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Jind News: 25 पंचायतें संभालेंगी पेयजल व्यवस्था, हर घर नल, नल पर टेप और लीकेज फ्री गांव का लक्ष्य
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26जेएनडी16: जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में सरपंचों के साथ बैठक करते हुए एक्सईन भानू प्रकाश शर्म
नरवाना। गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने नई पहल शुरू की है। 25 ग्राम पंचायतें पेयजल योजनाओं के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी। तैयारी शुरू कर दी गई है।
योजना का मुख्य उद्देश्य हर घर नल, नल पर टेप और पूरे गांव को लीकेज फ्री बनाना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा ने गांगोली और जाजवान समेत विभिन्न गांवों की ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आना चाहिए। विभाग के साथ मिलकर पंचायतों की भागीदारी से गांवों में पेयजल आपूर्ति को और मजबूत किया जा सकेगा। बैठक में उपमंडल अभियंता रणबीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता हितेश्वर और जिला सलाहकार रणधीर मताना समेत विभिन्न पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।
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जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि जिले की 25 ग्राम पंचायतें विभाग की नई योजना के तहत पेयजल प्रबंधन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिले की 245 ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके बाद ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और विभाग के अधिकारियों की ओर से साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रत्येक गांव का सर्वे कराया जाएगा। इसमें यह जांच की जाएगी कि कितने घरों में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है, कितने नलों पर टेप लगी है और कहां-कहां लीकेज अथवा अवैध कनेक्शन हैं। इसके आधार पर कमियों को दूर किया जाएगा।
पंचायत संभालेगी छोटी मरम्मत, बड़े काम विभाग के जिम्मे
योजना के तहत पेयजल व्यवस्था के रखरखाव में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की भागीदारी रहेगी। बिजली उपकरणों की छोटी-मोटी मरम्मत, लीकेज ठीक करवाने जैसे कार्य पंचायत स्तर पर किए जाएंगे। रखरखाव के लिए तैयार अनुमानित राशि की एक चौथाई राशि पहले ही ग्राम पंचायत के नए बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ग्रामीणों से पेयजल बिल एकत्र करेंगी और यह राशि पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव पर खर्च होगी। वहीं, जलघर निर्माण, मुख्य पाइपलाइन बिछाने और बिजली बिल जैसे बड़े कार्य विभाग की ओर से किए जाएंगे।
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योजना का मुख्य उद्देश्य हर घर नल, नल पर टेप और पूरे गांव को लीकेज फ्री बनाना है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा ने गांगोली और जाजवान समेत विभिन्न गांवों की ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की।
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उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आना चाहिए। विभाग के साथ मिलकर पंचायतों की भागीदारी से गांवों में पेयजल आपूर्ति को और मजबूत किया जा सकेगा। बैठक में उपमंडल अभियंता रणबीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता हितेश्वर और जिला सलाहकार रणधीर मताना समेत विभिन्न पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे।
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जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि जिले की 25 ग्राम पंचायतें विभाग की नई योजना के तहत पेयजल प्रबंधन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिले की 245 ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके बाद ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और विभाग के अधिकारियों की ओर से साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रत्येक गांव का सर्वे कराया जाएगा। इसमें यह जांच की जाएगी कि कितने घरों में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है, कितने नलों पर टेप लगी है और कहां-कहां लीकेज अथवा अवैध कनेक्शन हैं। इसके आधार पर कमियों को दूर किया जाएगा।
पंचायत संभालेगी छोटी मरम्मत, बड़े काम विभाग के जिम्मे
योजना के तहत पेयजल व्यवस्था के रखरखाव में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की भागीदारी रहेगी। बिजली उपकरणों की छोटी-मोटी मरम्मत, लीकेज ठीक करवाने जैसे कार्य पंचायत स्तर पर किए जाएंगे। रखरखाव के लिए तैयार अनुमानित राशि की एक चौथाई राशि पहले ही ग्राम पंचायत के नए बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ग्रामीणों से पेयजल बिल एकत्र करेंगी और यह राशि पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव पर खर्च होगी। वहीं, जलघर निर्माण, मुख्य पाइपलाइन बिछाने और बिजली बिल जैसे बड़े कार्य विभाग की ओर से किए जाएंगे।