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टीम पर जानलेवा हमला

Sat, 14 Oct 2017 11:03 PM IST
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:03 PM IST
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टीम पर जानलेवा हमला
बिजली सप्लाई चेक करने पहुंची निगम टीम पर हमला
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। गांव निम्राबाद के डेरों पर बिजली सप्लाई देखने पहुंची निगम की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला बोल दिया। हमले के दौरान ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से वार कर सरकारी गाड़ी को क्षतिग्रस्त करते हुए कर्मचारियों को बुरी तरह से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने कई कर्मचारियों को काबू कर करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। घटना सूचना मिलने के बाद निम्राबाद सरपंच निशान सिंह ने बीचबचाव करते हुए कर्मचारियों को छोड़वाया। जिसके बाद हमले में घायल ग्रामीण एसडीओ राजबीर श्योराण, जेई रमेश व एएफएम सतबीर नारा को नागरिक अस्पताल में लाया गया। डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीण एसडीओ राजबीर श्योराण ने बताया कि उनके नेतृत्व में जेई रमेश, एएफएम रणबीर, सतबीर नारा, मनोज व चालक विक्की गांव निम्राबाद के जोरा सिंह के डेरे पर चल रही बिजली सप्लाई देखने के लिए पहुंचे थे। जैसे ही हम गाड़ी से उतरे तो जोरा सिंह व पास के डेरों पर के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें इसका अहसास नहीं था कि डेरा वासी उन पर हमला भी कर देंगे। हमले में उसके अलावा जेई रमेश व सतबीर नारा गंभीर रूप से घायल हुए है और गाड़ी को बुरी तरह से तोड़कर आग लगाने की धमकी दी। लोगों ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया गया। सरपंच की मदद से वे लोग वहां से निकल सके। मुख्यमंत्री हरियाणा, एमडी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हिसार, स्टेट विजिलेंस हिसार में निगम के पूर्व कर्मचारी जयपाल द्वारा गलत तरीके से सप्लाई देने की शिकायत की थी। बिजली निगम के कुछ कर्मचारियों द्वारा गांव निम्राबाद, डिडवाड़ा, मलिकपुर के करीब एक दर्जन डेरों में अवैध रूप से ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली मुहैया करवाए गये। जयपाल ने शिकायत में कहा था कि निगम के कर्मचारी फोरमैन मनोज, एलएम तेजपाल पर आरोप लगाए कि इन्होंने डेरा वासियों से पैसे लेकर ट्रांसफार्मर लगाए है। जिनका बिजली निगम में कोई भी नहीं तो एस्टीमेट बनाया गया और नहीं ही अनुमति ली गई है। इसके लिए उक्त कर्मचारियों ने लाखो रुपये लेकर बिजली बोर्ड का सारा सामान भी लगा दिया है। जिससे बोर्ड को कई लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बिजली पानी थाना जींद ने अधिकारियों को 10 दिन में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में घायलों से बयान दर्ज कर, जांच की जा रही है।
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