{"_id":"5b2e91b74f1c1bf26e8b9a72","slug":"171529778615-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि में घुमंतु जाति के बच्चों के लिए बनी अंतोदय पाठशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि में घुमंतु जाति के बच्चों के लिए बनी अंतोदय पाठशाला
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार जहां शिक्षा को लेकर अनेक तरह के अभियान चलाए हुए है, वहीं जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में अंत्योदय पाठशाला बनाकर एक नई सोच को आगे बढ़ाया है। इस पाठशाला में घुमंतू जाति के बच्चे शिक्षा प्राप्त करे रहे हैं। यहां सभी प्रकार की सेवाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में पहली बार किसी विश्वविद्यालय में स्कूल लगा है। यह स्कूल पिछले 20 दिन से चल रहा है जिसमें 22 बच्चे आ रहे हैं। स्कूल की देख-रेख विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे। घुमंतू जाति के बच्चों व परिवार के रहने के लिए व्यवस्था विवि में ही कर रखी है। खास बात यह है कि यहां घुमंतू जाति के बच्चों को अंग्रेजी में बात करना व प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। विश्वविद्यालाय के कुलपति आरबी सोलंकी खुद बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। बच्चों को इंग्लिश में बात करना सिखा रहे हैं।
बच्चों में दिखी प्रतिभा
सीआरएसयू में लगे स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे 20 दिन में ही इंग्लिश में अपना परिचय दे रहे हैं। इससे सभी बच्चों में छुपी प्रतिभा निखरकर सामने आएगी। विश्वविद्यालय के माहौल में नए अलख जगेगी।
छोटे बच्चों को शिक्षा देने का सपना हुआ पूरा
मुझे खुद को पहले से ही छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाने की चाहत थी। मुझे मौका मिला है और अब बच्चों को पढ़ाकर ऊंचे मुकान तक पहुंचाया जाएगा। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक कक्षाएं लगती हैं। विश्वविद्यालय में टीचर व खुद भी कक्षा ले रहे हैं।
विज्ञापन
-प्रो. आरबी सोलंकी, कुलपति, सीआरएसयू, जींद।
विज्ञापन
जींद। प्रदेश सरकार जहां शिक्षा को लेकर अनेक तरह के अभियान चलाए हुए है, वहीं जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में अंत्योदय पाठशाला बनाकर एक नई सोच को आगे बढ़ाया है। इस पाठशाला में घुमंतू जाति के बच्चे शिक्षा प्राप्त करे रहे हैं। यहां सभी प्रकार की सेवाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में पहली बार किसी विश्वविद्यालय में स्कूल लगा है। यह स्कूल पिछले 20 दिन से चल रहा है जिसमें 22 बच्चे आ रहे हैं। स्कूल की देख-रेख विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे। घुमंतू जाति के बच्चों व परिवार के रहने के लिए व्यवस्था विवि में ही कर रखी है। खास बात यह है कि यहां घुमंतू जाति के बच्चों को अंग्रेजी में बात करना व प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। विश्वविद्यालाय के कुलपति आरबी सोलंकी खुद बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। बच्चों को इंग्लिश में बात करना सिखा रहे हैं।
बच्चों में दिखी प्रतिभा
सीआरएसयू में लगे स्कूल में छोटे-छोटे बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे 20 दिन में ही इंग्लिश में अपना परिचय दे रहे हैं। इससे सभी बच्चों में छुपी प्रतिभा निखरकर सामने आएगी। विश्वविद्यालय के माहौल में नए अलख जगेगी।
विज्ञापन
छोटे बच्चों को शिक्षा देने का सपना हुआ पूरा
मुझे खुद को पहले से ही छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाने की चाहत थी। मुझे मौका मिला है और अब बच्चों को पढ़ाकर ऊंचे मुकान तक पहुंचाया जाएगा। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक कक्षाएं लगती हैं। विश्वविद्यालय में टीचर व खुद भी कक्षा ले रहे हैं।
विज्ञापन
-प्रो. आरबी सोलंकी, कुलपति, सीआरएसयू, जींद।