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एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों पर एस्मा के तहत केस दर्ज करने के बाद एक कर्मचारी की गिरफ्तारी, कर्मचारी नेता भूमिगत
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:33 AM IST
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एस्मा के तहत एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी गिरफ्तार, नेता भूमिगत
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। 12 दिन से हड़ताल पर चल एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दस कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद कंडेला में तैनात एमपीएचडब्ल्यू बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद सर्व कर्मचारी संघ और स्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी भी एमपीएचडब्ल्यू के समर्थन में आ गई है। इस पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय तालमेल कमेटी की मीटिंग जींद में होगी। जिसमें सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने का फैसला भी लिया जा सकता है।
जानकारी के लिए एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल 27 अगस्त से चल रही है। अब सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत जींद जिला में 10 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और कंडेला में तैनात एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तालमेल कमेटी ने गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार दमन के दम पर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन एस्मा लगाने और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन ओर अधिक भड़केगा।
कांग्रेस ने किया एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन की मांगों का समर्थन
नागरिक अस्पताल में चल रहे एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के धरने पर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की मांग की। जिला कांग्रेस कार्यालय प्रभारी रघुबीर भारद्वाज ने कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से हर वर्ग पर अत्याचार हो रहे हैं। हर वर्ग के लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग भाजपा की गलत नीतियों से हताश व परेशान है। जब कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर धरने व प्रदर्शन करता है तो सरकार उसे लाठी के दम पर दबाने का प्रयास करती है।
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एक कर्मचारी ने अधिकारियों से ज्वाइनिंग के लिए किया संपर्क
आंदोलन के बीच एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सेवा शुरू करने के लिए कहा है। यह कर्मचारी 31 अगस्त से हड़ताल पर गया था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि उसकी ज्वाइनिंग के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा।
नौ कर्मचारी भूमिगत
गौरतलब है कि एस्मा के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदीप कुंडू, सुरेंद्र पेंगा, देवेंद्र शर्मा, भूपेंद्र चहल, अनिल कुमार लाठर, सुशील शर्मा, बलराम, विजेंद्र, प्रदीप व रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से विजेंद्र की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य सभी नौ कर्मचारी शुक्रवार को भूमिगत रहे। हालांकि धरने पर पुलिस व प्रशासन की खुफिया विभाग की टीम इन कर्मचारियों को ढूंढती रही, लेकिन यह नजर नहीं आए। न ही इनके फोन लग रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उन्हें गिरफ्तारी के डर से सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।
अस्पताल से धरना उठाने का आह्वान
अस्पताल में चल रहे कर्मचारियों के धरने को यहां से उठाने के लिए तहसीलदार प्रवीण कुमार पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी नेताओं से कहा कि प्रशासन ने धरने के लिए स्थान निश्चित किया है। वहीं धरना दिया जाना चाहिए। यहां धरना देने से मरीजों को परेशानी होती है। इस पर सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामफल दलाल ने कहा कि उनके धरने से मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जहां मरीज हैं वहां तक माइक की आवाज नहीं जा रही है और वे धरना नहीं उठाएंगे।
सरकार एस्मा व गिरफ्तारियों का डर दिखाकर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार की दमनपूर्ण नीति के विरोध में शनिवार को प्रदेश स्तरीय मीटिंग की जाएगी। यदि सरकार का रवैया इसी प्रकार का रहा तो प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने पर भी विचार किया जा सकता है।
राजबीर बेरवाल, स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। 12 दिन से हड़ताल पर चल एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दस कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद कंडेला में तैनात एमपीएचडब्ल्यू बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद सर्व कर्मचारी संघ और स्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी भी एमपीएचडब्ल्यू के समर्थन में आ गई है। इस पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय तालमेल कमेटी की मीटिंग जींद में होगी। जिसमें सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने का फैसला भी लिया जा सकता है।
जानकारी के लिए एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल 27 अगस्त से चल रही है। अब सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत जींद जिला में 10 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और कंडेला में तैनात एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तालमेल कमेटी ने गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार दमन के दम पर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन एस्मा लगाने और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन ओर अधिक भड़केगा।
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कांग्रेस ने किया एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन की मांगों का समर्थन
नागरिक अस्पताल में चल रहे एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन के धरने पर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की मांग की। जिला कांग्रेस कार्यालय प्रभारी रघुबीर भारद्वाज ने कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से हर वर्ग पर अत्याचार हो रहे हैं। हर वर्ग के लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग भाजपा की गलत नीतियों से हताश व परेशान है। जब कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर धरने व प्रदर्शन करता है तो सरकार उसे लाठी के दम पर दबाने का प्रयास करती है।
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एक कर्मचारी ने अधिकारियों से ज्वाइनिंग के लिए किया संपर्क
आंदोलन के बीच एक एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सेवा शुरू करने के लिए कहा है। यह कर्मचारी 31 अगस्त से हड़ताल पर गया था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि उसकी ज्वाइनिंग के लिए मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा जाएगा।
नौ कर्मचारी भूमिगत
गौरतलब है कि एस्मा के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदीप कुंडू, सुरेंद्र पेंगा, देवेंद्र शर्मा, भूपेंद्र चहल, अनिल कुमार लाठर, सुशील शर्मा, बलराम, विजेंद्र, प्रदीप व रविंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से विजेंद्र की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य सभी नौ कर्मचारी शुक्रवार को भूमिगत रहे। हालांकि धरने पर पुलिस व प्रशासन की खुफिया विभाग की टीम इन कर्मचारियों को ढूंढती रही, लेकिन यह नजर नहीं आए। न ही इनके फोन लग रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उन्हें गिरफ्तारी के डर से सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।
अस्पताल से धरना उठाने का आह्वान
अस्पताल में चल रहे कर्मचारियों के धरने को यहां से उठाने के लिए तहसीलदार प्रवीण कुमार पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी नेताओं से कहा कि प्रशासन ने धरने के लिए स्थान निश्चित किया है। वहीं धरना दिया जाना चाहिए। यहां धरना देने से मरीजों को परेशानी होती है। इस पर सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामफल दलाल ने कहा कि उनके धरने से मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। जहां मरीज हैं वहां तक माइक की आवाज नहीं जा रही है और वे धरना नहीं उठाएंगे।
सरकार एस्मा व गिरफ्तारियों का डर दिखाकर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है। सरकार की दमनपूर्ण नीति के विरोध में शनिवार को प्रदेश स्तरीय मीटिंग की जाएगी। यदि सरकार का रवैया इसी प्रकार का रहा तो प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने पर भी विचार किया जा सकता है।
राजबीर बेरवाल, स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी।