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अर्बन एस्टेट के बी ब्लॉक में लगे गेट को हटवाने पहुंची हुडा की टीम
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:57 AM IST
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अर्बन एस्टेट के बी ब्लॉक में लगे गेट को हटवाने पहुंची हुडा की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
लंबे समय समय चले आ रहे अर्बन एस्टेट के गेटों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह ममाला हाईकोर्ट जा पहुंचा है। हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) का अमला गेट हटाने पहुंचा। यहां लोगों ने संपदा अधिकारी अश्वनी मलिक के समक्ष गेट नहीं हटाने की गुहार तो लगाई, लेकिन उन्होंने अदालत का हवाला देते हुए लोगों की एक नहीं सुनी। अंत में लोगों ने कुछ दिन मोहल्लत मांगी, जिस पर अमला यहां से एक स्पीड ब्रेकर को हटाकर लौट आया। इस दौरान लोगों ने कहा कि कॉलोनी में चेन स्नेचिंग और बहू बेटियों की सुरक्षा के लिए गेट बनाए हैं। इस पर संपदा अधिकारी ने कहा कि बहू बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस है। घरों में ताले लगाओ और सीसीटीवी कैमरे लगाओ।
गौरतलब है कि अर्बन एस्टेट में लोगों ने गलियों में कुछ समय पहले सुरक्षा की दृष्टि से गेट बनाए थे। हालांकि कई जगह अभी भी गेट लगे हुए हैं, लेकिन बी ब्लॉक के इस गेट पर इसी गली में रहने वाले एक व्यक्ति को आपत्ति है। इस पर 2327 मकान नंबर निवासी सत्यवान शाहू ने इस मामले को अदालत में चुनौती दी है। शाहू का कहना है कि अर्बन एस्टेट में गेट नहीं होने चाहिए। इसको लेकर अब अदालत ने गेट हटवाने का आदेश हुड को दिया है। हालाकि करीब डेढ महीना पहले हुडा ने यहां से लोहे का गेट तो हटा दिया, लेकिन गेट के पिल्लर और जाली अभी लगे हुए हैं। इसी को हटाने के लिए टीम शनिवार को पहुंची। करीब एक घंटे की माथपच्ची के बाद कॉलोनी के लोगों ने कुछ और समय मांगा, जिस पर हुडा की टीम वापस लौट आई।
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संपदा अधिकारी बोले मैं जेल चला जाऊं
मौके पर पहुंचे संपदा अधिकारी से जब लोगों ने बार-बार पिल्लर व जाली नहीं हाटाने का आह्वान किया तो उन्होंने कहा कि यह अदालत का आदेश है। उनके लिए वे जेल चले जाएंगे क्या।
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कॉलोनी के लोगों के तीखे सवाल
जिस समय संपदा अधिकारी अश्वनी मलिक पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वे किसी की निजी संपत्ति को नहीं हुडा की जमीन को खाली करवा रहे हैं। इस पर लोगों ने कहा कि हुडा उनकी टूटी हुई सड़कों की सुध क्यों नहीं लेता। इस पर संपदा अधिकारी ने कहा कि यह मामला नगरपरिषद का है, वहां जाओ।
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अधिकारियों पर भरोसा
यह मेरा अकेले का मामला नहीं है। गेट लगाकर कुछ लोग जमीन को हथियाना चाहते हैं। लड़ाई सिर्फ अधिकार की है। अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। यदि अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो फिर से अदालत का रुख किया जाएगा।
-सत्यवान शाहू, शिकायतकर्ता।
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यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की जा रही है। अदालत को तय समय में जवाब देना है। लोगों ने आपसी स्तर पर मामला निपटाने के लिए कुछ समय मांगा है। ऐसा नहीं हुआ तो अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
-अश्वनी मलिक, संपदा अधिकारी हुडा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
लंबे समय समय चले आ रहे अर्बन एस्टेट के गेटों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह ममाला हाईकोर्ट जा पहुंचा है। हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) का अमला गेट हटाने पहुंचा। यहां लोगों ने संपदा अधिकारी अश्वनी मलिक के समक्ष गेट नहीं हटाने की गुहार तो लगाई, लेकिन उन्होंने अदालत का हवाला देते हुए लोगों की एक नहीं सुनी। अंत में लोगों ने कुछ दिन मोहल्लत मांगी, जिस पर अमला यहां से एक स्पीड ब्रेकर को हटाकर लौट आया। इस दौरान लोगों ने कहा कि कॉलोनी में चेन स्नेचिंग और बहू बेटियों की सुरक्षा के लिए गेट बनाए हैं। इस पर संपदा अधिकारी ने कहा कि बहू बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस है। घरों में ताले लगाओ और सीसीटीवी कैमरे लगाओ।
गौरतलब है कि अर्बन एस्टेट में लोगों ने गलियों में कुछ समय पहले सुरक्षा की दृष्टि से गेट बनाए थे। हालांकि कई जगह अभी भी गेट लगे हुए हैं, लेकिन बी ब्लॉक के इस गेट पर इसी गली में रहने वाले एक व्यक्ति को आपत्ति है। इस पर 2327 मकान नंबर निवासी सत्यवान शाहू ने इस मामले को अदालत में चुनौती दी है। शाहू का कहना है कि अर्बन एस्टेट में गेट नहीं होने चाहिए। इसको लेकर अब अदालत ने गेट हटवाने का आदेश हुड को दिया है। हालाकि करीब डेढ महीना पहले हुडा ने यहां से लोहे का गेट तो हटा दिया, लेकिन गेट के पिल्लर और जाली अभी लगे हुए हैं। इसी को हटाने के लिए टीम शनिवार को पहुंची। करीब एक घंटे की माथपच्ची के बाद कॉलोनी के लोगों ने कुछ और समय मांगा, जिस पर हुडा की टीम वापस लौट आई।
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संपदा अधिकारी बोले मैं जेल चला जाऊं
मौके पर पहुंचे संपदा अधिकारी से जब लोगों ने बार-बार पिल्लर व जाली नहीं हाटाने का आह्वान किया तो उन्होंने कहा कि यह अदालत का आदेश है। उनके लिए वे जेल चले जाएंगे क्या।
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कॉलोनी के लोगों के तीखे सवाल
जिस समय संपदा अधिकारी अश्वनी मलिक पहुंचे तो उन्होंने कहा कि वे किसी की निजी संपत्ति को नहीं हुडा की जमीन को खाली करवा रहे हैं। इस पर लोगों ने कहा कि हुडा उनकी टूटी हुई सड़कों की सुध क्यों नहीं लेता। इस पर संपदा अधिकारी ने कहा कि यह मामला नगरपरिषद का है, वहां जाओ।
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अधिकारियों पर भरोसा
यह मेरा अकेले का मामला नहीं है। गेट लगाकर कुछ लोग जमीन को हथियाना चाहते हैं। लड़ाई सिर्फ अधिकार की है। अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। यदि अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो फिर से अदालत का रुख किया जाएगा।
-सत्यवान शाहू, शिकायतकर्ता।
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यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की जा रही है। अदालत को तय समय में जवाब देना है। लोगों ने आपसी स्तर पर मामला निपटाने के लिए कुछ समय मांगा है। ऐसा नहीं हुआ तो अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
-अश्वनी मलिक, संपदा अधिकारी हुडा।