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बीडीपीओ व दूसरे अधिकारी प्रेरकों को नोटिस भेज कर रहे परेशान
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:09 AM IST
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प्रेरकों को नोटिस भेज किया जा रहा परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
साक्षर भारत मिशन के प्रेरकों ने रविवार को नेहरू पार्क में बैठक की। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेंद्र मोर ने की। बैठक में सुरेंद्र मोर ने कहा कि आरटीआई के जरिए साक्षर भारत मिशन में करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले को उजागर करने वाले प्रेरकों को अब बीडीपीओ और दूसरे अधिकारी अनावश्यक नोटिस भेज कर प्रेरकों को परेशान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेरकों ने विभाग के आदेशानुसार सामान निश्चित समय पर जमा करवाकर इसकी प्राप्ति की रसीद खंड समन्वयक के पास जमा करवा दी है। अब प्रेरक उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत अपना बकाया मानदेय और अनुभव प्रमाण-पत्र मांग रहे हैं। बीडीपीओ और जिला समन्वयक तथा खंड समन्वयक अपनी रणनीति के तहत बकाया मानदेय और अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने से साफ मना कर रहे हैं। यह हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। घोटाले को लेकर लगाई गई आरटीआई को भी वापस लेने के लिए प्रेरकों पर दबाव बनाया जा रहा है। उचाना के प्रेरक विनोद श्योकंद ने कहा कि उन पर इस तरह का दबाव अधिकारी बना रहे हैं। प्रेरकों ने अब तय कर लिया है कि वह घोटाले की निष्पक्ष जांच और प्रेरकों को उनका हक दिलाकर ही दम लेंगे। जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रेरक संघ दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। बैठक में कविता नैन, निर्मल, पिंकी, संदीप, रोहताश, सियाराम, महाबीर, सुमनील, राजेमंद्र, प्रवेश, गुरवीर, मोनिका खापड़ आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
साक्षर भारत मिशन के प्रेरकों ने रविवार को नेहरू पार्क में बैठक की। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेंद्र मोर ने की। बैठक में सुरेंद्र मोर ने कहा कि आरटीआई के जरिए साक्षर भारत मिशन में करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले को उजागर करने वाले प्रेरकों को अब बीडीपीओ और दूसरे अधिकारी अनावश्यक नोटिस भेज कर प्रेरकों को परेशान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेरकों ने विभाग के आदेशानुसार सामान निश्चित समय पर जमा करवाकर इसकी प्राप्ति की रसीद खंड समन्वयक के पास जमा करवा दी है। अब प्रेरक उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत अपना बकाया मानदेय और अनुभव प्रमाण-पत्र मांग रहे हैं। बीडीपीओ और जिला समन्वयक तथा खंड समन्वयक अपनी रणनीति के तहत बकाया मानदेय और अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने से साफ मना कर रहे हैं। यह हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। घोटाले को लेकर लगाई गई आरटीआई को भी वापस लेने के लिए प्रेरकों पर दबाव बनाया जा रहा है। उचाना के प्रेरक विनोद श्योकंद ने कहा कि उन पर इस तरह का दबाव अधिकारी बना रहे हैं। प्रेरकों ने अब तय कर लिया है कि वह घोटाले की निष्पक्ष जांच और प्रेरकों को उनका हक दिलाकर ही दम लेंगे। जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रेरक संघ दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। बैठक में कविता नैन, निर्मल, पिंकी, संदीप, रोहताश, सियाराम, महाबीर, सुमनील, राजेमंद्र, प्रवेश, गुरवीर, मोनिका खापड़ आदि मौजूद थे।
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