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जिला में साढ़े चार करोड़ रुपये से होगा बागवानी का विकास
Updated Thu, 24 May 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पीएम मोदी के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर जिला बागवानी विभाग अग्रसर है। विभाग गत वर्ष में बागवानी की फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय को दोगुना करेगा। इसके लिए मुख्यालय से विभाग को एमआईडीएच स्कीम के तहत 4.77 करोड़ रुपये का ग्रांट मिला है। इस ग्रांट को बागवानी के उन किसानों में बांटा जाएगा जो बागवानी की खेती करेगा। जिला बागवानी विभाग मोदी की किसानों की आमदनी को बढ़ाने की पहल पर अग्रसर है। 4.77 करोड़ की राशि से बागवानी विभाग को बागवानी की कई प्रकार की खेती जिले में करवानी है। इसके लिए मुख्यालय से सभी फसलों के लिए टारगेट मिला है। विभाग को इस पैसे से 75 हेक्टेयर में अमरूद, नींबू, कीनू के बाग लगवाने, 350 हेक्टेयर में टमाटर, फूल गोभी और प्याज की सब्जियां उगानी हैं। इसके अलावा स्माल नर्सरी जिसकी लागत लगभग 15 लाख रुपये है, इसमें विभिन्न तरह की पौध तैयार करने का लक्ष्य विभाग का है। स्माल नर्सरी के लिए किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से अमरूद, नींबू, कीनू के बाग लगाने पर 50 प्रतिशत यानि प्रति हेक्टेयर 11502 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। फूलों की खेती के लिए भी विभाग को 20 हेक्टेयर का टारगेट मिला है। इसमें देसी गुलाब और सुगंधित फूलों की खेती करने वाले किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान पर 16 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगा। इसके अलावा फल और फूल से बनने वाले प्रोडक्ट के लिए 25 लाख रुपये प्रति यूनिट दिया जाएगा। इसमें किसान को दस लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा और कोल्ड रूम स्टॉकिंग के लिए 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह स्टॉकिंग रूम 30 मैट्रिक टन की क्षमता का किसान को बनाना होगा। इसमें 35 प्रतिशत की छूट पर लगभग 5.35 हजार रुपये की छूट मिलेगी।
किसानों की आय को बढ़ाना बागवानी का लक्ष्य
बागवानी विभाग का लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाकर पीएम के सपने को सच करना है। विभाग बागवानी के सभी किसानों को जिसमें खेती करना हो या कोई उपकरण खरीदना हो, इनको अनुदान देकर खेती की तरफ अग्रसर करना है ताकि किसान का ध्यान परंपरागत खेती से हटाकर बागवानी से जोड़ा जाए। विभाग का लक्ष्य किसानों को उन्नत करना है ताकि अपने परिवार का गुजारा चला सके।
-असीम जांगड़ा, जिला बागवानी सलाहकार।
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जींद। पीएम मोदी के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर जिला बागवानी विभाग अग्रसर है। विभाग गत वर्ष में बागवानी की फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय को दोगुना करेगा। इसके लिए मुख्यालय से विभाग को एमआईडीएच स्कीम के तहत 4.77 करोड़ रुपये का ग्रांट मिला है। इस ग्रांट को बागवानी के उन किसानों में बांटा जाएगा जो बागवानी की खेती करेगा। जिला बागवानी विभाग मोदी की किसानों की आमदनी को बढ़ाने की पहल पर अग्रसर है। 4.77 करोड़ की राशि से बागवानी विभाग को बागवानी की कई प्रकार की खेती जिले में करवानी है। इसके लिए मुख्यालय से सभी फसलों के लिए टारगेट मिला है। विभाग को इस पैसे से 75 हेक्टेयर में अमरूद, नींबू, कीनू के बाग लगवाने, 350 हेक्टेयर में टमाटर, फूल गोभी और प्याज की सब्जियां उगानी हैं। इसके अलावा स्माल नर्सरी जिसकी लागत लगभग 15 लाख रुपये है, इसमें विभिन्न तरह की पौध तैयार करने का लक्ष्य विभाग का है। स्माल नर्सरी के लिए किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से अमरूद, नींबू, कीनू के बाग लगाने पर 50 प्रतिशत यानि प्रति हेक्टेयर 11502 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। फूलों की खेती के लिए भी विभाग को 20 हेक्टेयर का टारगेट मिला है। इसमें देसी गुलाब और सुगंधित फूलों की खेती करने वाले किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान पर 16 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगा। इसके अलावा फल और फूल से बनने वाले प्रोडक्ट के लिए 25 लाख रुपये प्रति यूनिट दिया जाएगा। इसमें किसान को दस लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा और कोल्ड रूम स्टॉकिंग के लिए 15 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह स्टॉकिंग रूम 30 मैट्रिक टन की क्षमता का किसान को बनाना होगा। इसमें 35 प्रतिशत की छूट पर लगभग 5.35 हजार रुपये की छूट मिलेगी।
किसानों की आय को बढ़ाना बागवानी का लक्ष्य
बागवानी विभाग का लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाकर पीएम के सपने को सच करना है। विभाग बागवानी के सभी किसानों को जिसमें खेती करना हो या कोई उपकरण खरीदना हो, इनको अनुदान देकर खेती की तरफ अग्रसर करना है ताकि किसान का ध्यान परंपरागत खेती से हटाकर बागवानी से जोड़ा जाए। विभाग का लक्ष्य किसानों को उन्नत करना है ताकि अपने परिवार का गुजारा चला सके।
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-असीम जांगड़ा, जिला बागवानी सलाहकार।