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अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिल बिगाड़ सकता है आपके बच्चे का भविष्य

Wed, 11 Apr 2018 12:29 AM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:29 AM IST
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अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिल बिगाड़ सकता है आपके बच्चे का भविष्य
विनोद जोशी
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जींद। जिलेभर के 71 अस्थायी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। इन स्कूलों को एक साल के लिए मान्यता मिली थी, जो अब 30 अप्रैल को समाप्त हो रही है। वर्ष 2007 से पहले शुरू हुए स्कूलों के लिए सरकार व शिक्षा विभाग ने स्थायी तौर चलने के लिए 2017 में एक साल का समय दिया था, लेकिन अब यह समय अवधि समाप्त हो रही है। 30 अप्रैल को जिलेभर के सभी 71 अस्थायी स्कूलों समय अवधि समाप्त हो जाएगी। अस्थायी स्कूल बंद होने के बाद इन स्कूलों में पढ़ने वाले करीब सात हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। इन स्कूलों घरों के नजदीक होने के कारण बच्चे दाखिला ले रहे हैं। ऐसे में यह स्कूल बंद होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कुछ स्कूलों ने तो शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन को अपना लिया है। जिलेभर में कुल 350 स्कूल स्थायी मान्यता प्राप्त हैं। जिलेभर में 56 हाई स्कूल मान्यता प्राप्त है, 120 स्कूल हाई सीनियर सेकेंडरी स्कूल मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों में 36 हाई स्कूल व पांच सीनियर सेकेंडरी और 12 प्राइमरी स्कूल व 18 स्कूल मिडिल स्कूल हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने अब इन स्कूलों पर कार्रवाई करने की योजना बना ली है।
बॉक्स
अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों दिया गया एक साल का समय समाप्त हो रहा है। 30 अप्रैल को जिलेभर के सभी 71 अस्थायी स्कूलों की समय अवधि समाप्त हो रही है। सभी अभिभावकों से अपील है, वह अपने बच्चो को स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल में दाखिला करवाए।
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विजय लक्ष्मी, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।

मिलेगी स्थायी मान्यता
यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुछ नियम पूरे करने वाले स्कूलों को स्थायी मान्यता देने का आश्वासन दिया था। अधिकतर स्कूल यह नियम पूरे करते हैं। ऐसे में सरकार से बातचीत कर स्थायी मान्यता ली जाएगी। बच्चों को घबराने की जरूरत नहीं है।
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पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व प्रधान, प्राइवेट स्कूल संघ।
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