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Jind News: अमेरिका भेजने के नाम पर 49.46 लाख ठगे, युवक को बंधक बनाकर पीटा और करंट लगाया
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जींद। अमेरिका भेजने के नाम पर जिले के ढाबी टेक सिंह गांव निवासी जयदीप से करीब 49.46 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को सूरीनाम से पनामा के जंगलों और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजा गया।
इस दौरान जयदीप को बंधक बनाकर पीटा, करंट लगाया गया और खाना-पीना तक नहीं दिया। अमेरिका पहुंचने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में डिपोर्ट होने पर वह भारत लौट आए। गढ़ी थाना पुलिस ने अनूप, राहुल, चरण सिंह, भगता सिंह और हरिसिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ढाबी टेक सिंह निवासी जयदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2022 में कैथल जिले के भागल गांव में हुई थी। वर्ष 2024 में अमेरिका जाने के लिए उन्होंने अपने ससुर के माध्यम से भागल निवासी चरण सिंह, उसके पिता हरिसिंह और भगता सिंह से संपर्क किया। आरोप है कि चरण सिंह ने 45 लाख रुपये में सुरक्षित और कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए।
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शिकायत के अनुसार, 29 अगस्त 2024 को दिल्ली एयरपोर्ट के पास अनूप और राहुल उनसे मिले और टूरिस्ट वीजा पर सूरीनाम भेज दिया। नौ सितंबर को वहां पहुंचने के बाद उन्हें आगे भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये मांगे गए।
जयदीप ने अमेरिका पहुंचने के बाद भुगतान करने की तय शर्त का हवाला दिया लेकिन आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। परिवार ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए अनूप के खाते में 12 लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद भी अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाई गई।
पनामा के जंगलों से मैक्सिको पहुंचाया, बंदूक के बल पर मांगे रुपये
जयदीप का आरोप है कि उन्हें हवाई जहाज के बजाय कार के जरिये ले जाया गया और पनामा के जंगलों में बंदूक के बल पर रुपये मांगे। राहुल के घर भेजे जाने पर परिवार ने 15 लाख रुपये भी दिए। 17 जनवरी 2025 को वह मैक्सिको पहुंचे जहां उन्हें कथित तौर पर माफिया के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि 11 मार्च तक उसे बंधक बनाकर पीटा गया, करंट लगाया गया और खाना भी नहीं दिया। इसके बाद बंदूक की नोक पर अमेरिका की सीमा पार करवाई। अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल में रखा गया। 24 जून 2025 को डिपोर्ट किए जाने के बाद वह 25 जून को भारत लौट।
पंचायत में रुपये लौटाने का आश्वासन, बाद में मुकरे आरोपी
जयदीप ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके परिवार ने अलग-अलग तारीखों पर करीब 49.46 लाख रुपये आरोपियों के खातों में जमा करवाए और नकद भी दिए। भारत लौटने के बाद रुपये वापस मांगने पर पंचायत हुई। पंचायत में हरिसिंह ने 37 लाख रुपये लौटाने की जिम्मेदारी ली थी। भगता सिंह की ओर से जयदीप के ससुर को दो लाख रुपये नकद और उसके भाई को दो लाख रुपये ऑनलाइन दिए जाने की बात भी सामने आई। शेष रकम लौटाने में आनाकानी की गई और पैसे मांगने पर धमकियां दी गई।
वर्जन
पुलिस ने मामले में अनूप, राहुल, चरण सिंह, भगता सिंह और हरिसिंह के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -बलवान सिंह, प्रभारी, पुलिस थाना गढ़ी
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इस दौरान जयदीप को बंधक बनाकर पीटा, करंट लगाया गया और खाना-पीना तक नहीं दिया। अमेरिका पहुंचने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में डिपोर्ट होने पर वह भारत लौट आए। गढ़ी थाना पुलिस ने अनूप, राहुल, चरण सिंह, भगता सिंह और हरिसिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ढाबी टेक सिंह निवासी जयदीप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2022 में कैथल जिले के भागल गांव में हुई थी। वर्ष 2024 में अमेरिका जाने के लिए उन्होंने अपने ससुर के माध्यम से भागल निवासी चरण सिंह, उसके पिता हरिसिंह और भगता सिंह से संपर्क किया। आरोप है कि चरण सिंह ने 45 लाख रुपये में सुरक्षित और कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए।
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शिकायत के अनुसार, 29 अगस्त 2024 को दिल्ली एयरपोर्ट के पास अनूप और राहुल उनसे मिले और टूरिस्ट वीजा पर सूरीनाम भेज दिया। नौ सितंबर को वहां पहुंचने के बाद उन्हें आगे भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये मांगे गए।
जयदीप ने अमेरिका पहुंचने के बाद भुगतान करने की तय शर्त का हवाला दिया लेकिन आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। परिवार ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए अनूप के खाते में 12 लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद भी अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाई गई।
पनामा के जंगलों से मैक्सिको पहुंचाया, बंदूक के बल पर मांगे रुपये
जयदीप का आरोप है कि उन्हें हवाई जहाज के बजाय कार के जरिये ले जाया गया और पनामा के जंगलों में बंदूक के बल पर रुपये मांगे। राहुल के घर भेजे जाने पर परिवार ने 15 लाख रुपये भी दिए। 17 जनवरी 2025 को वह मैक्सिको पहुंचे जहां उन्हें कथित तौर पर माफिया के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि 11 मार्च तक उसे बंधक बनाकर पीटा गया, करंट लगाया गया और खाना भी नहीं दिया। इसके बाद बंदूक की नोक पर अमेरिका की सीमा पार करवाई। अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल में रखा गया। 24 जून 2025 को डिपोर्ट किए जाने के बाद वह 25 जून को भारत लौट।
पंचायत में रुपये लौटाने का आश्वासन, बाद में मुकरे आरोपी
जयदीप ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनके परिवार ने अलग-अलग तारीखों पर करीब 49.46 लाख रुपये आरोपियों के खातों में जमा करवाए और नकद भी दिए। भारत लौटने के बाद रुपये वापस मांगने पर पंचायत हुई। पंचायत में हरिसिंह ने 37 लाख रुपये लौटाने की जिम्मेदारी ली थी। भगता सिंह की ओर से जयदीप के ससुर को दो लाख रुपये नकद और उसके भाई को दो लाख रुपये ऑनलाइन दिए जाने की बात भी सामने आई। शेष रकम लौटाने में आनाकानी की गई और पैसे मांगने पर धमकियां दी गई।
वर्जन
पुलिस ने मामले में अनूप, राहुल, चरण सिंह, भगता सिंह और हरिसिंह के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -बलवान सिंह, प्रभारी, पुलिस थाना गढ़ी