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Jind News: 12 लाख ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर रोशनी सुरक्षित होगा आवागमन
Mon, 15 Jun 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:10 AM IST
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14जेएनडी05 : सिंधवी खेड़ा गांव में खराब होने के कारण रात के समय बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद
जींद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रात में रोशनी की व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाए रखा जाएगा। अब अगले पांच वर्षों तक गांवों की गलियों को जगमग रखने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए प्रशासन ने गांवों में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और मरम्मत पर 92.96 लाख रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है। इससे जिले के 307 गांवों की लगभग 12 लाख ग्रामीण आबादी को आने-जाने में सुविधा होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से यह समस्या सामने आती रही है कि स्ट्रीट लाइट खराब होने के बाद काफी समय तक ठीक नहीं हो पाती थी। कई गांवों में खंभे पर लगी लाइटें खराब होने के कारण गलियां अंधेरे में डूब जाती थीं जिससे लोगों को रात के समय आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता था। महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी।
अब नई व्यवस्था के तहत स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय होने से ऐसी शिकायतों का समय पर समाधान संभव हो सकेगा। योजना के तहत गांवों में लगी स्ट्रीट लाइटों की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्थान पर लाइट खराब हो जाती है, बल्ब फ्यूज हो जाता है, वायरिंग में खराबी आती है या अन्य कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है तो एजेंसी को निर्धारित समय में ठीक करना होगा।
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इसके अलावा टूट-फूट होने पर उपकरणों को बदलने और मरम्मत करने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था लगातार सुचारु बनी रहेगी। जिले के अधिकांश गांवों में पंचायतों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। हालांकि रखरखाव की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर लाइटें लंबे समय तक बंद रहती थीं।
ग्रामीणों को बार-बार शिकायतें करनी पड़ती थीं लेकिन समाधान में देरी हो जाती थी। अब पांच वर्ष तक व्यवस्था से रखरखाव कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा। ग्रामीणों को भी भरोसा है कि अब गलियों की रोशनी केवल कागज तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि धरातल पर लगातार दिखाई देगी।
बाक्स
प्रकाश व्यवस्था सुरक्षा से भी जुड़ा है
गांवों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं है बल्कि यह सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। गांवों में रात के समय पर्याप्त रोशनी रहने से चोरी, असामाजिक गतिविधियों की आशंका कम होती है। साथ ही ग्रामीणों को देर शाम तक अपने दैनिक कार्य करने में भी आसानी रहती है।
रोशनी की बेहतर व्यवस्था से गांवों का वातावरण सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। खासकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, खेतों से देर शाम लौटने वाले किसानों और महिलाओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। आगामी पांच वर्षों तक स्ट्रीट लाइटों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था होने से जिले के गांवों में अंधेरे की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। -पोषण कन्याण, एक्सईएन पंचायती राज विभाग जींद
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ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से यह समस्या सामने आती रही है कि स्ट्रीट लाइट खराब होने के बाद काफी समय तक ठीक नहीं हो पाती थी। कई गांवों में खंभे पर लगी लाइटें खराब होने के कारण गलियां अंधेरे में डूब जाती थीं जिससे लोगों को रात के समय आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता था। महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों के लिए यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी।
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अब नई व्यवस्था के तहत स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय होने से ऐसी शिकायतों का समय पर समाधान संभव हो सकेगा। योजना के तहत गांवों में लगी स्ट्रीट लाइटों की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि किसी स्थान पर लाइट खराब हो जाती है, बल्ब फ्यूज हो जाता है, वायरिंग में खराबी आती है या अन्य कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है तो एजेंसी को निर्धारित समय में ठीक करना होगा।
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इसके अलावा टूट-फूट होने पर उपकरणों को बदलने और मरम्मत करने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था लगातार सुचारु बनी रहेगी। जिले के अधिकांश गांवों में पंचायतों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। हालांकि रखरखाव की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर लाइटें लंबे समय तक बंद रहती थीं।
ग्रामीणों को बार-बार शिकायतें करनी पड़ती थीं लेकिन समाधान में देरी हो जाती थी। अब पांच वर्ष तक व्यवस्था से रखरखाव कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा। ग्रामीणों को भी भरोसा है कि अब गलियों की रोशनी केवल कागज तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि धरातल पर लगातार दिखाई देगी।
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प्रकाश व्यवस्था सुरक्षा से भी जुड़ा है
गांवों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं है बल्कि यह सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। गांवों में रात के समय पर्याप्त रोशनी रहने से चोरी, असामाजिक गतिविधियों की आशंका कम होती है। साथ ही ग्रामीणों को देर शाम तक अपने दैनिक कार्य करने में भी आसानी रहती है।
रोशनी की बेहतर व्यवस्था से गांवों का वातावरण सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। खासकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों, खेतों से देर शाम लौटने वाले किसानों और महिलाओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। आगामी पांच वर्षों तक स्ट्रीट लाइटों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था होने से जिले के गांवों में अंधेरे की समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। -पोषण कन्याण, एक्सईएन पंचायती राज विभाग जींद