{"_id":"5ba3f3c4867a557ebc194c56","slug":"131537471428-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही : बच्चों की पहले दिन की परीक्षा में शिक्षा विभाग फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही : बच्चों की पहले दिन की परीक्षा में शिक्षा विभाग फेल
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लापरवाही : बच्चों की पहले दिन की परीक्षा में शिक्षा विभाग फेल
60 विद्यार्थियों के लिए भेजा एक प्रश्न पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले के सभी स्कूलों में वीरवार को अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई है। परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की निर्धारित संख्या की अपेक्षा बहुत कम संख्या में प्रश्न पत्र भेजा। सुबह परीक्षा के समय जब स्कूल मुखियाओं ने निर्धारित समय पर प्रश्न पत्र बांटने शुरू किए तो किसी में किसी कक्षा में दस, तो किसी में पांच कम मिले।
मंगलपुर गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छठी कक्षा में 60 बच्चे परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। इन बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने एक प्रश्न पत्र भेजकर अपना काम पूरा कर दिया। इसके अतिरिक्त इसी स्कूल की ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में 50-50 विद्यार्थियों के लिए 40-40 प्रश्न पत्र विभाग ने भेज दिए। स्कूल इंचार्ज साधु राम ने कहा कि बच्चों की परीक्षा शुरू होने के बाद ही प्रश्न पत्र खोलकर देखे जाते हैं। यह शिक्षा विभाग की बड़ी चूक थी। परीक्षा शुरू होने के बाद इन प्रश्न पत्रों की फोटो कॉपी बाजार से करवानी पड़ी। इसके लिए बच्चों को प्रश्न पत्र का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त और बहुत से स्कूल ऐसे हैं। जिनमें निर्धारित संख्या में प्रश्न पत्र नहीं पहुंच सके।
खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से जो डिमांड प्रश्न पत्रों की आई थी। उसके अनुसार सभी स्कूलों में प्रश्न पत्र भेज दिए गए थे। अगर इस तरह का कोई मामला आया है तो वह उसकी जांच करेंगे कि किस स्तर पर गलती हुई है। जिला स्तर पर इस तरह की कोई गलती नहीं हुई है।
विज्ञापन
अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
60 विद्यार्थियों के लिए भेजा एक प्रश्न पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले के सभी स्कूलों में वीरवार को अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई है। परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की निर्धारित संख्या की अपेक्षा बहुत कम संख्या में प्रश्न पत्र भेजा। सुबह परीक्षा के समय जब स्कूल मुखियाओं ने निर्धारित समय पर प्रश्न पत्र बांटने शुरू किए तो किसी में किसी कक्षा में दस, तो किसी में पांच कम मिले।
मंगलपुर गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छठी कक्षा में 60 बच्चे परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। इन बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने एक प्रश्न पत्र भेजकर अपना काम पूरा कर दिया। इसके अतिरिक्त इसी स्कूल की ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में 50-50 विद्यार्थियों के लिए 40-40 प्रश्न पत्र विभाग ने भेज दिए। स्कूल इंचार्ज साधु राम ने कहा कि बच्चों की परीक्षा शुरू होने के बाद ही प्रश्न पत्र खोलकर देखे जाते हैं। यह शिक्षा विभाग की बड़ी चूक थी। परीक्षा शुरू होने के बाद इन प्रश्न पत्रों की फोटो कॉपी बाजार से करवानी पड़ी। इसके लिए बच्चों को प्रश्न पत्र का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त और बहुत से स्कूल ऐसे हैं। जिनमें निर्धारित संख्या में प्रश्न पत्र नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से जो डिमांड प्रश्न पत्रों की आई थी। उसके अनुसार सभी स्कूलों में प्रश्न पत्र भेज दिए गए थे। अगर इस तरह का कोई मामला आया है तो वह उसकी जांच करेंगे कि किस स्तर पर गलती हुई है। जिला स्तर पर इस तरह की कोई गलती नहीं हुई है।
विज्ञापन
अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी