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घर-घर पड़े बीमार, दवा करो सरकार
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
मौसम के मिजाज बदल रहे हैं। गुलाबी ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्ग हर कोई बुखार से पीड़ित है। पिछले करीब एक सप्ताह में ओपीडी की संख्या बढ़ गई है।
जींद के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 300 मरीजों तक की संख्या अधिक हो गई है। पहले प्रतिदिन 1200 मरीज आते थे, अब इनकी संख्या 1500 के पार हो गई है। इन डोर मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। करीब 15 दिन में जिले भर में डेंगू के 20 नए मरीज सामने आए हैं। अब जिला में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 31 तक पहुंच गई है। सोमवार को कई दिन की छुट्टी के बाद अस्पताल खुला तो 400 लोगों के खून के सैंपल लिए गए। बदलते मौसम से जिले में वायर और डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जिला भर के लोग बेहाल हैं।
जिले के जींद, नरवाना, सफीदों और उचाना चारों नागरिक अस्पतालों में पिछले दो सप्ताह में ओपीडी की संख्या बढ़ी है। जींद नागरिक अस्पताल में करीब 1500 मरीजों की ओपीडी हुई, इनमें से 350 से अधिक मरीज वायरल से पीड़ित रहे। ऐसे में लोगों के साथ वायरल ने स्वास्थ्य विभाग की भी तबीयत खराब कर दी है। वर्ष 2015 में जिले में मलेरिया के कुल 45 मामले सामने आए थे और डेंगू के 668। वहीं 2016में मलेरिया के 17 और डेंगू के 157 मरीज सामने आए। इस साल अब तक मलेरिया के 26 और डेंगू के 31 केस सामने आ चुके हैं।
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सावधानी ही बचाव
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार इस मौसम में सावधानी रख कर ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सिविल सर्जन के अनुसार वायरल से पीड़ित मरीज के सीधे संपर्क में नहीं आए। स्वच्छता का खास ध्यान रखें। बीमार आदमी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। पीड़ित होने पर नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं।
ऐसे करें पहचान
वायरल बुखार में भी डेंगू तरह ही प्लेटलेट्स घटते हैं। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार बदन दर्द करेगा और मरीज को तेज बुखार आएगा। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है।
लूट से बचें
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार कुछ निजी अस्पताल मरीजों को डरा कर लूटने का काम करते हैं, लेकिन मरीजों को सावधान रहना है। फिलहाल वायरल का ही अधिक प्रकोप है, लेकिन डेंगू की स्थिति में भी यदि निजी अस्पताल पुष्टी करता है तो मरीज के टेस्ट सरकारी अस्पताल में भी करवा लें।
नारियल पानी सहित देसी नुस्खों पर भी विश्वास
बुखार की स्थिति में मरीज और उनके परिजन कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहते। ऐसे में लोग नारियल पानी, बकरी का दूध, गिलोय बेल का रस पी रहे हैं। इसके साथ ही कीवी और पपीता का सेवन भी करते हैं।
टेस्ट के नाम पर चक्कर घिन्नी
बुखार के मरीजों को अन्य टेस्टों के साथ डॉक्टर सीबीसी टेस्ट भी लिखते हैं। इससे प्लेट्लेटस की जांच होती है। मरीज टेस्ट करवाने के लिए लैब में जाता है तो उसे नए भवन में भेज दिया जाता है। यहां करीब 30 से 40 मिनट के बाद जब मरीज का नंबर रक्त का नमूना देने के लिए आता है तो उसे बताया जाता है कि इसके लिए पैसे का भुगतान कर पर्ची कटवाओ। इस पर मरीज या तिमारदार वापस पुराने भवन में आता है और पर्ची कटवाने के बाद फिर से 30-40 मिनट लाइन मेें लग कर सैंपल देता है। इस पर सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि चिकित्सक ही अब टेस्ट लिखते समय मरीज को बताएंगे कि सीबीसी के लिए पहले पर्ची कटवा लें। इससे समय बर्बाद नहीं होगा।
