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600 रुपये की ड्रेस 2400 में

Tue, 12 Apr 2016 12:05 AM IST
jind/bureau
jind/bureau Updated Tue, 12 Apr 2016 12:05 AM IST
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2400 rs charged for school dress of only 600 rs
2400 rs charged for school dress of only 600 rs - फोटो : 2400 rs charged for school dress of only 600 rs
निजी स्कूलों द्वारा कई तरह के फंड के नाम पर भारी-भरकम फीस वसूले जाने से अभिभावकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। स्कूल ड्रेस व किताबों के नाम पर भी अभिभावकों की जेबों पर डाका डाला जा रहा है।
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इस मामले में चाहते हुए भी अभिभावक आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। आखिर आवाज उठाएं भी तो किसके खिलाफ। आखिर किसी न किसी स्कूल में तो बच्चे को पढ़ाना ही है। सभी निजी स्कूलों में ऐसा ही हाल है।
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अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा सरेआम की जा रही लूट से निजात दिलाने की डीसी से गुहार लगाई है। काफी निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर किताबों व स्कूल ड्रेस की भी दुकान चला रहे हैं। खासकर सीबीएसई स्कूलों में स्कूल के अंदर ही किताबें व स्कूल ड्रेस दी जाती हैं।
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किताबों व स्कूल ड्रेस की कीमत बाहर बाजार की तुलना में कई गुणा ज्यादा होती हैं। किताबें व स्कूल ड्रेस चाहकर भी बाहर से नहीं खरीद सकते, वो संबंधित स्कूलों में ही मिलेंगी या फिर स्कूल द्वारा निर्धारित की गई दुकान पर।

ऐसे में अधिकतर अभिभावक सरेआम हो रही इस लूट के खिलाफ आवाज ही नहीं उठा पाते हैं, जिससे निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ती जा रही है। अगर इनके खिलाफ कोई आवाज उठाता भी है, तो उनके बच्चे को स्कूल दाखिला देने से इंकार कर देता है।

दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए जाते हैं, तो उसमें भी यही हाल मिलता है। स्कूल ड्रेस का जो कपड़ा होता है, वह बाजार में काफी कम दामों में मिल जाता है, लेकिन परेशानी यह होती है कि निजी स्कूल जान बुझकर स्कूल ड्रेस का रंग व डिजाइन अपने ढंग से डिजाइन करवाते हैं, जो बाजार में नहीं मिलता है।

निजी प्रकाशकों की किताबों एनसीइआरटी की तुलना में काफी ज्यादा
अपने मनमाने ढंग से निजी प्रकाशकों की किताबें स्कूल में लागू की जाती हैं। ये किताबें संबंधित स्कूल में ही मिलती हैं, या फिर स्कूल द्वारा निर्धारित की गई दुकान पर। इन किताबों के रेट भी अपने मनमाने ढंग से प्रिंट किए जाते हैं, जो एनसीईआरटी की किताबों की तुलना में कई गुणा ज्यादा होते हैं। कुछ स्कूलों की किताबें तो ऑनलाइन ऑर्डर करवाकर मंगवानी पड़ती हैं।

निजी स्कूलों द्वारा की जा रही लूट पर लगाई जाए रोक
निजी स्कूलों द्वारा सरेआम की जा रही लूट के खिलाफ अभिभावकों ने आवाज उठाई है। कई अभिभावकों ने डीसी कार्यालय में इसकी शिकायत की है। अभिभावक नितिन शर्मा ने बताया कि पुत्री आराध्या का शहर के सीबीएसई स्कूल में नर्सरी कक्षा में दाखिला करवाया है।

स्कूल प्रशासन द्वारा बताया गया कि स्कूल ड्रेस स्कूल में ही मिलेगी। सोमवार को स्कूल में स्कूल ड्रेस लेने गया, तो दो स्कूल ड्रेस सेट के 2400 रुपये वसूल कर लिए। बाजार में यही ड्रेस 600 रुपये में मिल जाते हैं।

स्कूल ने अपनी मोनोपली के कारण ये अलग रंग की ड्रेस बनवा रखी है जो बाजार में नहीं मिलती है। उन्होंने डीसी से मामले में दखल देते हुए निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से की जा रही इस लूट को बंद करवाने की गुहार लगाई है।


इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और प्रावधान के बारे में जानकारी ली जाएगी। अगर कोई स्कूल नाजायज तरीके से वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसी विनय सिंह।
 
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