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साढ़े तीन वर्ष में 450 नशा तस्कर काबू, 300 मामले दर्ज, फिर भी नहीं रुक रही तस्करी
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सुशील टुर्ण
जींद। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश से नशा लाकर पंजाब में सप्लाई करने के लिए नशा तस्करों ने जींद को कॉरिडोर बनाया हुआ है। इसको लेकर पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है। जिसके चलते जिले में कहीं न कहीं हर तीसरे और चौथे दिन एक नशा तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ रहा है। एसएसपी जींद वसीम अकरम के अनुसार पिछले साढ़े तीन वर्ष में जिला पुलिस ने नशा तस्करी को रोकने के लिए 450 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया, जबकि 300 मामले दर्ज किए हैं। इसके बावजूद तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है।
राजस्थान व उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश से ट्रकों में भारी मात्रा में नशे की खेप लाई जा रही है। जिला पुलिस हर दिन नशा तस्करों को पकड़ने के लिए मुस्तैद रहती है। इसके बावजूद भी नशा तस्करी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा। इन राज्यों से तस्कर नशीले पदार्थ लाकर पंजाब के अलावा जींद के कुछ हिस्सों तथा अन्य राज्यों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके कारण सभी तस्करों को जींद के मार्ग से ही आना पड़ता है।
शुक्रवार रात को सीआईए नरवाना ने खरल गांव से एक युवक को 20.26 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा है। सीआईए के एएसआई रविंद्र ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि खरल गांव में एक व्यक्ति हेरोइन की सप्लाई करता है। जब बताए गए स्थान पर छापा मारा तो वहां पर खरल गांव निवासी राकेश मिला और उसके पास से 20.26 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। संवाद
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पिछले वर्ष मध्य प्रदेश से प्याज में छिपाकर लाई गई थी डोडा पोस्त की बड़ी खेप
पिछले वर्ष दिसंबर 2020 में डोडा पोस्त की बड़ी खेप सीआईए द्वारा पकड़ी गई थी। डोडा पोस्त को मध्य प्रदेश से लाया गया था। करनाल जिले के ईदगाह निवासी राकेश ट्रक में मध्यप्रदेश से प्याज में लगभग 800 किलोग्राम भरकर लाया था। इस मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने सात आरोपियों को जेल भेजा है।
2019 और 2020 में लगभग बराबर आए तस्करी के मामले
जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले 2019 और 2020 में लगभग बराबर हैं, लेकिन 2020 में बरामद विभिन्न तरह के नशीले पदार्थों का वजन दो से तीन गुना अधिक है। जिले में सबसे ज्यादा डोडा पोस्त की तस्करी हो रही है। 2019 में 829 तो 2020 में 1242 किलोग्राम डोडा पोस्त पुलिस द्वारा पकड़ा गया है।
नशीले पदार्थों के आंकड़े किलोग्राम में
नशीला पदार्थ 2018 2019 2020 2021
अफीम 2.6 .216 3.662 1.5 किलोग्राम
हेरोइन 0.0 0.02 1.513 .318
भूकी 0.0 237.25 534.02 753
चरस 34.6 7.786 24.919 4.2
स्मैक .400 8.339 2.892 .3
गांजा 913 11.85 365.37 13.7
डोडा पोस्त 197 829.29 1242.32 0.0
मेडिसन टेबलेट 17415 41740 103520 2370
बाक्स
दर्ज मामलों की संख्या व गिरफ्तारी
वर्ष मामले दर्ज गिरफ्तारी
2018 104 133
2019 78 115
2020 83 143
2021 35 59
नशा तस्करी को रोकने के लिए जनता के सहयोग की जरूरत
जिले में नशा तस्करी को रोकने के लिए जनता के सहयोग की जरूरत है। ताकि सभी नशा तस्करों को अदालत से कड़ी सजा दिलवाई जा सके। अगर सामाजिक संस्थाओं के लोग या फिर कोई भी आदमी नशा तस्करों को पकड़वाने में पुलिस का सहयोग करना चाहता है या फिर पुलिस के साथ मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ गवाह बनना चाहता है। वह पुलिस से संपर्क कर सकता है। कई बार गवाह न होने के कारण अपराधी अदालत से बरी हो जाते हैं। इसलिए मौके पर सामाजिक लोग गवाह बन सकते हैं। पुलिस की रेड में सहयोग कर सकते हैं। अगर किसी को नशा तस्करी के बारे में जानकारी देनी है तो वह पुलिस अधीक्षक के 8814011500 नंबर पर जानकारी या फिर संबंधित थाने के एसएचओ को संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं।
