फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   सरकार ने बीमा कंपनियों को पहुंचाया 10 हजार करोड़ का फायदा

सरकार ने बीमा कंपनियों को पहुंचाया 10 हजार करोड़ का फायदा

Wed, 14 Jun 2017 12:44 AM IST
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
सरकार ने बीमा कंपनियों को पहुंचाया 10 हजार करोड़ का फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जींद।
देश भर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच जुलाना से विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने केंद्र तथा प्रदेश सरकार पर फसल बीमा के नाम पर किसानों से लूट करवाने के आरोप लगाए हैं। ढुल ने कहा कि देश भर में दस हजार करोड़ रुपये सीधे-सीधे कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया है। प्रदेश में फसल बीमा के लिए किसानों से 95798.23 लाख रुपये प्रीमियम वसूला गया, जबकि किसानों को महज 986.01 लाख रुपये क्लेम के रूप में दिया गया है। ढुल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बीमा कंपनियों के एजेंट के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान कर्ज के बोझ में दबा हुआ है और सरकार को कर्ज माफ कर किसानों को राहत देनी चाहिए।
इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में ढुल ने कहा कि वह पहले ही फसल बीमा के बारे में सरकार को चेता रहे थे, लेकिन भाजपा सरकार ने बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए मनमर्जी चलाई। ढुल ने कहा कि 1966 के गेहूं के समर्थन मूल्य के आंकलन के अनुसार, औसतन एक कर्मचारी का वेतन पांच क्विंटल गेहूं के बराबर होता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। कर्मचारियों के वेतन में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है, जबकि किसान की फसलों का समर्थन मूल्य महज 19 प्रतिशत बढ़ा है।
विज्ञापन


17184.79 करोड़ रुपये गया प्रीमियम
ढुल ने कहा कि वर्ष 2016 में बीमा कंपनियों को देश भर में 17184.79 करोड़ रुपये प्रीमियम के रूप में मिले, जबकि 6808.48 करोड़ रुपये ही क्लेम के रूप में किसानों को दिए गए। यह राशि यदि सरकार किसानों की मदद के लिए खर्च करती तो इससे काफी किसानों का भला हो सकता था। कुल मिलाकर सरकार ने बीमा कंपनियों को 10376.31 करोड़ रुपये का मुनाफा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश में हुई बीम कंपनियों की बल्ले बल्ले
विधायक परमेंद्र ढुल के अनुसार, विधानसभा में उनके प्रश्न संख्या 422 के जवाब में सरकार ने खुद माना है कि प्रदेश में बीमा कंपनियों को मोटा लाभ दिया गया है। इसमें कुल 35798.23 लाख रुपये प्रीमियम के रूप में बीमा कंपनियों के पास गए जबकि कंपनियों ने क्लेम महज 986.01 लाख रुपये दिया है। कैथल जिला में महज 50 हजार रुपये क्लेम के रूप में दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की खरीफ फसल में कपास की फसल से 11627.29, धान की फसल से 11839.88, बाजरा की फसल से 1650.38, मक्का से 24.82, रबी की फसल 2016-17 से गेहूं की फसल के लिए 9279.59, जौ की फसल के लिए 32.18, सरसों की फसल के लिए 1209.35 और चने के लिए 134.74 लाख रुपये प्रीमियम के तौर पर गया है।

जींद जिले से बीमा कंपनियों ने कमाए 35 करोड़
ढुल ने बताया कि पिछले साल जबरन लागू की गई फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों के सहकारी समितियों में खातों से जबरन पैसे काटकर सरकार ने 35 करोड़ रुपये सिर्फ जींद जिले से बीमा कंपनियों को सुपुर्द किए। इसके बदले पूरे जिले में मुआवजा राशि मात्र 56 लाख वितरित की गई।


इनेलो करेगी कर्ज माफ
विधायक परमेंद्र ढुल ने कहा कि किसानों के कर्ज माफ करने की परंपरा चौधरी देवीलाल ने शुरू की थी। ऐसे में यदि इनेलो लोगों के सहयोग से सत्ता मेें आती है तो प्रदेश के किसानों के कर्ज माफ किए जाएंगे।

सरकार ने बीमा कंपनियों को पहुंचाया 10 हजार करोड़ का फायदा
जुलाना विधायक परमेंद्र ढुल ने फसल बीमा में किसानों के नाम पर लूट का लगाया आरोप
प्रदेश में 34812.22 लाख रुपये गए कंपनियों की झोली में, भाजपा बनी बीमा कंपनियों की एजेंट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed