या पर पिंड तारक तीर्थ में आकर श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं। यहां लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करते हैं। कहा जाता है कि कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए यहां पिंड दान किए थे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने पिंड तारक तीर्थ के चारों तरफ साफ-सफाई कर रखी है। पुलिस के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी यहां आने वाले लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। रविवार से ही यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।
लोकल की बजाय बाहर से ज्यादा आते हैं श्रद्धालु
सोमवती अमावस्या के दिन पिंड तारक तीर्थ पर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जींद की अपेक्षा बाहर से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। सबसे ज्यादा दिल्ली से लोग आते हैं। चाहे गर्मी हो या कड़ाके की ठंड श्रद्धालु पिंड तारक तीर्थ में स्नान जरूर करते हैं। श्रद्धालु यहां उपस्थित पंडितों से पूजा-पाठ भी करवाते हैं तथा श्रद्धा के साथ पिंडों का दान करते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन पूरा दिन यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
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सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
पुलिस ने पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ के आसपास काफी संख्या में पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। वैसे तो हर अमावस्या को यहां लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए आते हैं लेकिन सोमवती अमावस्या को भारी संख्या में लोग आते हैं। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया हुआ है। इस बार यहां धर्मशालाओं में लोगों के रुकने का इंतजाम भी किया गया है। पुलिस हर सोमवती अमावस्या को यहां एक धर्मशाला में कंट्रोल रुम स्थापित करती है। यहां लगने वाले मेले में जेबकतरे भी काफी संख्या में आते हैं। पुलिस लोगों को समय-समय पर इनसे सावधान रहने को भी कहती है। ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस हमेशा तत्पर रहती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस का भी विशेष प्रबंध किया गया है। डीएसपी आदर्शदीप ने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन दान करने का अपना महत्व है। इस दिन दान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस बार मोनी अमावस्या है। इस दिन सुहागिनों को भी विशेष पूजा करना चाहिए। दान करने के लिए सोमवार का दिन बहुत ही फलदायी है।
ज्योतिषी, विनोद
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार को सोमवती अमावस्या के दौरान पांडु पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ में स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से ही पहुंचने शुरू हो गए थे। पुलिस ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। 500 पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पिंडारा गांव में लगाई गई है। श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए भी पुलिस ने वाहनों का पिंड तारक तीर्थ की तरफ आना-जाना बंद कर दिया है। जगह-जगह पुलिस ने बेरिकेड्स लगा दिए हैं। डीएसपी आदर्शदीप खुद सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
जानकारी के लिए आज अमावस्या पर गांव पांडु पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए स्नान करने का अपना अलग महत्व है। सोमवती अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। मौनी अमावस्या सोमवार के दिन कई वर्ष में एक बार ही आती है, इसलिए इस बार सोमवार को अमावस्या का महत्व अधिक बढ़ गया है। दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरप्रदेश से भी लोग सोमवती अमावस्या पर पिंड तारक तीर्थ में आकर श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं। यहां लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करते हैं। कहा जाता है कि कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए यहां पिंड दान किए थे। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने पिंड तारक तीर्थ के चारों तरफ साफ-सफाई कर रखी है। पुलिस के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी यहां आने वाले लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। रविवार से ही यहां श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।
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लोकल की बजाय बाहर से ज्यादा आते हैं श्रद्धालु
सोमवती अमावस्या के दिन पिंड तारक तीर्थ पर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जींद की अपेक्षा बाहर से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। सबसे ज्यादा दिल्ली से लोग आते हैं। चाहे गर्मी हो या कड़ाके की ठंड श्रद्धालु पिंड तारक तीर्थ में स्नान जरूर करते हैं। श्रद्धालु यहां उपस्थित पंडितों से पूजा-पाठ भी करवाते हैं तथा श्रद्धा के साथ पिंडों का दान करते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन पूरा दिन यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
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सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
पुलिस ने पिंडारा स्थित पिंड तारक तीर्थ के आसपास काफी संख्या में पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। वैसे तो हर अमावस्या को यहां लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए आते हैं लेकिन सोमवती अमावस्या को भारी संख्या में लोग आते हैं। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया हुआ है। इस बार यहां धर्मशालाओं में लोगों के रुकने का इंतजाम भी किया गया है। पुलिस हर सोमवती अमावस्या को यहां एक धर्मशाला में कंट्रोल रुम स्थापित करती है। यहां लगने वाले मेले में जेबकतरे भी काफी संख्या में आते हैं। पुलिस लोगों को समय-समय पर इनसे सावधान रहने को भी कहती है। ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए पुलिस हमेशा तत्पर रहती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस का भी विशेष प्रबंध किया गया है। डीएसपी आदर्शदीप ने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन दान करने का अपना महत्व है। इस दिन दान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस बार मोनी अमावस्या है। इस दिन सुहागिनों को भी विशेष पूजा करना चाहिए। दान करने के लिए सोमवार का दिन बहुत ही फलदायी है।
ज्योतिषी, विनोद