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चुनाव आयोग की तरफ एक परिवार को दी जाएगी चुनाव से संबंधित हेल्प बुक
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चुनाव आयोग हर परिवार को देगा हेल्प बुक
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने इस बार खास इंतजाम किए हैं। पहली बार चुनाव आयोग एक परिवार को एक हेल्प बुक जारी करेगा। जिसमें परिवार के सभी मतदाताओं का ब्योरा, उनका बूथ नंबर तथा वोट डालने की विधि समेत उनके अधिकारों को बताया जाएगा। इस बार चुनाव में ईवीएम का रेंडमाइजेशन किसी साफ्टवेयर द्वारा किया जाएगा। यह अधिकार केवल एक अधिकारी को होगा। किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को यह पता नहीं होगा कि कौन सी ईवीएम किस मतदान केंद्र पर जाएगी। इससे मशीनों में गड़बड़ी की आशंकाओं पर विराम लगेगा।
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने पत्रकारों से चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए नए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग की तरफ से पहली बार एक हेल्प बुक जारी की जाएगी। यह बुक प्रत्येक परिवार को दी जाएगी। इस बुक में उस परिवार में मतदाताओं का ब्यौरा होगा। हेल्प बुक में इस परिवार के लोगों को किस बूथ में वोट डालना है, किस प्रकार से वोट डालना है, यह सब कुछ बताया जाएगा। यह हेल्प बुक मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में भी बताएगी। चुनाव आयोग चुनाव से पहले इस हेल्प बुक को वितरित कर देगा। इसके साथ-साथ इस बार ईवीएम का रेंडमाइजेशन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर द्वारा किया जाएगा। इसका अधिकार केवल एक ही अधिकारी को होगा। चुनाव आयोग यह अधिकार किस अधिकारी को देता है, यह निर्वाचन अधिकारियों पर निर्भर होगा। कंप्यूटर द्वारा ही यह जाना जा सकता है कि कौन सी मशीन किस बूथ नंबर पर गई थी। इससे पारदर्शिता आएगी तथा ईवीएम में गड़बड़ी की संभावनाओं पर विराम लग सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने इस बार खास इंतजाम किए हैं। पहली बार चुनाव आयोग एक परिवार को एक हेल्प बुक जारी करेगा। जिसमें परिवार के सभी मतदाताओं का ब्योरा, उनका बूथ नंबर तथा वोट डालने की विधि समेत उनके अधिकारों को बताया जाएगा। इस बार चुनाव में ईवीएम का रेंडमाइजेशन किसी साफ्टवेयर द्वारा किया जाएगा। यह अधिकार केवल एक अधिकारी को होगा। किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को यह पता नहीं होगा कि कौन सी ईवीएम किस मतदान केंद्र पर जाएगी। इससे मशीनों में गड़बड़ी की आशंकाओं पर विराम लगेगा।
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने पत्रकारों से चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए नए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग की तरफ से पहली बार एक हेल्प बुक जारी की जाएगी। यह बुक प्रत्येक परिवार को दी जाएगी। इस बुक में उस परिवार में मतदाताओं का ब्यौरा होगा। हेल्प बुक में इस परिवार के लोगों को किस बूथ में वोट डालना है, किस प्रकार से वोट डालना है, यह सब कुछ बताया जाएगा। यह हेल्प बुक मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में भी बताएगी। चुनाव आयोग चुनाव से पहले इस हेल्प बुक को वितरित कर देगा। इसके साथ-साथ इस बार ईवीएम का रेंडमाइजेशन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर द्वारा किया जाएगा। इसका अधिकार केवल एक ही अधिकारी को होगा। चुनाव आयोग यह अधिकार किस अधिकारी को देता है, यह निर्वाचन अधिकारियों पर निर्भर होगा। कंप्यूटर द्वारा ही यह जाना जा सकता है कि कौन सी मशीन किस बूथ नंबर पर गई थी। इससे पारदर्शिता आएगी तथा ईवीएम में गड़बड़ी की संभावनाओं पर विराम लग सकेगा।
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