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भाजपा विधायक के बेटे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:28 PM IST
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विधायक के बेटे पर हुए हमले के दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। कस्बे के नहर पुल के पास सात अक्तूबर की रात को असंध के विधायक बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत पर हुए जानलेवा हमला के मामले में दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा विधायक बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत ने असंध के दर्जनों लोगों के साथ डीएसपी सुनील कुमार से मुलाकात की।
हरप्रीत ने डीएसपी से कहा कि आरोपियों द्वारा उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उनका आरोप है कि आरोपी कह रहे हैं कि अभी तो धारा 307 लगी है। हम तो धारा 302 में ही अंदर जाएंगे। विधायक के बेटे व भाजपा करनाल किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हरप्रीत ने पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा खंगाली गई मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में अन्य आरोपियों में जिन तीन के सह देने व षड्यंत्र रचने में नाम समाने आ रहे हैं, पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार नहीं कर रही है। पत्रकारों से बात करते हुए हरप्रीत ने कहा कि सफीदों पुलिस जब उनकी ही सुनवाई नहीं कर रही तो ऐसे मेें आम आदमी की कहा सुनती होगी। उन्होंने कहा कि वे डीएसपी, एसएचओ कार्यालय के चक्कर काटने के बाद एसपी से भी मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। हरप्रीत से जब पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि यह हमला उन पर क्यों हुआ, तो उन्होंने कहा वे तो समाजसेवी में ही लगे रहते हैं। आजतक न तो उनका किसी के साथ कोई झगड़ा हुआ और न ही उनकी किसी से दुश्मनी या रंजिश है। वारदात को आरोपियों ने अंजाम क्यों दिया, इसका कारण तो आरोपी ही बता सकते हैं।
जानकारी के लिए पुलिस ने असंध के डेरा पुला सिंह निवासी हरमिंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत बताया था कि वह इनोवा कार में सात अक्तूबर को बख्शीश सिंह के लड़के हरप्रीत के साथ किसी कार्य के लिए सफीदों आया हुआ था। जब वह करीब साढ़े आठ बजे सफीदों के नहर पुल के पास पहुंचे तो एक सफेद रंग की फार्च्यूनर गाड़ी ने उन्हें घेर लिया। जिन्होंने उनकी गाड़ी के आगे आगे फार्च्यूनर गाड़ी खड़ी कर रास्ता रोका और शीशा खोलने के लिए बोला, जब उन्होंने शीशा खोला तो असंध निवासी हीरा सिंह ने रिवाल्वर से फायर करना चाहा। उन्होंने तुरंत गाड़ी भगा ली। लेकिन गोली गाड़ी के डैशबोर्ड पर जा लगी। तभी हरप्रीत ने अपनी गाड़ी सीधी थाना सफीदों ले जाकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही प्रभारी समरजीत, डीएसपी सुनील कुमार व जींद सीआईए घटनास्थल का जायजा लेने रात को मौके पर पहुंची। लेकिन तब-तक सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने हरमिंद्र की शिकायत पर असंध निवासी हीरा सिंह व छह से सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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पीड़ित पक्ष के ब्यान सुनने के बाद आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही पुलिस मामले मेें शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करेंगी।
सुनील कुमार, डीएसपी सफीदों।
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। कस्बे के नहर पुल के पास सात अक्तूबर की रात को असंध के विधायक बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत पर हुए जानलेवा हमला के मामले में दस दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा विधायक बख्शीश सिंह के बेटे हरप्रीत ने असंध के दर्जनों लोगों के साथ डीएसपी सुनील कुमार से मुलाकात की।
हरप्रीत ने डीएसपी से कहा कि आरोपियों द्वारा उन्हें बार-बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उनका आरोप है कि आरोपी कह रहे हैं कि अभी तो धारा 307 लगी है। हम तो धारा 302 में ही अंदर जाएंगे। विधायक के बेटे व भाजपा करनाल किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हरप्रीत ने पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा खंगाली गई मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में अन्य आरोपियों में जिन तीन के सह देने व षड्यंत्र रचने में नाम समाने आ रहे हैं, पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार नहीं कर रही है। पत्रकारों से बात करते हुए हरप्रीत ने कहा कि सफीदों पुलिस जब उनकी ही सुनवाई नहीं कर रही तो ऐसे मेें आम आदमी की कहा सुनती होगी। उन्होंने कहा कि वे डीएसपी, एसएचओ कार्यालय के चक्कर काटने के बाद एसपी से भी मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। हरप्रीत से जब पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि यह हमला उन पर क्यों हुआ, तो उन्होंने कहा वे तो समाजसेवी में ही लगे रहते हैं। आजतक न तो उनका किसी के साथ कोई झगड़ा हुआ और न ही उनकी किसी से दुश्मनी या रंजिश है। वारदात को आरोपियों ने अंजाम क्यों दिया, इसका कारण तो आरोपी ही बता सकते हैं।
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जानकारी के लिए पुलिस ने असंध के डेरा पुला सिंह निवासी हरमिंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत बताया था कि वह इनोवा कार में सात अक्तूबर को बख्शीश सिंह के लड़के हरप्रीत के साथ किसी कार्य के लिए सफीदों आया हुआ था। जब वह करीब साढ़े आठ बजे सफीदों के नहर पुल के पास पहुंचे तो एक सफेद रंग की फार्च्यूनर गाड़ी ने उन्हें घेर लिया। जिन्होंने उनकी गाड़ी के आगे आगे फार्च्यूनर गाड़ी खड़ी कर रास्ता रोका और शीशा खोलने के लिए बोला, जब उन्होंने शीशा खोला तो असंध निवासी हीरा सिंह ने रिवाल्वर से फायर करना चाहा। उन्होंने तुरंत गाड़ी भगा ली। लेकिन गोली गाड़ी के डैशबोर्ड पर जा लगी। तभी हरप्रीत ने अपनी गाड़ी सीधी थाना सफीदों ले जाकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही प्रभारी समरजीत, डीएसपी सुनील कुमार व जींद सीआईए घटनास्थल का जायजा लेने रात को मौके पर पहुंची। लेकिन तब-तक सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने हरमिंद्र की शिकायत पर असंध निवासी हीरा सिंह व छह से सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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पीड़ित पक्ष के ब्यान सुनने के बाद आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही पुलिस मामले मेें शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करेंगी।
सुनील कुमार, डीएसपी सफीदों।