{"_id":"5bafcbb8867a557f365c3486","slug":"181538247608-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्जिकल स्ट्राइक में लेट पहुंचने पर वीरागनां ने कहा तीन घंटे से बैठे हैं इतजार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्जिकल स्ट्राइक में लेट पहुंचने पर वीरागनां ने कहा तीन घंटे से बैठे हैं इतजार में
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सम्मान के लिए वीरांगनाओं को तीन घंटे करना पड़ा इंतजार, पानी तक नहीं मिला
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने शनिवार को शहीदी स्मारक के पास आयोजित सर्जिकल स्ट्राइक कार्यक्रम तय समय से लगभग तीन घंटे लेट पहुंचे। इस पर शहीदों की वीरांगनाओं ने कहा कि मंत्रीजी दस बजे का समय देकर एक बजे कार्यक्रम में आए हो। यह वीरांगनाओं के लिए सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडाल में वीरांगनाओं के लिए पीने तक के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके बाद मंत्री के बयान पर भड़की वीरांगनाओं ने कहा कि सरकार शहीदों की आड़ में वोट की राजनीति कर रही है। जो सर्जिकल स्ट्राइक दो साल पहले हुआ था। उसकी आज कैसे याद आई है।
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण अब सरकार का ध्यान लोगों के वोट हड़पने की तरफ है। इन वीरांगनाओं ने कहा कि शहीदों और उनके परिवार को आज तक कहीं पर भी सही ढंग से सम्मान नहीं दिया गया। आज शहीदों के परिवार और उनके बच्चे नौकरी से लेकर शिक्षा तक भटक रहे हैं। किसी भी शहीद के परिवार की सरकार का कोई भी नुमाइंदा आज तक सुध लेने के लिए नहीं आया। हालांकि इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण के दौरान लेट होने का कारण रोहतक में दीनबंधु छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पीएम का आना और पीएम की रैली के लिए कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर स्थान निर्धारण करने का बताया था। मंत्री ने कहा कि आज वह जमाना है, जिसमें सभी अपनी बात को रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले हम राजाओं के गुलाम थे और राजा अंग्रेजों के किसी की हिम्मत नहीं थी की उनकी सामने अपनी बात रख सकें। उन्होंने कहा कि देश में 12 लाख सैनिक हैं। इन पर कुल 21 लाख करोड़ के बजट में से पौने तीन लाख करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक कार्यक्रम में मंत्री के देरी से आने के कारण एनसीसी कैडेट पानी के लिए भटकते रहे। मंत्री को सुबह दस बजे आना था तो देरी होने के चलते मंत्री जी लगभग एक बजे पहुंचे इस कारण कैडेट को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने शनिवार को शहीदी स्मारक के पास आयोजित सर्जिकल स्ट्राइक कार्यक्रम तय समय से लगभग तीन घंटे लेट पहुंचे। इस पर शहीदों की वीरांगनाओं ने कहा कि मंत्रीजी दस बजे का समय देकर एक बजे कार्यक्रम में आए हो। यह वीरांगनाओं के लिए सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडाल में वीरांगनाओं के लिए पीने तक के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके बाद मंत्री के बयान पर भड़की वीरांगनाओं ने कहा कि सरकार शहीदों की आड़ में वोट की राजनीति कर रही है। जो सर्जिकल स्ट्राइक दो साल पहले हुआ था। उसकी आज कैसे याद आई है।
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण अब सरकार का ध्यान लोगों के वोट हड़पने की तरफ है। इन वीरांगनाओं ने कहा कि शहीदों और उनके परिवार को आज तक कहीं पर भी सही ढंग से सम्मान नहीं दिया गया। आज शहीदों के परिवार और उनके बच्चे नौकरी से लेकर शिक्षा तक भटक रहे हैं। किसी भी शहीद के परिवार की सरकार का कोई भी नुमाइंदा आज तक सुध लेने के लिए नहीं आया। हालांकि इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण के दौरान लेट होने का कारण रोहतक में दीनबंधु छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पीएम का आना और पीएम की रैली के लिए कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर स्थान निर्धारण करने का बताया था। मंत्री ने कहा कि आज वह जमाना है, जिसमें सभी अपनी बात को रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले हम राजाओं के गुलाम थे और राजा अंग्रेजों के किसी की हिम्मत नहीं थी की उनकी सामने अपनी बात रख सकें। उन्होंने कहा कि देश में 12 लाख सैनिक हैं। इन पर कुल 21 लाख करोड़ के बजट में से पौने तीन लाख करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है।
विज्ञापन
सर्जिकल स्ट्राइक कार्यक्रम में मंत्री के देरी से आने के कारण एनसीसी कैडेट पानी के लिए भटकते रहे। मंत्री को सुबह दस बजे आना था तो देरी होने के चलते मंत्री जी लगभग एक बजे पहुंचे इस कारण कैडेट को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन