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श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति ने बांटे तुलसी के 108 पौधे
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:27 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
पटियाला चौक स्थित श्री महादेव मंदिर में श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को तुलसी के 108 पौधे वितरित किए। समिति ने जन-जन तुलसी अभियान के तहत घर-घर जाकर तुलसी के पौधे बांटे। प्रधान मंगलसेन चुघ, महासचिव विपिन आहूजा ने बताया कि हिंदू संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है। तुलसी का धार्मिक महत्व होने के औषधीय महत्व भी है। तुलसी ऐसी औषधि है, जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है। सांस संबंधी रोगों में तुलसी बहुत ही लाभदायक है। उन्होंने कहा कि तुलसी को देवी का रूप माना गया है और तुलसी का ही दूसरा नाम वृंदा है। इसकी वजह से वृंदावन नाम रखा गया है। जो कन्हैया का पवित्र धाम है। समिति उप प्रधान बलजिंद्र पाल ने कहा कि तुलसी के पौधों में एक विशेष प्रकार का तेल होता है जो वायु मंडल में हवा के बहाव से घर के वातावरण को प्रदूषण से दूर रखने में सहायक होता है। इसके अलावा तुलसी की पत्तियों को चाय या दूध में उबाल कर रात को सोते समय पीने से पेट के कीड़े भी मर जाते हैं। संस्था सदस्यों ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जिस तरह हम अपने बच्चों की सेवा करते हैं। उसी तरह हमें तुलसी के इस पौधे की सेवा करनी है। इस मौके पर राजेश, रामप्रकाश चुघ, अनिल जुनेजा, विरेंद्र गिरधर, हैप्पी परूथी, विक्रम आहूजा मौजूद रहे।
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जींद।
पटियाला चौक स्थित श्री महादेव मंदिर में श्री राधे चरण पादुका सेवा समिति ने श्रद्धालुओं को तुलसी के 108 पौधे वितरित किए। समिति ने जन-जन तुलसी अभियान के तहत घर-घर जाकर तुलसी के पौधे बांटे। प्रधान मंगलसेन चुघ, महासचिव विपिन आहूजा ने बताया कि हिंदू संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है। तुलसी का धार्मिक महत्व होने के औषधीय महत्व भी है। तुलसी ऐसी औषधि है, जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है। सांस संबंधी रोगों में तुलसी बहुत ही लाभदायक है। उन्होंने कहा कि तुलसी को देवी का रूप माना गया है और तुलसी का ही दूसरा नाम वृंदा है। इसकी वजह से वृंदावन नाम रखा गया है। जो कन्हैया का पवित्र धाम है। समिति उप प्रधान बलजिंद्र पाल ने कहा कि तुलसी के पौधों में एक विशेष प्रकार का तेल होता है जो वायु मंडल में हवा के बहाव से घर के वातावरण को प्रदूषण से दूर रखने में सहायक होता है। इसके अलावा तुलसी की पत्तियों को चाय या दूध में उबाल कर रात को सोते समय पीने से पेट के कीड़े भी मर जाते हैं। संस्था सदस्यों ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जिस तरह हम अपने बच्चों की सेवा करते हैं। उसी तरह हमें तुलसी के इस पौधे की सेवा करनी है। इस मौके पर राजेश, रामप्रकाश चुघ, अनिल जुनेजा, विरेंद्र गिरधर, हैप्पी परूथी, विक्रम आहूजा मौजूद रहे।