काफी दिनों से आ रहा बुखार
बहुत दिनों से बुखार आ रहा है। निजी अस्पताल में टेस्ट करवाया था। उसमे प्लेटनेस कम बताई गईं, लेकिन निजी अस्पताल में दवाई लेने के बाद भी आराम नहीं हुआ। अब सरकारी अस्पताल में आए है, यहां व्यवस्था खराब है, सुबह से लाइन में खड़े है, अभी तक नंबर नहीं आया।
धर्मबीर, मरीज रामकॉलोनी निवासी।
बुखार और सिरदर्द की शिकायत
आठ दिनों से बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी। नागरिक अस्पताल आने के बाद पता चला कि प्लेट बहुत कम हैं। अस्पताल में पिछले चार दिन से भर्ती हैं। यहां पर ठीक से भी कोई संभाल नहीं हो रही है। डॉक्टरों ने बताया कि 70 हजार प्लेट बची है। इस वजह से चिंता हो रही है
गुलाब सिंह, मरीज रेवर गांव।
इस बार वायरल बुखार का प्रकोप अधिक है। हालांकि, डेंगू नियंत्रण में है, लेकिन फिर भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ठंड बढ़ने के साथ ही यह समाप्त हो जाएगा। वायरल में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डेंगू का टेस्ट सरकारी अस्पताल में जरूर करवाएं।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, जींद।
सफीदों में 500 से 800 हुई ओपीडी
सफीदों में भी वायरल बुखार ने लोगों को परेशान किया हुआ है। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल में 500 मरीजों की ओपीडी होती थी। सोमवार को मरीजों की संख्या 800 तक पहुंच गई। इसमें से आधे मरीज वायरल से पीड़ित हैं।
निजी लैब में डेंगू टेस्ट पर रोक
एसडीएम विरेंद्र सांगवान ने सफीदों में निजी लैब में डेंगू घोषित करने पर रोक लगा दी है। अपने आदेशों में उन्होंने कहा कि कोई भी निजी क्लीनिक और लैब संचालक बिना सरकारी इजाजत के डेंगू बुखार घोषित नहीं कर सकता।
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जींद।
मौसम के मिजाज बदल रहे हैं। गुलाबी ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्ग हर कोई बुखार से पीड़ित है। पिछले करीब एक सप्ताह में ओपीडी की संख्या बढ़ गई है।
जींद के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 300 मरीजों तक की संख्या अधिक हो गई है। पहले प्रतिदिन 1200 मरीज आते थे, अब इनकी संख्या 1500 के पार हो गई है। इन डोर मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। करीब 15 दिन में जिले भर में डेंगू के 20 नए मरीज सामने आए हैं। अब जिला में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 31 तक पहुंच गई है। सोमवार को कई दिन की छुट्टी के बाद अस्पताल खुला तो 400 लोगों के खून के सैंपल लिए गए। बदलते मौसम से जिले में वायर और डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जिला भर के लोग बेहाल हैं।
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जिले के जींद, नरवाना, सफीदों और उचाना चारों नागरिक अस्पतालों में पिछले दो सप्ताह में ओपीडी की संख्या बढ़ी है। जींद नागरिक अस्पताल में करीब 1500 मरीजों की ओपीडी हुई, इनमें से 350 से अधिक मरीज वायरल से पीड़ित रहे। ऐसे में लोगों के साथ वायरल ने स्वास्थ्य विभाग की भी तबीयत खराब कर दी है। वर्ष 2015 में जिले में मलेरिया के कुल 45 मामले सामने आए थे और डेंगू के 668। वहीं 2016में मलेरिया के 17 और डेंगू के 157 मरीज सामने आए। इस साल अब तक मलेरिया के 26 और डेंगू के 31 केस सामने आ चुके हैं।
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सावधानी ही बचाव