- वसीम अकरम, एसएसपी जींद।
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जींद। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश से नशा लाकर पंजाब में सप्लाई करने के लिए नशा तस्करों ने जींद को कॉरिडोर बनाया हुआ है। इसको लेकर पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है। जिसके चलते जिले में कहीं न कहीं हर तीसरे और चौथे दिन एक नशा तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ रहा है। एसएसपी जींद वसीम अकरम के अनुसार पिछले साढ़े तीन वर्ष में जिला पुलिस ने नशा तस्करी को रोकने के लिए 450 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया, जबकि 300 मामले दर्ज किए हैं। इसके बावजूद तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है।
राजस्थान व उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश से ट्रकों में भारी मात्रा में नशे की खेप लाई जा रही है। जिला पुलिस हर दिन नशा तस्करों को पकड़ने के लिए मुस्तैद रहती है। इसके बावजूद भी नशा तस्करी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा। इन राज्यों से तस्कर नशीले पदार्थ लाकर पंजाब के अलावा जींद के कुछ हिस्सों तथा अन्य राज्यों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इसके कारण सभी तस्करों को जींद के मार्ग से ही आना पड़ता है।
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शुक्रवार रात को सीआईए नरवाना ने खरल गांव से एक युवक को 20.26 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार चल रहा है। सीआईए के एएसआई रविंद्र ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि खरल गांव में एक व्यक्ति हेरोइन की सप्लाई करता है। जब बताए गए स्थान पर छापा मारा तो वहां पर खरल गांव निवासी राकेश मिला और उसके पास से 20.26 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। संवाद
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पिछले वर्ष मध्य प्रदेश से प्याज में छिपाकर लाई गई थी डोडा पोस्त की बड़ी खेप
पिछले वर्ष दिसंबर 2020 में डोडा पोस्त की बड़ी खेप सीआईए द्वारा पकड़ी गई थी। डोडा पोस्त को मध्य प्रदेश से लाया गया था। करनाल जिले के ईदगाह निवासी राकेश ट्रक में मध्यप्रदेश से प्याज में लगभग 800 किलोग्राम भरकर लाया था। इस मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने सात आरोपियों को जेल भेजा है।
2019 और 2020 में लगभग बराबर आए तस्करी के मामले
जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले 2019 और 2020 में लगभग बराबर हैं, लेकिन 2020 में बरामद विभिन्न तरह के नशीले पदार्थों का वजन दो से तीन गुना अधिक है। जिले में सबसे ज्यादा डोडा पोस्त की तस्करी हो रही है। 2019 में 829 तो 2020 में 1242 किलोग्राम डोडा पोस्त पुलिस द्वारा पकड़ा गया है।
नशीले पदार्थों के आंकड़े किलोग्राम में
नशीला पदार्थ 2018 2019 2020 2021
अफीम 2.6 .216 3.662 1.5 किलोग्राम
हेरोइन 0.0 0.02 1.513 .318
भूकी 0.0 237.25 534.02 753
चरस 34.6 7.786 24.919 4.2
स्मैक .400 8.339 2.892 .3
गांजा 913 11.85 365.37 13.7
डोडा पोस्त 197 829.29 1242.32 0.0
मेडिसन टेबलेट 17415 41740 103520 2370
बाक्स
दर्ज मामलों की संख्या व गिरफ्तारी
वर्ष मामले दर्ज गिरफ्तारी
2018 104 133
2019 78 115
2020 83 143
2021 35 59
नशा तस्करी को रोकने के लिए जनता के सहयोग की जरूरत
जिले में नशा तस्करी को रोकने के लिए जनता के सहयोग की जरूरत है। ताकि सभी नशा तस्करों को अदालत से कड़ी सजा दिलवाई जा सके। अगर सामाजिक संस्थाओं के लोग या फिर कोई भी आदमी नशा तस्करों को पकड़वाने में पुलिस का सहयोग करना चाहता है या फिर पुलिस के साथ मिलकर नशा तस्करों के खिलाफ गवाह बनना चाहता है। वह पुलिस से संपर्क कर सकता है। कई बार गवाह न होने के कारण अपराधी अदालत से बरी हो जाते हैं। इसलिए मौके पर सामाजिक लोग गवाह बन सकते हैं। पुलिस की रेड में सहयोग कर सकते हैं। अगर किसी को नशा तस्करी के बारे में जानकारी देनी है तो वह पुलिस अधीक्षक के 8814011500 नंबर पर जानकारी या फिर संबंधित थाने के एसएचओ को संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं।
- वसीम अकरम, एसएसपी जींद।