{"_id":"5bc23c21bdec2269612abc71","slug":"161539456033-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद कैप्टन पवन ुमार के घर पहुंचा सेना एक परिवार अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद कैप्टन पवन ुमार के घर पहुंचा सेना एक परिवार अभियान
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहीद कैप्टन पवन कुमार के घर पहुंचा सेना एक परिवार के सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए अभियान ‘सेना एक परिवार’ के तहत पंजाब रेजिमेंट सेंटर के 15 जवान लेफ्टिनेंट आयुष सारण के नेतृत्व में देश के लिए बलिदान होने वाले शहीद कैप्टन पवन के घर पहुंचे। यहां जवानों ने सेना एक परिवार है, की फीलिंग देने के लिए शहीद पवन कुमार के माता-पिता से मुलाकात की।
लेफ्टिनेंट आयुष सारण ने बताया कि सेना का यह जत्था 27 सितंबर को झारखंड के रामगढ़ से साइकिल पर चला है। जत्था उत्तर प्रदेश, राजस्थान होते हुए हरियाणा के जींद पहुंचा है। इस दौरान उन्होंने लगभग 1300 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भारतीय सैनिकों की संख्या काफी अधिक है। इन प्रदेशों में शहीद सैनिक परिवारों से मुलाकात करते हुए लगभग 2400 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर वह 27 अक्तूबर को इनफेंट्री दिवस पर दिल्ली पहुंचेंगे। यहां आर्मी चीफ विपिन रावत इस यात्रा का समापन करेंगे।
भावुक हुए शहीद के माता-पिता
इस दौरान शहीद कैप्टन पवन कुमार के माता-पिता भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए। शहीद पवन कुमार के पिता ने कहा कि सभी सैनिक उनके बेटे हैं और पूरी सेना उनका परिवार है। जत्थे में सूबेदार कुलदीप सिंह, बिक्रम सिंह, अमर चंद, जसप्रीत सिंह, परमिंद्र सिंह, मंगल सिंह, विक्रमजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, विपन कुमार, अर्शदीप सिंह, राहुल कुमार व हरिपाल सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए अभियान ‘सेना एक परिवार’ के तहत पंजाब रेजिमेंट सेंटर के 15 जवान लेफ्टिनेंट आयुष सारण के नेतृत्व में देश के लिए बलिदान होने वाले शहीद कैप्टन पवन के घर पहुंचे। यहां जवानों ने सेना एक परिवार है, की फीलिंग देने के लिए शहीद पवन कुमार के माता-पिता से मुलाकात की।
लेफ्टिनेंट आयुष सारण ने बताया कि सेना का यह जत्था 27 सितंबर को झारखंड के रामगढ़ से साइकिल पर चला है। जत्था उत्तर प्रदेश, राजस्थान होते हुए हरियाणा के जींद पहुंचा है। इस दौरान उन्होंने लगभग 1300 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भारतीय सैनिकों की संख्या काफी अधिक है। इन प्रदेशों में शहीद सैनिक परिवारों से मुलाकात करते हुए लगभग 2400 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर वह 27 अक्तूबर को इनफेंट्री दिवस पर दिल्ली पहुंचेंगे। यहां आर्मी चीफ विपिन रावत इस यात्रा का समापन करेंगे।
विज्ञापन
भावुक हुए शहीद के माता-पिता
इस दौरान शहीद कैप्टन पवन कुमार के माता-पिता भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए। शहीद पवन कुमार के पिता ने कहा कि सभी सैनिक उनके बेटे हैं और पूरी सेना उनका परिवार है। जत्थे में सूबेदार कुलदीप सिंह, बिक्रम सिंह, अमर चंद, जसप्रीत सिंह, परमिंद्र सिंह, मंगल सिंह, विक्रमजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, विपन कुमार, अर्शदीप सिंह, राहुल कुमार व हरिपाल सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन