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संस्कृति शिक्षकों ने आचार्य डिग्री धारकों की भर्ती नहीं होने पर किया प्रदर्शन

Tue, 11 Dec 2018 12:34 AM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:34 AM IST
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संस्कृति शिक्षकों ने आचार्य डिग्री धारकों की भर्ती नहीं होने पर किया प्रदर्शन
आचार्य भर्ती के लिए संस्कृति शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लज्जा राम संस्कृत महाविद्यालय के संस्कृत लेक्चरर ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार द्वारा संस्कृत डिग्रीधारकों की भर्ती नहीं होने के विरोध में प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संस्कृत शिक्षक विद्यार्थियों सहित सुबह शहीदी स्मारक पर इकट्ठा हुए। इसके बाद विद्यार्थियों और संस्कृत शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद संस्कृत शिक्षक और विद्यार्थियों ने गोहाना रोड पर दस मिनट तक जाम लगाया। इसके बाद वह लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यदि सरकार योग्यतानुसार संस्कृत शिक्षकों की भर्ती नहीं करती तो जिला स्तर पर होने वाले गीता जयंती समारोह को बहिष्कार किया जाएगा।
संस्कृत शिक्षक राजेश स्वरूप ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पीजीटी संस्कृत डिग्रीधारकों को लिस्ट से बाहर कर दिया है। इससे संस्कृत डिग्री धारकों में भारी रोष है। प्रदेश सरकार ने आचार्य डिग्री धारकों को व संस्कृत शिक्षकों को यह आश्वासन दिया था कि भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण योग्य व डिग्री धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संस्कृत डिग्री धारकों को शामिल नहीं किया गया। इससे पूर्ण योग्य डिग्री धारकों में प्रदेश सरकार के प्रति भारी रोष है। प्रदेश सरकार आचार्य योग्यता डिग्री धारकों को प्राथमिकता से भर्ती करे वरना प्रदेश भर के संस्कृत विद्वान प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। सरकार की गलत नीतियों के कारण आज प्रदेश भर में हर वर्ग परेशान है। यहां तक की अगर मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो संस्कृत आचार्य गीता जयंती पर्व का बहिष्कार करेंगे व प्रदेश सरकार को आगामी चुनावों में इसका नुकसान भुगतना पड़ेगा। एक तरफ तो प्रदेश सरकार संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल व विश्वविद्यालय की स्थापना कर रही। वही संस्कृत महाविद्यालयों में ऐसे शिक्षक ों को भर्ती किया जा रहा है जिन्हें संस्कृत का पूरा ज्ञान नहीं है।
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विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में
हजारों विद्यार्थियों की रुचि संस्कृत में है। बड़े होकर विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐेसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि विद्यार्थियों के रुझान को देखते हुए प्रदेश सरकार संस्कृत पढ़ रहे विद्यार्थियों को अच्छे शिक्षक दिए जाए। ऐसे में पूर्ण योग्यता डिग्री धारक शिक्षकों ही नियुक्ति की जाए।
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संदीप, विद्यार्थी।
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