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नगर पालिका और नगर परिषद के प्रधान का सीधा चुनाव कराने की मांग
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नरवाना। प्रदेश में कई नगर पालिका और नगर परिषद में प्रधान को लेकर चल रही खींचतान को लेकर फिर से प्रधान का चुनाव सीधा कराने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। पिछले तीन वर्षों से नरवाना नगर परिषद के प्रधान को लेकर काफी खींचतान चल रही है। नगर पार्षद तीन वर्ष में तीन प्रधान हटा चुके हैं। इस खींचतान में शहर का विकास पटरी से उतर गया है। कई लोगों ने यह भी मांग की है अगर सीधा चुनाव फिलहाल संभव नहीं है तो अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि कम से कम अढ़ाई वर्ष होनी चाहिए। पार्षदों को अपने वोटरों की राय भी लेने की मांग की।
नपा और नप के प्रधान का चुनाव हो सीधा
हर रोज के झगड़े को खत्म करने के लिए प्रधान का चुनाव सीधा कराने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पार्षदों के बीच चलने वाले झगड़े से शहर का विकास प्रभावित होता है।
सुशील कौशिक, एडवोकेट।
अढ़ाई वर्ष में आए अविश्वास प्रस्ताव
शहर में विकास कार्य निरंतर चले इस कवायद में कम से कम अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि अढ़ाई वर्ष होनी चाहिए। आज के कई पार्षद लालच वश एक वर्ष पूरा होने से पूर्व ही प्रधान के खिलाफ काम करना शुरू कर देते हैं।
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सज्जन सिंगला, फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के पूर्व सचिव।
अपने वोटरों से राय ले पार्षद
पार्षदों को भी अपने वोटरों की राय लेकर चलना चाहिए। जिन लोगों के वोट लेकर पार्षद बना है वह पार्षद की कार्यप्रणाली से काफी खफा देखे गए हैं। सरकार को अपने पार्षद को वापिस बुलाने का अख्तियार होना चाहिए।
मोहित बंसल, सामाजिक कार्यकर्ता।
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नरवाना। प्रदेश में कई नगर पालिका और नगर परिषद में प्रधान को लेकर चल रही खींचतान को लेकर फिर से प्रधान का चुनाव सीधा कराने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। पिछले तीन वर्षों से नरवाना नगर परिषद के प्रधान को लेकर काफी खींचतान चल रही है। नगर पार्षद तीन वर्ष में तीन प्रधान हटा चुके हैं। इस खींचतान में शहर का विकास पटरी से उतर गया है। कई लोगों ने यह भी मांग की है अगर सीधा चुनाव फिलहाल संभव नहीं है तो अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि कम से कम अढ़ाई वर्ष होनी चाहिए। पार्षदों को अपने वोटरों की राय भी लेने की मांग की।
नपा और नप के प्रधान का चुनाव हो सीधा
हर रोज के झगड़े को खत्म करने के लिए प्रधान का चुनाव सीधा कराने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पार्षदों के बीच चलने वाले झगड़े से शहर का विकास प्रभावित होता है।
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सुशील कौशिक, एडवोकेट।
अढ़ाई वर्ष में आए अविश्वास प्रस्ताव
शहर में विकास कार्य निरंतर चले इस कवायद में कम से कम अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि अढ़ाई वर्ष होनी चाहिए। आज के कई पार्षद लालच वश एक वर्ष पूरा होने से पूर्व ही प्रधान के खिलाफ काम करना शुरू कर देते हैं।
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सज्जन सिंगला, फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के पूर्व सचिव।
अपने वोटरों से राय ले पार्षद
पार्षदों को भी अपने वोटरों की राय लेकर चलना चाहिए। जिन लोगों के वोट लेकर पार्षद बना है वह पार्षद की कार्यप्रणाली से काफी खफा देखे गए हैं। सरकार को अपने पार्षद को वापिस बुलाने का अख्तियार होना चाहिए।
मोहित बंसल, सामाजिक कार्यकर्ता।