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फर्जी पत्रकार बनकर रोडवेज को चूना लगाने वाला युवक गिरफ्तार
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पत्रकार बनकर रोडवेज को चूना लगाने वाला युवक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज महाप्रबंधक की शिकायत पर दस महीने तक फर्जी आईकार्ड के आधार पर पत्रकार बताकर यात्रा करके रोडवेज को चूना लगाने व कर्मचारियों को धमकाने वाले निडाना गांव निवासी इंतजार को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे हाईकोर्ट को अग्रिम जमानत मिल गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में फर्जी पत्रकार की सहायता करने और रोडवेज अधिकारियों को धमकी देने के आरोपी वकील के खिलाफ पुलिस को कोई ठोस सुबूत नहीं मिल पाया है। फिलहाल पुलिस को अब 28 फरवरी को हाईकोर्ट में मामले की जांच से संबंधित रिपोर्ट पेश करनी है।
जानकारी के लिए छह दिसंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में तत्कालीन रोडवेज महाप्रबंधक अश्विनी मलिक ने कहा था कि रोडवेज फ्लाइंग में कार्यरत सुरेंद्र सिंह, सूरजमल, ओमप्रकाश बसों की जांच कर रहे थे। जींद से गोहाना जाने वाली बस को निडानी मोड़ के पास रुकवाकर जांच की गई तो इसमें गांव निडाना निवासी इंतजार बिना टिकट मिला। जब उससे पूछा गया तो उसने अपने आपको पत्रकार बताया था। जो आईडी कार्ड इंतजार ने दिखाया उसमें उसकी तिथि जून 1999 बताया और उसकी कार्यग्रहण की तिथि अप्रैल 2016 दिखाई गई। इससे जांच अधिकारियों को शंका हुई। जांच के दौरान उसने रोडवेज अधिकारियों को धमकी भी दी। जब उसके द्वारा दिखाए गए आईडी कार्ड की जांच करवाई गई तो उसका कहीं कोई रिकार्ड नहीं मिला। हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्री बस की जो सुविधा दी जाती है, वह कॉपी भी फर्जी मिली थी।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अभियान से भी इसकी जांच करवाई गई, जिसमें यह फर्जी पाया गया। आरोपी युवक इंतजार ने चेकिंग स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। सरकारी कार्य में बाधा डाली। चेकिंग स्टाफ ने जब उसकी कॉपी की जांच की तो पाया कि उसने जून 2017 से अप्रैल 2018 तक रोडवेज बस में फ्री यात्रा करके रोडवेज को लाखों का चूना लगाया है। पुलिस ने इंतजार व वकील नरेंद्र मलिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। शनिवार को पुलिस ने इंतजार को गिरफ्तार कर लिया। उसे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई।
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जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंतजार को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने इंतजार को जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। अब 28 फरवरी को हाईकोर्ट में जांच अधिकारी को रिपोर्ट पेश करनी है। इसके बाद ही आगे इस मामले में कार्रवाई होगी। महेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जिस वकील नरेंद्र मलिक पर रोडवेज अधिकारियों ने धमकी देने के आरोप लगाए थे, जांच में धमकी देने संबंधी ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। फिलहाल मामला जांच में है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज महाप्रबंधक की शिकायत पर दस महीने तक फर्जी आईकार्ड के आधार पर पत्रकार बताकर यात्रा करके रोडवेज को चूना लगाने व कर्मचारियों को धमकाने वाले निडाना गांव निवासी इंतजार को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे हाईकोर्ट को अग्रिम जमानत मिल गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में फर्जी पत्रकार की सहायता करने और रोडवेज अधिकारियों को धमकी देने के आरोपी वकील के खिलाफ पुलिस को कोई ठोस सुबूत नहीं मिल पाया है। फिलहाल पुलिस को अब 28 फरवरी को हाईकोर्ट में मामले की जांच से संबंधित रिपोर्ट पेश करनी है।
जानकारी के लिए छह दिसंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में तत्कालीन रोडवेज महाप्रबंधक अश्विनी मलिक ने कहा था कि रोडवेज फ्लाइंग में कार्यरत सुरेंद्र सिंह, सूरजमल, ओमप्रकाश बसों की जांच कर रहे थे। जींद से गोहाना जाने वाली बस को निडानी मोड़ के पास रुकवाकर जांच की गई तो इसमें गांव निडाना निवासी इंतजार बिना टिकट मिला। जब उससे पूछा गया तो उसने अपने आपको पत्रकार बताया था। जो आईडी कार्ड इंतजार ने दिखाया उसमें उसकी तिथि जून 1999 बताया और उसकी कार्यग्रहण की तिथि अप्रैल 2016 दिखाई गई। इससे जांच अधिकारियों को शंका हुई। जांच के दौरान उसने रोडवेज अधिकारियों को धमकी भी दी। जब उसके द्वारा दिखाए गए आईडी कार्ड की जांच करवाई गई तो उसका कहीं कोई रिकार्ड नहीं मिला। हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्री बस की जो सुविधा दी जाती है, वह कॉपी भी फर्जी मिली थी।
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जिला सूचना एवं जनसंपर्क अभियान से भी इसकी जांच करवाई गई, जिसमें यह फर्जी पाया गया। आरोपी युवक इंतजार ने चेकिंग स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। सरकारी कार्य में बाधा डाली। चेकिंग स्टाफ ने जब उसकी कॉपी की जांच की तो पाया कि उसने जून 2017 से अप्रैल 2018 तक रोडवेज बस में फ्री यात्रा करके रोडवेज को लाखों का चूना लगाया है। पुलिस ने इंतजार व वकील नरेंद्र मलिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। शनिवार को पुलिस ने इंतजार को गिरफ्तार कर लिया। उसे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई।
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जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंतजार को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने इंतजार को जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। अब 28 फरवरी को हाईकोर्ट में जांच अधिकारी को रिपोर्ट पेश करनी है। इसके बाद ही आगे इस मामले में कार्रवाई होगी। महेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जिस वकील नरेंद्र मलिक पर रोडवेज अधिकारियों ने धमकी देने के आरोप लगाए थे, जांच में धमकी देने संबंधी ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। फिलहाल मामला जांच में है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।