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शहर को जल्द मिलेगी कचरे से निजात
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
घरों से निकलने वाले कचरे से जींद शहर जूझ रहे शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब नगर परिषद ने कैथल रोड पर शाहपुर गांव के पास सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए साइट तय की है। यहां करीब 10 एकड़ में प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी मंगलवार को साइट का निरीक्षण कर चुकी है। नगर परिषद के अधिकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल नगर परिषद ने शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए टेंडर दिया है। घरों से कचरा निकालकर ये लोग शहर में अलग-अलग जगह बनी 39 साइट्स पर कचरे को डाल देते हैं। यहां कचरा आने बाद तमाम मुश्किलें शुरू हो जाती है। कारण है कि नगर परिषद के पास यह कचरा डालने के लिए कोई उचित जगह न होना। फिलहाल हांसी रोड पर रेलवे लाइन पास कचरा डाला जा रहा है, लेकिन यहां खुले में कचरा डालने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है। शहर से प्रतिदिन करीब 70 टन कचरा निकलता है। इसको सही प्रकार से निष्पादन करने की व्यवस्था प्रशासन के पास नहीं है।
वर्षों पुरानी है योजना
शहर के कचरे को एक आधुनिक प्लांट में डालकर इसको निरस्त करने की योजना प्रशासन करीब पांच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए पहले रामराये गांव में जमीन देखी गई, लेकिन ऐन मौके पर इस जमीन का सौदा नहीं हो सका। इसके बाद नरवाना रोड पर दो-तीन बार जमीन की तलाश हो चुकी है, लेकिन अब अधिकारियों के अनुसार शाहपुर गांव में प्लांट लगाया जा सकता है।
दस करोड़ रुपये का बजट
कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए नगर परिषद के पास करीब 10 करोड़ रुपये का बजट पड़ा है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। संयंत्र के लिए नगर परिषद को करीब 10 एकड़ जमीन चाहिए, जो अब शाहपुर गांव के पास तय की गई है।
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यह है योजना
कचरा प्रबंधन की योजना के तहत घरों से निकलने वाले कूड़े को जैविक और अजैविक श्रेणी में बांटा जाएगा। इसमें जैविक श्रेणी में बची हुई सब्जियां, अनाज जैसे सामान को रखा जाएगा। इसके निपटने के लिए अलग से व्यवस्था होगी, जबकि अन्य कचरे को बेहतर तरीके से रिसाइकल करने की योजना बनाई जाएगी।
नगर परिषद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए काफी मशक्कत कर रहा है। इसके लिए जगह की दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब शाहपुर गांव के पास जगह देखी है। यहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी साइट का निरीक्षण किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। -डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
शहर को जल्द मिलेगी कचरे से निजात
शाहपुर गांव के पास नगर परिषद ने तय की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए साइट
शहर से निकलता है प्रतिदिन 70 टन कचरा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने किया साइट का दौरा, रिपोर्ट का इंतजार
जींद।
घरों से निकलने वाले कचरे से जींद शहर जूझ रहे शहर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब नगर परिषद ने कैथल रोड पर शाहपुर गांव के पास सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए साइट तय की है। यहां करीब 10 एकड़ में प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी मंगलवार को साइट का निरीक्षण कर चुकी है। नगर परिषद के अधिकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल नगर परिषद ने शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए टेंडर दिया है। घरों से कचरा निकालकर ये लोग शहर में अलग-अलग जगह बनी 39 साइट्स पर कचरे को डाल देते हैं। यहां कचरा आने बाद तमाम मुश्किलें शुरू हो जाती है। कारण है कि नगर परिषद के पास यह कचरा डालने के लिए कोई उचित जगह न होना। फिलहाल हांसी रोड पर रेलवे लाइन पास कचरा डाला जा रहा है, लेकिन यहां खुले में कचरा डालने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है। शहर से प्रतिदिन करीब 70 टन कचरा निकलता है। इसको सही प्रकार से निष्पादन करने की व्यवस्था प्रशासन के पास नहीं है।
वर्षों पुरानी है योजना
शहर के कचरे को एक आधुनिक प्लांट में डालकर इसको निरस्त करने की योजना प्रशासन करीब पांच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए पहले रामराये गांव में जमीन देखी गई, लेकिन ऐन मौके पर इस जमीन का सौदा नहीं हो सका। इसके बाद नरवाना रोड पर दो-तीन बार जमीन की तलाश हो चुकी है, लेकिन अब अधिकारियों के अनुसार शाहपुर गांव में प्लांट लगाया जा सकता है।
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दस करोड़ रुपये का बजट
कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए नगर परिषद के पास करीब 10 करोड़ रुपये का बजट पड़ा है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। संयंत्र के लिए नगर परिषद को करीब 10 एकड़ जमीन चाहिए, जो अब शाहपुर गांव के पास तय की गई है।
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यह है योजना
कचरा प्रबंधन की योजना के तहत घरों से निकलने वाले कूड़े को जैविक और अजैविक श्रेणी में बांटा जाएगा। इसमें जैविक श्रेणी में बची हुई सब्जियां, अनाज जैसे सामान को रखा जाएगा। इसके निपटने के लिए अलग से व्यवस्था होगी, जबकि अन्य कचरे को बेहतर तरीके से रिसाइकल करने की योजना बनाई जाएगी।
नगर परिषद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए काफी मशक्कत कर रहा है। इसके लिए जगह की दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब शाहपुर गांव के पास जगह देखी है। यहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी साइट का निरीक्षण किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। -डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
शहर को जल्द मिलेगी कचरे से निजात
शाहपुर गांव के पास नगर परिषद ने तय की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए साइट
शहर से निकलता है प्रतिदिन 70 टन कचरा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने किया साइट का दौरा, रिपोर्ट का इंतजार