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मांगों को लेकर वन विभाग मजदूर यूनियन का तीसरे दिन भी जारी रहा धरना
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मांगों को लेकर वन विभाग मजदूर यूनियन का तीसरे दिन भी धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा ने मांगों को लेकर तीसरे दिन भी वन मंडल अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला उपप्रधान भीम सिंह ने की। धरने का संचालन जिला सचिव पवन ने किया। उपप्रधान भीम सिंह ने बताया कि वन विभाग में लगे मजदूरों को 2003 पॉलिसी के तहत अभी तक पक्का नहीं किया गया। कई बार वन मंडल अधिकारी से मांगों को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन वन मंडल अधिकारी मजदूरों को कोई भी रिकॉर्ड नहीं होनेे की बात कहकर मना कर देते हैं। जिससे वन विभाग मजदूर यूनियन में भारी रोष है। भीम सिंह ने कहा कि मजदूरों का तीन से छह माह का वेतन बकाया पड़ा है, अभी तक नहीं मिला और मजदूरों को बगैर बताए एक स्थान से दूसरे दूर स्थान पर बदली कर दी जाती है। इससे मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे उनका घर का खर्च भी नहीं चल पा रहा है। ऐसे में मजदूर अधिकारियों को से वेतन की बात करते है तो उनकी बदली दूर कर दी जाती है। इससे मजदूरों का शोषण हो रहा है और काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की 2003 पॉलिसी के तहत मजदूर पक्के होने की शर्त पूरी करते है, लेकिन वन मंडल अधिकारी कोई रिकॉर्ड नहीं होने की बात कहकर मना कर रहे है। वन मंडल अधिकारी से मांग है कि 2003 पॉलिसी के तहत मजदूरों का रिकॉर्ड विभाग को भेजा जाए और मजदूरों को बकाया वेतन तुरंत दिया जाए। इस मौके पर कैथल के जिला सचिव नरेश कुमार, दलबीर, पालाराम मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा ने मांगों को लेकर तीसरे दिन भी वन मंडल अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला उपप्रधान भीम सिंह ने की। धरने का संचालन जिला सचिव पवन ने किया। उपप्रधान भीम सिंह ने बताया कि वन विभाग में लगे मजदूरों को 2003 पॉलिसी के तहत अभी तक पक्का नहीं किया गया। कई बार वन मंडल अधिकारी से मांगों को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन वन मंडल अधिकारी मजदूरों को कोई भी रिकॉर्ड नहीं होनेे की बात कहकर मना कर देते हैं। जिससे वन विभाग मजदूर यूनियन में भारी रोष है। भीम सिंह ने कहा कि मजदूरों का तीन से छह माह का वेतन बकाया पड़ा है, अभी तक नहीं मिला और मजदूरों को बगैर बताए एक स्थान से दूसरे दूर स्थान पर बदली कर दी जाती है। इससे मजदूरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे उनका घर का खर्च भी नहीं चल पा रहा है। ऐसे में मजदूर अधिकारियों को से वेतन की बात करते है तो उनकी बदली दूर कर दी जाती है। इससे मजदूरों का शोषण हो रहा है और काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की 2003 पॉलिसी के तहत मजदूर पक्के होने की शर्त पूरी करते है, लेकिन वन मंडल अधिकारी कोई रिकॉर्ड नहीं होने की बात कहकर मना कर रहे है। वन मंडल अधिकारी से मांग है कि 2003 पॉलिसी के तहत मजदूरों का रिकॉर्ड विभाग को भेजा जाए और मजदूरों को बकाया वेतन तुरंत दिया जाए। इस मौके पर कैथल के जिला सचिव नरेश कुमार, दलबीर, पालाराम मौजूद रहे।