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ओवर टाइम बंद करने पर विभाग के लिए नया रोटेशन बनाना हुआ सिरदर्द, विभाग ने मुख्यालय को भेजी 54 चालक व 117 परिचालकों की डिमांड
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:17 AM IST
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ओवर टाइम बंद करने से विभाग के लिए रोटेशन बनाना हुआ सिरदर्द
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरकार द्वारा रोडवेज में ओवर टाइम खत्म करने के बाद रोडवेज विभाग का कार्यभार डामाडोल हो गया है। सरकार द्वारा ओवर टाइम खत्म करने के बाद कंप्यूटर रूम, फ्लांइग, कैश ब्रांच, यार्ड विभाग, बुकिंग ब्रंाच व अन्य विभागों में क्लर्क के रूप में काम कर रहे 76 चालक और 86 परिचालक अपनी मूल ड्यूटी पर लौट आए हैं। जिससे इन विभागों में क्लर्क काम बाधित हो रहा है। मंगलवार की तरह बुधवार को भी पिल्लूखेड़ा, खरेंट, कोथ व खूंगा रूटों पर बस नहीं चल पाई। इन रूटों पर ज्यादातर विद्यार्थी ही सफर करते हैं। ऐसे में बुधवार को भी विद्यार्थियों को लोकल रूटों पर बस नहीं चलने के कारण निराश ही लौटना पड़ा। वहीं ओवर टाइम खत्म करने के बाद विभाग द्वारा नया रोटेशन नहीं बनाया गया है। ऐसे में विभाग के लिए ओवर टाइम खत्म करने के बाद नया रोटेशन बनाना सिरदर्द बना हुआ है।
बताते चलें कि सरकार द्वारा चालक व परिचालक का ओवर टाइम खत्म कर दिया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेश में एक कर्मचारी से एक दिन में आठ घंटे ही काम लिया जा सकेगा और उस आठ घंटे में उसे 240 किलोमीटर दूरी भी तय करनी होगी। ऐसे में सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के बाद विभाग के लिए रोटेशन बनाने का काम आफत में जान आ जाना जैसे काम बना हुआ है। ऐसे में बुधवार को विभाग ने मुख्यालय को ओवर टाइम बंद होने के बाद 54 चालक व 117 परिचालकों की डिमांड भेजी है। जींद डिपो की 172 बस 100 रूटों पर चलती हैं, लेकिन ओवर टाइम समाप्त होने के बाद करीब 25 रूटों पर बस भेजने में दिक्कत आ रही है।
इन विभागों में पड़ी कर्मचारियों की कमी
फिलहाल परिचालकों व चालकों को उनके मूल काम से हटाकर दफ्तरी कामों में लगाया गया है। नए नियम के बाद यार्ड विभाग, कंप्यूटर ऑपरेटिंग और फ्लाइंग विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों को अपने मूल काम पर लौटना होगा। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटिंग कार्य और फ्लांइग विभाग में विशेष रूप से कार्य बाधित रहेंगे। अब कर्मचारियों को आठ घंटे की ड्यूटी करवाने के आदेश के बाद चालक व परिचालकों की ड्यूटी समय में समावेश किया जाएगा।
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लंबे रूटों पर चलने वाली बसों के लिए किया जाएगा समावेश
विभाग में चालक व परिचालकों की कमी नहीं है। ऐसे में लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर चालक व परिचालकों की समय सारणी में समय समावेश किया जाएगा। लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर आठ घंटे से ज्यादा का समय लगता है। अगर लंबे रूट पर चालक व परिचालक आठ घंटे से ज्यादा काम करता है तो अगले दिन चालक व परिचालक से कम काम लिया जाएगा। रोटेशन इस प्रकार से बनाया जाएगा कि कर्मचारी को आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जाएगा।
प्रदीप कुमार, रोडवेज जीएम।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सरकार द्वारा रोडवेज में ओवर टाइम खत्म करने के बाद रोडवेज विभाग का कार्यभार डामाडोल हो गया है। सरकार द्वारा ओवर टाइम खत्म करने के बाद कंप्यूटर रूम, फ्लांइग, कैश ब्रांच, यार्ड विभाग, बुकिंग ब्रंाच व अन्य विभागों में क्लर्क के रूप में काम कर रहे 76 चालक और 86 परिचालक अपनी मूल ड्यूटी पर लौट आए हैं। जिससे इन विभागों में क्लर्क काम बाधित हो रहा है। मंगलवार की तरह बुधवार को भी पिल्लूखेड़ा, खरेंट, कोथ व खूंगा रूटों पर बस नहीं चल पाई। इन रूटों पर ज्यादातर विद्यार्थी ही सफर करते हैं। ऐसे में बुधवार को भी विद्यार्थियों को लोकल रूटों पर बस नहीं चलने के कारण निराश ही लौटना पड़ा। वहीं ओवर टाइम खत्म करने के बाद विभाग द्वारा नया रोटेशन नहीं बनाया गया है। ऐसे में विभाग के लिए ओवर टाइम खत्म करने के बाद नया रोटेशन बनाना सिरदर्द बना हुआ है।
बताते चलें कि सरकार द्वारा चालक व परिचालक का ओवर टाइम खत्म कर दिया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेश में एक कर्मचारी से एक दिन में आठ घंटे ही काम लिया जा सकेगा और उस आठ घंटे में उसे 240 किलोमीटर दूरी भी तय करनी होगी। ऐसे में सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के बाद विभाग के लिए रोटेशन बनाने का काम आफत में जान आ जाना जैसे काम बना हुआ है। ऐसे में बुधवार को विभाग ने मुख्यालय को ओवर टाइम बंद होने के बाद 54 चालक व 117 परिचालकों की डिमांड भेजी है। जींद डिपो की 172 बस 100 रूटों पर चलती हैं, लेकिन ओवर टाइम समाप्त होने के बाद करीब 25 रूटों पर बस भेजने में दिक्कत आ रही है।
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इन विभागों में पड़ी कर्मचारियों की कमी
फिलहाल परिचालकों व चालकों को उनके मूल काम से हटाकर दफ्तरी कामों में लगाया गया है। नए नियम के बाद यार्ड विभाग, कंप्यूटर ऑपरेटिंग और फ्लाइंग विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों को अपने मूल काम पर लौटना होगा। इसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटिंग कार्य और फ्लांइग विभाग में विशेष रूप से कार्य बाधित रहेंगे। अब कर्मचारियों को आठ घंटे की ड्यूटी करवाने के आदेश के बाद चालक व परिचालकों की ड्यूटी समय में समावेश किया जाएगा।
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लंबे रूटों पर चलने वाली बसों के लिए किया जाएगा समावेश
विभाग में चालक व परिचालकों की कमी नहीं है। ऐसे में लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर चालक व परिचालकों की समय सारणी में समय समावेश किया जाएगा। लंबे रूटों पर चलने वाली बसों पर आठ घंटे से ज्यादा का समय लगता है। अगर लंबे रूट पर चालक व परिचालक आठ घंटे से ज्यादा काम करता है तो अगले दिन चालक व परिचालक से कम काम लिया जाएगा। रोटेशन इस प्रकार से बनाया जाएगा कि कर्मचारी को आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जाएगा।
प्रदीप कुमार, रोडवेज जीएम।