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केंद्रीय कानून राज्य मंत्री से चौधरी बीरेंद्र सिंह का आह्वान

Mon, 29 Jan 2018 01:53 AM IST
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:53 AM IST
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केंद्रीय कानून राज्य मंत्री से चौधरी बीरेंद्र सिंह का आह्वान
केंद्रीय कानून राज्य मंत्री से चौधरी बीरेंद्र सिंह का आह्वान
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में समाप्त हो 60-40 का अनुपात, हरियाणा को मिले आधी हिस्सेदारी
ठेठ देसी अंदाज में बोले फिर पता लेगा पंजाब कैसी बोलिंग करता है
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला बार एसोसिएश में रविवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह व कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने शिरकत की। कार्यक्रम में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पीपी चौधरी से आह्वान किया कि अब पंजाब एंव हरियाण हाईकोर्ट में पंजाब के 60 प्रतिशत के मुकाबले 40 प्रतिशत स्थान को बंद किया जाए। हरियाणा को पूरा 50 प्रतिशत हक मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति से लेकर कुल खर्च और अन्य सुविधाओं में कुल आबंटन का हरियाणा को 40 प्रतिशत व पंजाब को 60 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। ऐसे में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब वह जमाना लद गया है। अब पंजाब एवं हरियाण हाईकोर्ट में हरियाणा के वकीलों की संख्या पंजाब व चंडीगढ़ के वकीलों से अधिक है। कार्यक्रम में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायधीश सूर्यकांत, जसवंत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र अहलावत, जिला एवं सत्र न्यायधीश सुभाष मेहला, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जसबीर कुंडू, उप प्रधान सुरजीत सिंह, सचिव सुरेंद्र रेढू, संयुक्त सचिव संदीप श्यौकंद, एचपीएससी के सदस्य जयभगवान गोयल, पूर्व एडवोकेट जरनल हवा सिंह हुड्डा, जिला, जिला प्रशासन की ओर से डीसी अमित खत्री, एसएसपी डॉ. अरूण कुमार मौजूद रहे।
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सुनाया किस्सा
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने इस दौरान एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब वे कॉलेज में पढ़ते तो पटियाला में क्रिकेट के लिए ट्रायल देने गए थे। तब चयनकर्ताओं ने महज तीन बॉल खिलाकर ही उन्हें वापस भेज दिया। पूछने पर बताया कि वे हरियाणा के हैं और उपर से जाट। वे क्रिकेट नहीं खेल सकते। इस पर चुटकी लेते हुए चौधरी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि हरियाणा को 50 प्रतिशत कोटा मिलता है तो फिर देखते हैं पंजाब कैसी बॉलिंग करता है।
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प्रेक्टिस करता तो होता अधिक वरिष्ठ
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने 1970 में जींद में वकालत शुरू की थी। यदि वे प्रेक्टिस करते तो अब वरिष्ठता में उनका स्थान तीसरा या चौथा होता, लेकिन अब कैबिनेट में 20वां स्थान है।
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अपनी कर्मस्थली पर भावुक हुए बीरेंद्र सिंह
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हालांकि उन्होंने महज दो साल ही प्रेक्टिस की और फिर चुनाव लडना पड़ा। उन्होंने बताया कि उस समय राजा के पुराने महल में कोर्ट चलती थी और बेंच पर पक्षियों की गंदगी भी पड़ती रहती थी, लेकिन आज वकीलों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। इस दौरान उन्होंने बनने वाले ऑडिटोरियम के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनके पास इस्पात मंत्रालय हैं। ऐसे में वे देश के सबसे बड़े लुहार हैं। स्टील में भी वे बार की मदद करेंगे।
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दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर नए कानून का नहीं प्रस्ताव
कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री पीपी चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बच्चिों के साथ हो रही दरिंदगी को लेकर फिलहाल कोई नया कानून बनाने का प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालतें खुद इन मामलों में गंभीर हैं और राजस्थान में एक विदेशी महिला के साथ हुई घटना में हाईकोर्ट ने महज सात दिन में फैसला सुनाया है।

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विनोद सिंगला पेश करें सबूत
पिछले कई दिन से चल रहे विवाद पर केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने विनोद सिंगला पर राजनीति से प्रेरित होकर आरोप लगाने की बात कही है। गौरतलब है कि जिला परिषद चेयरमैन पदमा सिंगला के पति विनोद सिंगला ने कहा था कि उचाना कलां से विधायक और चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता ने उनसे एक पार्षद के नाम पर पैसे लिए थे। इस पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब चुनाव नजदीक आ रहा है। ऐसे आरोप चलते हैं। उन्होनें कहा कि लोग ऐसे कलाकार हैं, हो सकता है विनोद सिंगला भी उन्हीं में से हों। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि कोई ऐसा मामला है तो वे इसे साबित करें।
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