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धरना देकर आंदोलन की जाएगी शुरुआत
Updated Sun, 15 Oct 2017 10:19 PM IST
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डीसी कार्यालयों के बाहर धरना देकर आंदोलन की जाएगी शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा के तत्वावधान में प्रदेश के जाट समाज, खाप, तपों, पंचायतों व विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधि सम्मेलन रविवार को जाट धर्मशाला में जिला प्रधान एवं सदस्य अध्यक्ष मंडल वीरभान ढुल की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें यशपाल मलिक पर समाज का चंदा ऐंठने, सरकार की गोद में बैठने व आरक्षण आंदोलन में व्यवधान डालने का आरोप लगाते हुए उनसे किनारा करने का प्रस्ताव पास किया गया। वीरभान ढुल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुसार सभी मांगों को जल्द पूरा करे। जाटों को प्रदेश में बीसीबी में आरक्षण दिया जाए। गत वर्ष फरवरी से अब तक समाज के लोगों पर आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। जो युवा जेलों में बंद हैं उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सांसद राजकुमार सैनी पर दंगे भड़काने व भाईचारा तोड़ने के मामले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि उक्त मांगें 15 नवंबर तक नहीं मानी गई, तो 20 नवंबर से जिला उपायुक्त कार्यालयों पर धरने दिए जाएंगे। 22 नवंबर को कैथल, 24 को हिसार 26 को रोहतक, 28 को झज्जर व 30 नवंबर को तीन बजे सोनीपत में धरना दिया जाएगा और मांगें नहीं माने जाने पर इसी दिन आंदोलन को तेज करने की घोषणा की जाएगी। इस दौरान कई खाप प्रतिनिधियों ने यशपाल मलिक पर निशाना साधा। सम्मेलन के बाद खाप प्रतिनिधियों व समाज के काफी संख्या में लोगों ने जिला प्रशासन को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भरत सिंह बेनिवाल, कृष्ण किरमारा, मूलचंद दहिया, महासिंह देशवाल, किताब सिंह भनवाला, जोगीराम श्योकंद, डॉ. राजेश दहिया, प्रीतम सिंह, महेंद्र सिंह जागलान, ईश्वर कंडेला, होशियार सिंह गिल, ईश्वर प्यौदा मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा के तत्वावधान में प्रदेश के जाट समाज, खाप, तपों, पंचायतों व विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधि सम्मेलन रविवार को जाट धर्मशाला में जिला प्रधान एवं सदस्य अध्यक्ष मंडल वीरभान ढुल की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें यशपाल मलिक पर समाज का चंदा ऐंठने, सरकार की गोद में बैठने व आरक्षण आंदोलन में व्यवधान डालने का आरोप लगाते हुए उनसे किनारा करने का प्रस्ताव पास किया गया। वीरभान ढुल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुसार सभी मांगों को जल्द पूरा करे। जाटों को प्रदेश में बीसीबी में आरक्षण दिया जाए। गत वर्ष फरवरी से अब तक समाज के लोगों पर आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। जो युवा जेलों में बंद हैं उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सांसद राजकुमार सैनी पर दंगे भड़काने व भाईचारा तोड़ने के मामले में देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि उक्त मांगें 15 नवंबर तक नहीं मानी गई, तो 20 नवंबर से जिला उपायुक्त कार्यालयों पर धरने दिए जाएंगे। 22 नवंबर को कैथल, 24 को हिसार 26 को रोहतक, 28 को झज्जर व 30 नवंबर को तीन बजे सोनीपत में धरना दिया जाएगा और मांगें नहीं माने जाने पर इसी दिन आंदोलन को तेज करने की घोषणा की जाएगी। इस दौरान कई खाप प्रतिनिधियों ने यशपाल मलिक पर निशाना साधा। सम्मेलन के बाद खाप प्रतिनिधियों व समाज के काफी संख्या में लोगों ने जिला प्रशासन को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर भरत सिंह बेनिवाल, कृष्ण किरमारा, मूलचंद दहिया, महासिंह देशवाल, किताब सिंह भनवाला, जोगीराम श्योकंद, डॉ. राजेश दहिया, प्रीतम सिंह, महेंद्र सिंह जागलान, ईश्वर कंडेला, होशियार सिंह गिल, ईश्वर प्यौदा मौजूद रहे।