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सिल्लाखेड़ा गांव की एक दर्जन महिलाओं की आंखों की रोशनी गई
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सिल्लाखेड़ा गांव की तीन महिलाओं का आरोप, आपरेशन के बाद दिखाई देना हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नारनौंद के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण सफीदों के गांव सिल्लाखेड़ी निवासी तीन महिलाओं की आंखों की रोशनी चली गई है। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने आठ से दस हजार रुपये ऑपरेशन के लिए भी दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में फिलहाल मामला नहीं है।
गांव सिल्लाखेड़ी निवासी 65 वर्षीय राजो, 68 वर्षीय सुरेश तथा 55 वर्षीय ममता का आरोप है कि उन्होंने तीन सप्ताह पहले एक मुफ्त जांच शिविर के दौरान सफीदों में ही अपनी आंखों की जांच करवाई थी। इस दौरान नारनौंद स्थित एक निजी अस्पताल की टीम ने उनकी आंखों की जांच की थी। बाद में उनको ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। चिकित्सकों ने कहा कि यदि उन्होंने अभी ऑपरेशन नहीं करवाया तो उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाएगी। इसके बाद उन्होंने अपनी आंखों के ऑपरेशन करवाए। ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई। रोशनी के साथ उनकी आंखों में दर्द भी होने लगा और सूजन भी आ गई। इसके बाद निजी अस्पताल संचालकों ने कहा कि यह आंखों के ऑपरेशन के कारण नहीं, बल्कि उनके किसी अन्य बीमारी के कारण है। अब महिलाएं दर-दर भटक रही हैं।
नोटिस में नहीं मामला
फिलहाल यह मामला उनके नोटिस में नहीं है। यदि किसी महिला की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि अस्पताल संचालकों का इसे कोई कसूर पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नारनौंद के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण सफीदों के गांव सिल्लाखेड़ी निवासी तीन महिलाओं की आंखों की रोशनी चली गई है। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने आठ से दस हजार रुपये ऑपरेशन के लिए भी दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में फिलहाल मामला नहीं है।
गांव सिल्लाखेड़ी निवासी 65 वर्षीय राजो, 68 वर्षीय सुरेश तथा 55 वर्षीय ममता का आरोप है कि उन्होंने तीन सप्ताह पहले एक मुफ्त जांच शिविर के दौरान सफीदों में ही अपनी आंखों की जांच करवाई थी। इस दौरान नारनौंद स्थित एक निजी अस्पताल की टीम ने उनकी आंखों की जांच की थी। बाद में उनको ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। चिकित्सकों ने कहा कि यदि उन्होंने अभी ऑपरेशन नहीं करवाया तो उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाएगी। इसके बाद उन्होंने अपनी आंखों के ऑपरेशन करवाए। ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई। रोशनी के साथ उनकी आंखों में दर्द भी होने लगा और सूजन भी आ गई। इसके बाद निजी अस्पताल संचालकों ने कहा कि यह आंखों के ऑपरेशन के कारण नहीं, बल्कि उनके किसी अन्य बीमारी के कारण है। अब महिलाएं दर-दर भटक रही हैं।
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नोटिस में नहीं मामला
फिलहाल यह मामला उनके नोटिस में नहीं है। यदि किसी महिला की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि अस्पताल संचालकों का इसे कोई कसूर पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन, जींद।