{"_id":"5963cf004f1c1b95418b4802","slug":"51499713280-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल आश्रम स्कूल के स्टाफ रूम में मिली चारपाई और गंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल आश्रम स्कूल के स्टाफ रूम में मिली चारपाई और गंदगी
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
बोर्ड परीक्षाओं में खराब परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने सोमवार भिवानी रोड स्थित बाल आश्रम स्कूल पहुंची। इस दौरान सातवीं और नौवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों का लर्निंग लेवल जांचा। इसमें डीईओ ने असंतोष जताया। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता के अनुसार बाल आश्रम स्कूल में स्थिति बहुत ही दयनीय मिली। यहां सातवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थी सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा स्कूल के स्टाफ रूम में चारपाई पड़ी मिली। स्कूल में गंदगी भी मिली। ऐसे में स्कूल को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से स्कूलों की जांच की जाएगी।
डीईओ के खिलाफ एकजुट हुई स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) की जिला कार्यकारिणी ने बैठक कर जिला शिक्षा अधिकारी के रवैये पर रोष जताया। जिला प्रधान राजबीर रेढू ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बयान दिया है कि शिक्षकों का ध्यान पढ़ाने में कम आराम में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद, आपत्तिजनक तथा गैर जिम्मेदाराना बयान है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में किसी प्रकार खामियां नहीं पाई गई। रेढू ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बेवजह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआरडीबी सर्वे में अनेक शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षक दोषी नहीं है, बल्कि सरकार और शिक्षा विभाग की गलत शिक्षा नीति है।
हसला प्रधान खुद जाकर देख लें व्यवस्था
वास्तव में स्कूलों की हालत बहुत ही खराब है। जहां-जहां निरीक्षण किया है, वहां की हालत खुद हसला प्रधान देख लें। बच्चों को कुछ भी नहीं आता है। परीक्षा परिणाम शून्य रहते हैं। -वंदना गुप्ता, डीईओ
विज्ञापन
बाल आश्रम स्कूल के स्टाफ रूम में मिली चारपाई और गंदगी
जांच करने पहुंची जिला शिक्षा अधिकारी, अब नोटिस की तैयारी
सातवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थी नहीं दे पाए सवालों के जवाब
जींद।
बोर्ड परीक्षाओं में खराब परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता ने सोमवार भिवानी रोड स्थित बाल आश्रम स्कूल पहुंची। इस दौरान सातवीं और नौवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों का लर्निंग लेवल जांचा। इसमें डीईओ ने असंतोष जताया। जिला शिक्षा अधिकारी वंदना गुप्ता के अनुसार बाल आश्रम स्कूल में स्थिति बहुत ही दयनीय मिली। यहां सातवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थी सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा स्कूल के स्टाफ रूम में चारपाई पड़ी मिली। स्कूल में गंदगी भी मिली। ऐसे में स्कूल को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से स्कूलों की जांच की जाएगी।
डीईओ के खिलाफ एकजुट हुई स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) की जिला कार्यकारिणी ने बैठक कर जिला शिक्षा अधिकारी के रवैये पर रोष जताया। जिला प्रधान राजबीर रेढू ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बयान दिया है कि शिक्षकों का ध्यान पढ़ाने में कम आराम में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद, आपत्तिजनक तथा गैर जिम्मेदाराना बयान है। जिला शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में किसी प्रकार खामियां नहीं पाई गई। रेढू ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बेवजह के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआरडीबी सर्वे में अनेक शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षक दोषी नहीं है, बल्कि सरकार और शिक्षा विभाग की गलत शिक्षा नीति है।
विज्ञापन
हसला प्रधान खुद जाकर देख लें व्यवस्था
वास्तव में स्कूलों की हालत बहुत ही खराब है। जहां-जहां निरीक्षण किया है, वहां की हालत खुद हसला प्रधान देख लें। बच्चों को कुछ भी नहीं आता है। परीक्षा परिणाम शून्य रहते हैं। -वंदना गुप्ता, डीईओ
विज्ञापन
बाल आश्रम स्कूल के स्टाफ रूम में मिली चारपाई और गंदगी
जांच करने पहुंची जिला शिक्षा अधिकारी, अब नोटिस की तैयारी
सातवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थी नहीं दे पाए सवालों के जवाब