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सौंदर्यीकरण में चार में से तीन पर रहा जिले में उचाना खंड प्रथम

Mon, 01 Apr 2019 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2019 12:39 AM IST
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सौंदर्यीकरण में चार में से तीन पर रहा जिले में उचाना खंड प्रथम
स्कूल सुंदरीकरण के चार में से तीन पुरस्कार उचाना खंड में
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। हर साल सीएम सुंदरीकरण पुरस्कार के लिए जिले के चार स्कूलों का चयन किया जाता है। इस बार जिले में जिन चार स्कूलों को चुना गया है उनमें से तीन स्कूल उचाना खंड के हैं। इससे साफ है कि यहां पर राजकीय स्कूलों के मुखिया, स्टाफ स्वच्छता, पढ़ाई सहित विभिन्न विषयों को लेकर कितने गंभीर हैं। चार में से तीन अवॉर्ड उचाना खंड को मिलना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
सीएम सुंदरीकरण प्रतियोगिता में जिले में सबसे सुंदर चार स्कूलों में उचाना के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में करसिंधु, राजकीय उच्च विद्यालयों में सुदकैन खुर्द, राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में लोधर का स्कूल सबसे सुंदर चुने गए। सभी स्कूलों के मुखियाओं को अब एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। करसिंधु स्कूल के प्राचार्य विनय जिंदल, रामप्रसाद, सुदकैन खुर्द जगदीश, लोधर के सतविंद्र श्योकंद ने कहा कि स्कूल स्टाफ सदस्यों ने स्कूल को जिले में सबसे सुंदर बनाने के लिए कठिन मेहनत की है। डीपीसी आरके अहलावत जो उस समय खंड में बीईओ थे, ने स्कूलों के मुखियाओं और स्टाफ को निरंतर प्रोत्साहित करते रहे थे। आरके अहलावत के प्रयास का ही नतीजा है कि आज जिले में चार में से तीन स्कूल सुंदरीकरण में पुरस्कार जीतने वाले उचाना के हैं।
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ये होती है प्रक्रिया
सीएम सुंदरीकरण योजना के तहत सबसे पहले खंड स्तर पर स्कूलों का चयन किया जाता है। प्राइमरी, मिडिल, हाई स्कूल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल का चयन विभिन्न बिंदुओं को लेकर किया जाता है। खंड में प्रथम आने वाले स्कूल को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिले में अगर स्कूल प्रथम रहता है तो उसे एक लाख रुपये की राशि दी जाती है। ऐसे में जिले में प्रथम आने के लिए सात खंडों में से जिला कमेटी एक वर्ग में विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखकर मार्किंग करती है। इसके बाद ही एडीसी द्वारा गठित टीम प्रथम स्थान के लिए स्कूल का चयन करती है।
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2011 से शुरू की थी योजना
विद्यार्थियों की तरह स्कूल मुखिया, स्टाफ सदस्यों में अपने-अपने स्कूल को खंड, जिले में सुंदरीकरण में अव्वल लाने के लिए प्रतिस्पर्धा हो, इसके लिए 2011 में सीएम सुंदरीकरण योजना शुरू की थी। इसके तहत मिलने वाली राशि को भी स्कूल मुखिया स्कूल में होने वाले कार्यों पर खर्च करते हैं। अब हर स्कूल मुखिया, स्टाफ अपने स्कूल को सुंदर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता है।
तीन साल तक नहीं ले सकेंगे हिस्सा
जिला स्तर पर प्रथम स्थान पर रहे स्कूल सीएम सुंदरीकरण योजना में आने वाले तीन सालों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यह फैसला इस सत्र से किया गया है। इसमें शिक्षा विभाग का तर्क है कि ताकि हर साल नए स्कूल को प्रोत्साहन मिले। एक-दूसरे के अंदर अपने स्कूल को सुंदरीकरण योजना के तहत टॉप पर लाने की भावना पैदा हो।

आगे होगा मिशन चार
अबकी बार खंड के तीन स्कूल जिले में सीएम सुंदरीकरण में प्रथम स्थान पर रहे। यह खंड के लिए गर्व की बात है। भविष्य में हम तीन की बजाए चारों पुरस्कार जीतने के लिए काम करेंगे। यहां के स्कूल मुखिया, स्टॉफ पूरी मेहनत कर रहा है। इसका नतीजा है कि चार में से तीन पुरस्कार हमारे खंड ने जीत कर रिकॉर्ड बनाने का काम किया है।
पवन कुमार भोला, बीईओ, उचाना।
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