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार इस मौसम में सावधानी रख कर ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सिविल सर्जन के अनुसार वायरल से पीड़ित मरीज के सीधे संपर्क में नहीं आए। स्वच्छता का खास ध्यान रखें। बीमार आदमी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। पीड़ित होने पर नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं।
ऐसे करें पहचान
वायरल बुखार में भी डेंगू तरह ही प्लेटलेट्स घटते हैं। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार बदन दर्द करेगा और मरीज को तेज बुखार आएगा। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है।
लूट से बचें
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार कुछ निजी अस्पताल मरीजों को डरा कर लूटने का काम करते हैं, लेकिन मरीजों को सावधान रहना है। फिलहाल वायरल का ही अधिक प्रकोप है, लेकिन डेंगू की स्थिति में भी यदि निजी अस्पताल पुष्टी करता है तो मरीज के टेस्ट सरकारी अस्पताल में भी करवा लें।
नारियल पानी सहित देसी नुस्खों पर भी विश्वास
बुखार की स्थिति में मरीज और उनके परिजन कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहते। ऐसे में लोग नारियल पानी, बकरी का दूध, गिलोय बेल का रस पी रहे हैं। इसके साथ ही कीवी और पपीता का सेवन भी करते हैं।
टेस्ट के नाम पर चक्कर घिन्नी
बुखार के मरीजों को अन्य टेस्टों के साथ डॉक्टर सीबीसी टेस्ट भी लिखते हैं। इससे प्लेट्लेटस की जांच होती है। मरीज टेस्ट करवाने के लिए लैब में जाता है तो उसे नए भवन में भेज दिया जाता है। यहां करीब 30 से 40 मिनट के बाद जब मरीज का नंबर रक्त का नमूना देने के लिए आता है तो उसे बताया जाता है कि इसके लिए पैसे का भुगतान कर पर्ची कटवाओ। इस पर मरीज या तिमारदार वापस पुराने भवन में आता है और पर्ची कटवाने के बाद फिर से 30-40 मिनट लाइन मेें लग कर सैंपल देता है। इस पर सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि चिकित्सक ही अब टेस्ट लिखते समय मरीज को बताएंगे कि सीबीसी के लिए पहले पर्ची कटवा लें। इससे समय बर्बाद नहीं होगा।
काफी दिनों से आ रहा बुखार
बहुत दिनों से बुखार आ रहा है। निजी अस्पताल में टेस्ट करवाया था। उसमे प्लेटनेस कम बताई गईं, लेकिन निजी अस्पताल में दवाई लेने के बाद भी आराम नहीं हुआ। अब सरकारी अस्पताल में आए है, यहां व्यवस्था खराब है, सुबह से लाइन में खड़े है, अभी तक नंबर नहीं आया।
धर्मबीर, मरीज रामकॉलोनी निवासी।
बुखार और सिरदर्द की शिकायत
आठ दिनों से बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी। नागरिक अस्पताल आने के बाद पता चला कि प्लेट बहुत कम हैं। अस्पताल में पिछले चार दिन से भर्ती हैं। यहां पर ठीक से भी कोई संभाल नहीं हो रही है। डॉक्टरों ने बताया कि 70 हजार प्लेट बची है। इस वजह से चिंता हो रही है
गुलाब सिंह, मरीज रेवर गांव।
इस बार वायरल बुखार का प्रकोप अधिक है। हालांकि, डेंगू नियंत्रण में है, लेकिन फिर भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ठंड बढ़ने के साथ ही यह समाप्त हो जाएगा। वायरल में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। डेंगू का टेस्ट सरकारी अस्पताल में जरूर करवाएं।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, जींद।
सफीदों में 500 से 800 हुई ओपीडी
सफीदों में भी वायरल बुखार ने लोगों को परेशान किया हुआ है। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल में 500 मरीजों की ओपीडी होती थी। सोमवार को मरीजों की संख्या 800 तक पहुंच गई। इसमें से आधे मरीज वायरल से पीड़ित हैं।
निजी लैब में डेंगू टेस्ट पर रोक
एसडीएम विरेंद्र सांगवान ने सफीदों में निजी लैब में डेंगू घोषित करने पर रोक लगा दी है। अपने आदेशों में उन्होंने कहा कि कोई भी निजी क्लीनिक और लैब संचालक बिना सरकारी इजाजत के डेंगू बुखार घोषित नहीं कर सकता।