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जिला में 46 गांवों का लिंगानुपात बदतर स्थिति में
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:14 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला प्रशासन ने 46 ऐसे गांवों की पहचान की गई है, जिनमें लिंगानुपात की स्थिति सही नहीं है। इन गांवों में लिंगानुपात सुधारने के लिए खास अभियान चलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ हुई वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग कर इस पर योजना बनाई गई।
डीसी अमित खत्री ने बताया कि जिला में 46 गांवों की पहचान कर उनमें लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नाटक मंडलियां प्रचार कार्य पर लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह में जिला का लिंगानुपात 901 था। अब उन गांवों को सूचीबद्ध किया गया है जिनमें लिंगानुपात खराब है, उसे सुधारने के प्रयार शुरू किए गए हैं। इसके अलावा जिला में गठित एडवाइजरी कमेटी द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटरों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष हिदायतें दी गई है कि वे गर्भ धारण करने वाली महिलाओं की ट्रैकिंग प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करें। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के परिणाम आने में समय लगता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी डॉ. अरूण सिंह, एडीसी धीरेंद्र खडगटा, नगराधीश एसएस मान, डीआरओ रामफल कटारिया, सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया मौजूद रहे।
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जींद।
जिला प्रशासन ने 46 ऐसे गांवों की पहचान की गई है, जिनमें लिंगानुपात की स्थिति सही नहीं है। इन गांवों में लिंगानुपात सुधारने के लिए खास अभियान चलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ हुई वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग कर इस पर योजना बनाई गई।
डीसी अमित खत्री ने बताया कि जिला में 46 गांवों की पहचान कर उनमें लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नाटक मंडलियां प्रचार कार्य पर लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह में जिला का लिंगानुपात 901 था। अब उन गांवों को सूचीबद्ध किया गया है जिनमें लिंगानुपात खराब है, उसे सुधारने के प्रयार शुरू किए गए हैं। इसके अलावा जिला में गठित एडवाइजरी कमेटी द्वारा अल्ट्रासाउंड सेंटरों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष हिदायतें दी गई है कि वे गर्भ धारण करने वाली महिलाओं की ट्रैकिंग प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करें। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के परिणाम आने में समय लगता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी डॉ. अरूण सिंह, एडीसी धीरेंद्र खडगटा, नगराधीश एसएस मान, डीआरओ रामफल कटारिया, सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया मौजूद रहे।
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