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दो विभागों के बीच फंसे दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:50 AM IST
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दो विभागों के बीच फंसे दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों के लिए यूडीआईडी कार्ड जारी करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए हुए हैं। यह कार्ड 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगों के लिए बनाए जाने की योजना है। सरकार ने भले ही इस योजना को शीघ्र लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी दिव्यांगों की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेर गंभीर नहीं हैं। यह योजना समाज कल्याण विभाग और नागरिक अस्पताल के बीच फंसकर रह गई है।
दिव्यांगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसमें समाज कल्याण विभाग दिव्यांगों के आवेदन ऑनलाइन करने में मदद कर रहा है। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगों की सहायता के लिए अब तक ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहर में सक्षम युवाओं के माध्यम से सर्वे करवाकर उनके डाटा को कलेक्ट करने के साथ-साथ लगभग 7500 से ज्यादा दिव्यांगों के आवेदन यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की साइट पर आनलाइन करने का काम भी किया है। इन कार्डो में सबसे बड़ी परेशानी स्वास्थ्य विभाग में पहुंचने के बाद आ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 227 कार्डों को जनरेट और 227 को ही एजेंसी के पास प्रिंट होने के लिए भेजा हुआ साइट पर दिखाया है। स्वास्थ्य विभाग की साइट पर अभी तक 7131 पेंडिंग यूडीआईडी कार्ड दिखाए जा रहें है। इसके अतिरिक्त 138 को नोट अकेप्टेड और 62 को नोट वेरिफायड दिखाया जा रहा है। दिव्यांगों की अनदेखी की सबसे बड़ी बात सामने आती है कि इन कार्डों को बनाने का काम लगभग तीन माह से चल रहा है। इतने लंबे समय में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हजारों दिव्यांगों के आवेदन जमा होने के बावजूद भी 227 को ही जनरेट करने का काम किया है।
समाज कल्याण विभाग में 10 हजार से ज्यादा दिव्यांग ले रहे पेंशन
समाज कल्याण विभाग में जिलेभर से 10563 दिव्यांग पेंशन ले रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में लगभग 12 हजार दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनने हैं। समाज कल्याण विभाग में जो दिव्यांग पेंशन ले रहे हैं, उनकी दिव्यांगता 60 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत दिव्यांगों के बनने हैं।
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दिव्यांगता का प्रमाण पत्र और नहीं होने के कारण आ रही परेशानी
सिविल सर्जन संजय दहिया ने कहा कि यूडीआईडी कार्ड के लिए ऑनलाइन किए गए दस्तावेजों में ज्यादातर में दिव्यांगता का प्रमाण पत्र तथा अन्य दस्तावेज नहीं होने के कारण यूडीआईडी कार्डों की गति रुकी हुई है। जिन के दस्तावेज सही मिल रहे हैं। उनके यूडीआईडी कार्डो को शीघ्र जारी करवा दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों के लिए यूडीआईडी कार्ड जारी करने के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए हुए हैं। यह कार्ड 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगों के लिए बनाए जाने की योजना है। सरकार ने भले ही इस योजना को शीघ्र लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी दिव्यांगों की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेर गंभीर नहीं हैं। यह योजना समाज कल्याण विभाग और नागरिक अस्पताल के बीच फंसकर रह गई है।
दिव्यांगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसमें समाज कल्याण विभाग दिव्यांगों के आवेदन ऑनलाइन करने में मदद कर रहा है। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगों की सहायता के लिए अब तक ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहर में सक्षम युवाओं के माध्यम से सर्वे करवाकर उनके डाटा को कलेक्ट करने के साथ-साथ लगभग 7500 से ज्यादा दिव्यांगों के आवेदन यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की साइट पर आनलाइन करने का काम भी किया है। इन कार्डो में सबसे बड़ी परेशानी स्वास्थ्य विभाग में पहुंचने के बाद आ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक 227 कार्डों को जनरेट और 227 को ही एजेंसी के पास प्रिंट होने के लिए भेजा हुआ साइट पर दिखाया है। स्वास्थ्य विभाग की साइट पर अभी तक 7131 पेंडिंग यूडीआईडी कार्ड दिखाए जा रहें है। इसके अतिरिक्त 138 को नोट अकेप्टेड और 62 को नोट वेरिफायड दिखाया जा रहा है। दिव्यांगों की अनदेखी की सबसे बड़ी बात सामने आती है कि इन कार्डों को बनाने का काम लगभग तीन माह से चल रहा है। इतने लंबे समय में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के हजारों दिव्यांगों के आवेदन जमा होने के बावजूद भी 227 को ही जनरेट करने का काम किया है।
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समाज कल्याण विभाग में 10 हजार से ज्यादा दिव्यांग ले रहे पेंशन
समाज कल्याण विभाग में जिलेभर से 10563 दिव्यांग पेंशन ले रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में लगभग 12 हजार दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनने हैं। समाज कल्याण विभाग में जो दिव्यांग पेंशन ले रहे हैं, उनकी दिव्यांगता 60 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत दिव्यांगों के बनने हैं।
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दिव्यांगता का प्रमाण पत्र और नहीं होने के कारण आ रही परेशानी
सिविल सर्जन संजय दहिया ने कहा कि यूडीआईडी कार्ड के लिए ऑनलाइन किए गए दस्तावेजों में ज्यादातर में दिव्यांगता का प्रमाण पत्र तथा अन्य दस्तावेज नहीं होने के कारण यूडीआईडी कार्डों की गति रुकी हुई है। जिन के दस्तावेज सही मिल रहे हैं। उनके यूडीआईडी कार्डो को शीघ्र जारी करवा दिया जाएगा।