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कमल खिलाने के लिए पसीने से सींचनी होगी बांगर की डाकर धरती ी
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:20 AM IST
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धर्मवीर निडाना
जींद।
वीरवार को जींद में हुई भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की युवा हुंकार रैली के बाद सोशल मीडिया पर आ रही वीडियो पार्टी की स्थिति को बयां कर रही है। रैली में जिस प्रकार खाली कुर्सियों को दिखाया जा रहा है, इससे साफ है कि बांगर की डाकर धरती पर कमल खिलाने के लिए भाजपा नेताओं को यह जमीन अपने पसीने से सींचनी होगी।
दरअसल भाजपा नेताओं ने रैली से पहले हर विधानसभा क्षेत्र से 1100 कार्यकर्ताओं को बाइक पर लाने का दावा किया था। इसके लिए बाकायदा पहले ही बाइकों का रजिस्ट्रेशन करने का अभियान चला और हर नेता ने सूची पार्टी नेतृत्व को भी भेजी। इसके हिसाब से रैली में 90 विधानसभाओं में से 99 हजार बाइक आनी चाहिए थीं। इस पर एक लाख से अधिक लोगों का रैली में पहुंचने का अनुमान था, लेकिन भाजपा नेता आधी भीड़ भी नहीं जुटा पाए। इससे साफ है कि अभी भाजपा नेताओं को संगठन को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।
बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति
रैली में भाजपा ने बूथ स्तर पर तैयार की गई फौज का शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। भीड़ के मामले में इस प्रदर्शन में भी भाजपा काफी कमजोर रही। अब तक भाजपा नेता अपने संगठन की ताकत पर इतराते रहे हैं, लेकिन अब इसको नए तरीके से तैयार करना होगा। बेशक भाजपा नेता रैली के मंच से भी खुद को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताते रहे, लेकिन जमीनी हकीकत सोशल मीडिया पर चल ही वीडियो में भी दिख रही है।
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ऐसे समझें भीड़ का गणित
दरअसल प्रदेश में कुल 18017 पोलिंग बूथ हैं। भाजपा ने इस रैली में हर बूथ से कम से कम पांच कार्यकर्ताओं को रैली में लाने की योजना बनाई। इस हिसाब से भीड़ 90 हजार से अधिक होनी चाहिए थी। वहीं रैली स्थल पर कुल 40 सेक्टर बनाए गए, जिनमें से लोगों के बैठने के लिए 28 सेक्टर रहे। हर सेक्टर में औसतन 1500 कुर्सियां लगी हुई थी। रैली में 40 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पहुंचने से पहले तक काफी कुर्सियां खाली रही। उनके आने के बाद भी पीछे का कुछ हिस्सा खाली रहा। हालांकि पार्किंग के पास सड़क पर भीड़ काफी संख्या में जमा रही। कुछ लोग सुरक्षा जांच के कारण रैली स्थल पर नहीं पहुंच पाए।
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जींद।
वीरवार को जींद में हुई भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की युवा हुंकार रैली के बाद सोशल मीडिया पर आ रही वीडियो पार्टी की स्थिति को बयां कर रही है। रैली में जिस प्रकार खाली कुर्सियों को दिखाया जा रहा है, इससे साफ है कि बांगर की डाकर धरती पर कमल खिलाने के लिए भाजपा नेताओं को यह जमीन अपने पसीने से सींचनी होगी।
दरअसल भाजपा नेताओं ने रैली से पहले हर विधानसभा क्षेत्र से 1100 कार्यकर्ताओं को बाइक पर लाने का दावा किया था। इसके लिए बाकायदा पहले ही बाइकों का रजिस्ट्रेशन करने का अभियान चला और हर नेता ने सूची पार्टी नेतृत्व को भी भेजी। इसके हिसाब से रैली में 90 विधानसभाओं में से 99 हजार बाइक आनी चाहिए थीं। इस पर एक लाख से अधिक लोगों का रैली में पहुंचने का अनुमान था, लेकिन भाजपा नेता आधी भीड़ भी नहीं जुटा पाए। इससे साफ है कि अभी भाजपा नेताओं को संगठन को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।
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बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति
रैली में भाजपा ने बूथ स्तर पर तैयार की गई फौज का शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। भीड़ के मामले में इस प्रदर्शन में भी भाजपा काफी कमजोर रही। अब तक भाजपा नेता अपने संगठन की ताकत पर इतराते रहे हैं, लेकिन अब इसको नए तरीके से तैयार करना होगा। बेशक भाजपा नेता रैली के मंच से भी खुद को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताते रहे, लेकिन जमीनी हकीकत सोशल मीडिया पर चल ही वीडियो में भी दिख रही है।
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ऐसे समझें भीड़ का गणित
दरअसल प्रदेश में कुल 18017 पोलिंग बूथ हैं। भाजपा ने इस रैली में हर बूथ से कम से कम पांच कार्यकर्ताओं को रैली में लाने की योजना बनाई। इस हिसाब से भीड़ 90 हजार से अधिक होनी चाहिए थी। वहीं रैली स्थल पर कुल 40 सेक्टर बनाए गए, जिनमें से लोगों के बैठने के लिए 28 सेक्टर रहे। हर सेक्टर में औसतन 1500 कुर्सियां लगी हुई थी। रैली में 40 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पहुंचने से पहले तक काफी कुर्सियां खाली रही। उनके आने के बाद भी पीछे का कुछ हिस्सा खाली रहा। हालांकि पार्किंग के पास सड़क पर भीड़ काफी संख्या में जमा रही। कुछ लोग सुरक्षा जांच के कारण रैली स्थल पर नहीं पहुंच पाए।