फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   अगर आग का गोला बनी बस, तो कैसे बचेंगे

अगर आग का गोला बनी बस, तो कैसे बचेंगे

Tue, 06 Jun 2017 12:51 AM IST
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:51 AM IST
विज्ञापन
अगर आग का गोला बनी बस, तो कैसे बचेंगे

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
उत्तर प्रदेश के बरेली में चलती बस में आग लगने से हुई 22 लोगों की मौत से परिवहन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अब तक जींद डिपो में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन डिपो की बसों में सुरक्षा नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। इसको जांचने के लिए अमर उजाला ने सोमवार को रोडवेज की बसों में सुरक्षा मानकों की स्थिति जांची।
रोडवेज की अधिकतर बसों में सुरक्षा नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। आग लगने की स्थिति में रोडवेज की बसों आग पर काबू पाने के लिए फायर सेफ्टी सिलेंडर ही नहीं है। कुछ बसों में हैं, तो वह निर्धारित स्थान पर नहीं होकर सीटों के नीचे पड़े हैं। इन सिलेंडरों के प्रयोग की तारीख भी खत्म हो चुकी है। वहीं बसों में आपातकालीन द्वार भी नहीं है। इससे आपातकालीन स्थिति में बस से निकलने में काफी दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन


हर रोज करते हैं 30 हजार लोग सफर
जींद डिपो की 200 बसों में प्रतिदिन करीब 30 हजार लोग सफर करते हैं। इनमें से कई बस अंतर राज्यीय भी चलती हैं और रात्रि सेवा में भी चलती हैं। इन बसों में हादसे से बड़ा नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑटोमेटिक खिड़की बन सकती है आफत
आजकल कई बसों में प्रेसर वाली ऑटोमेटिक खिड़कियों का ट्रेंड काफी बढ़ रहा है। इससे हादसे की संभावना काफी बढ़ जाती है। विशेषकर आग लगने की स्थिति में इन खिड़कियों को खोलना मुश्किल हो जाता है।

सुरक्षित हो सफर
रोडवेज की बसों में सफर सुरक्षित होना चाहिए। यात्री भी इन चीजों की ओर कभी ध्यान नहीं देते। इससे बड़े हादसे हो सकते हैं। सरकार को सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करने चाहिए। -प्रीतम

ऐसे तो खतरे में है सफर
मैंने कभी ऐसे नहीं सोचा, लेकिन कभी भी किसी बस में फायर सेफ्टी सिलेंडर नहीं देखा है। यह सुरक्षा में बड़ी चूक है। ऐसे में रोडवेज की बसों में सफर करने वाले हजारों लोगों की जान खतरे में रहेगी। -कांता


करवाएंगे सुरक्षा की व्यवस्था
बसों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी करवाई जाएगी। मंगलवार को ही वर्कशॉप में बात कर सिलेंडरों की स्थिति का पता किया जाएगा। सभी बसों में अग्नि सुरक्षा सिलेंडर लगवाए जाएंगे। आपातकालीन द्वार का सुझाव अधिकारियों को भेजा जाएगा। -एमएस खर्ब, महाप्रबंधक, जींद डिपो

अगर आग का गोला बनी बस, तो कैसे बचेंगे
फायर सेफ्टी सिलेंडर और बिना आपातकालीन दरवाजों के दौड़ रहीं रोडवेज बसें,
यात्रियों की सेफ्टी का कोई ख्याल नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed