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Jind News: लिपिकों की हड़ताल से 35 प्रतिशत अटकी रजिस्ट्री
Wed, 14 Aug 2024 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 14 Aug 2024 01:01 AM IST
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जींद। जिलाभर के सभी सरकारी कार्यालयों के लिपिक तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। लिपिक पे ग्रेड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी हड़ताल का असर अब आमजन के कार्यों पर पड़ने लगा है। मंगलवार को जींद तहसील में 52 रजिस्ट्रियां हुईं, जबकि तहसील कार्यालय में रोजाना एक दिन में करीब 80 होती हैं।
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा के राज्य कार्यकारणी सदस्य सुशील लाठर के अनुसार क्लर्कों की हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालयों में पहुंची हुई आमजन से जुड़ी शिकायतें व सरकारी काम की फाइलें भी आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। कार्यालयों में रिकॉर्ड रखने, मुख्यालय से आने वाली फाइलों, मेल व अधिकारियों के ऑर्डर जारी करने संबंधित काम ठप हो गए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो तीन दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन में बदल देंगे, जबकि पिछले साल भी 5 जुलाई से 15 अगस्त तक 35400 की मांग को लेकर 42 दिन हड़ताल की गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की थी। वहीं उस समय कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांग पूरी की जाएगी और उनके 42 दिन की हड़ताल को ड्यूटी पीरियड में काउंट किया जाएगा, लेकिन सरकार ने उसे ड्यूटी पीरियड में गिनने के बजाय ईएल में एडजस्ट कर दिया। जिला प्रधान राजपाल दूहन, राज्य कार्यकारिणी सदस्य चितरंजन साहु ने कहा कि सरकार लिपिक वर्ग की मांग को लेकर ढीला रवैया अपना रही है।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा के राज्य कार्यकारणी सदस्य सुशील लाठर के अनुसार क्लर्कों की हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालयों में पहुंची हुई आमजन से जुड़ी शिकायतें व सरकारी काम की फाइलें भी आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। कार्यालयों में रिकॉर्ड रखने, मुख्यालय से आने वाली फाइलों, मेल व अधिकारियों के ऑर्डर जारी करने संबंधित काम ठप हो गए हैं।
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कर्मचारियों का कहना है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो तीन दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन में बदल देंगे, जबकि पिछले साल भी 5 जुलाई से 15 अगस्त तक 35400 की मांग को लेकर 42 दिन हड़ताल की गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की थी। वहीं उस समय कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांग पूरी की जाएगी और उनके 42 दिन की हड़ताल को ड्यूटी पीरियड में काउंट किया जाएगा, लेकिन सरकार ने उसे ड्यूटी पीरियड में गिनने के बजाय ईएल में एडजस्ट कर दिया। जिला प्रधान राजपाल दूहन, राज्य कार्यकारिणी सदस्य चितरंजन साहु ने कहा कि सरकार लिपिक वर्ग की मांग को लेकर ढीला रवैया अपना रही है।
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