{"_id":"59ee39aa4f1c1bf3538b8e97","slug":"191508784554-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी स्कूलों के दस बच्चों को बनाया गया चाइल्ड चैंपियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी स्कूलों के दस बच्चों को बनाया गया चाइल्ड चैंपियन
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के प्रोटेक्शन को लेकर प्रत्येक खंड से दो-दो बच्चों को मनोवैज्ञानिक भावनाएं समझने के लिए चाइल्ड चैंपियन बनाया गया है। इन्हें एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिलवाया गया है। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि वे उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भावना को पहचानकर उससे सचेत रहें।
बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता, मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान, काउंसलर ममता, सीमा और लीगल अधिकारी अमित ने दस बच्चों को अन्य बच्चों की मनोस्थिति को भांपने का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल संरक्षण अधिकारी के लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में हुआ। मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने बताया कि कई बार बच्चों के साथ मिस बिहेव होता है, लेकिन बच्चे अपने विचारों को साझा नहीं कर पाते। ऐसे चाइल्ड चैंपियन तैयार किए गए हैं, जो बच्चों के बीच में रहकर उनकी मनोभावनाओं को समझेंगे और सुसाइड करने जैसी बात को समय रहते संभलेंगे। इस दौरान मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने कहा कि बच्चों यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों को दूसरे बच्चों के बीच में रह कर उन्हें इस प्रकार तैयार करना है कि वे किसी प्रकार के खतरे को भांप सकें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा उदास है, निराश है और वह स्कूल से भागना चाहता है, तो उसकी परेशानी को समझें। आपस में बातचीत कर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
जींद।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के प्रोटेक्शन को लेकर प्रत्येक खंड से दो-दो बच्चों को मनोवैज्ञानिक भावनाएं समझने के लिए चाइल्ड चैंपियन बनाया गया है। इन्हें एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिलवाया गया है। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि वे उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भावना को पहचानकर उससे सचेत रहें।
बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता, मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान, काउंसलर ममता, सीमा और लीगल अधिकारी अमित ने दस बच्चों को अन्य बच्चों की मनोस्थिति को भांपने का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल संरक्षण अधिकारी के लघु सचिवालय स्थित कार्यालय में हुआ। मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने बताया कि कई बार बच्चों के साथ मिस बिहेव होता है, लेकिन बच्चे अपने विचारों को साझा नहीं कर पाते। ऐसे चाइल्ड चैंपियन तैयार किए गए हैं, जो बच्चों के बीच में रहकर उनकी मनोभावनाओं को समझेंगे और सुसाइड करने जैसी बात को समय रहते संभलेंगे। इस दौरान मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान ने कहा कि बच्चों यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों को दूसरे बच्चों के बीच में रह कर उन्हें इस प्रकार तैयार करना है कि वे किसी प्रकार के खतरे को भांप सकें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा उदास है, निराश है और वह स्कूल से भागना चाहता है, तो उसकी परेशानी को समझें। आपस में बातचीत कर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
विज्ञापन