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भारी विरोध व कम मतदान के बीच चुने गए कॉलेज व विश्वविद्यालय के चौधरी
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:12 AM IST
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भारी विरोध और कम मतदान के बीच चुने गए चौधरी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश में 22 साल के बाद हुए छात्र संघ चुनाव भारी विरोध और बहुत ही कम मतदान के बीच बुधवार को कॉलेज व विश्वविद्यालयों में पदाधिकारियों का चुनाव हुआ है। हालांकि सीआर के चुनाव के लिए बहुत ही कम वोट पड़े, पर पदाधिकारियों के बीच चुनाव के लिए कांटे का मुकाबला हुआ। दिनभर शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस तैनात रही। राजकीय कॉलेज के बाहर हंगामा कर रहे करीब 100 विद्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
कक्षा प्रतिनिधि (सीआर) के लिए सुबह नौ बजे मतदान शुरू हुआ, जो साढ़े 12 बजे तक चला। इस दौरान राजकीय पीजी कॉलेज में करीब 13 प्रतिशत, राजकीय महिला कॉलेज में 19 प्रतिशत, हिंदू कॉलेज में 40 प्रतिशत व सीआरएसयू में 12 प्रतिशत मतदान हुआ। राजकीय कॉलेज में 28 सीआर बनने थे। इनमें से 16 सीआर के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। इन्हें कॉलेज द्वारा मनोनित किया गया। सात सीआर के लिए एक आवेदन आया और पांच सीआर के लिए मतदान हुआ। पांच सीआर के लिए कुल 1464 मत थे, जिनमें से महज 194 मत ही पोल हुए। इसी प्रकार हिंदू कॉलेज में 20 में स पांच सीआर के लिए ही चुनाव हुआ। यहां बीए द्वितीय वर्ष के लिए 385 में से 133, बीए तृतीय वर्ष के लिए 450 में 156, बीए प्रथम वर्ष के लिए 493 में से 184, बीएससी तृतीय वर्ष में 75 में से 59, बीकॉम द्वितीय वर्ष के लिए 20 में से 18 मत डाले गए। वहीं राजकीय महिला कॉलेज में 32 में से छह सीआर के लिए चुनाव हुआ। इसमें बीए प्रथम वर्ष में 440 में से 82, बीकॉम प्रथम वर्ष में 200 में से 37, बीएससी मेडिकल में 80 में से 20, बीए द्वितीय वर्ष में 450 में से 28, बीएससी नॉन मेडिकल तृतीय वर्ष में 80 में से 32 व बीएससी तृतीय वर्ष मेडिकल में 80 में से 27 मत ही डाले गए।
पदाधिकारियों के लिए चला कांटे का मुकाबला
सभी कॉलेजों में पदाधिकारियों के लिए कांटे का मुकाबला हुआ। सीआरएसयू में एबीवीपी समर्थक युवराज भारी विरोध के बीच हुए चुनाव में 18 में से 15 वोट हासिल कर प्रधान पद पर कब्जा किया। युवराज एमए समाज शास्त्र के छात्र हैं। वहीं उप-प्रधान पद पर एबीवीपी समर्थक पंकज पड़ाना व सहसचिव इकोनॉमिक्स प्रथम वर्ष की छात्रा रितु नेहरा निर्विरोध चुने गए। एमए म्यूजिक प्रथम वर्ष की छात्रा सोनू को सचिव चुना गया। सोनू को 18 में से 13 वोट मिले। हिंदू कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष की छात्रा पारुल प्रधान, विनीत उपप्रधान, कोमल सचिव व मोनिया सह सचिव चुनी गई। हिंदू कॉलेज में चुने गए पदाधिकारियों ने बताया कि वे किसी भी संगठन के समर्थक नहीं हैं। वहीं राजकीय महिला कॉलेज में भी पदाधिकारी किसी भी संगठन के समर्थक नहीं हैं। यहां नॉन मेडिकल की अनु सांगवान प्रधान, पूनम उप प्रधान, स्नेहा सह सचिव व ज्योति सचिव चुनी गई। राजकीय महिला कॉलेज में पदाधिकारियों का चुनाव काफी रोचक रहा। यहां उपप्रधान के लिए तीन उम्मीद थे, इसमें पूनम और अनामिका को आठ-आठ मत मिले। तीसरे उम्मीदवार को दो वोट मिले। इस पर टॉस से फैसला हुआ तो पूनम के लिए टेल आया। सिक्का उछालने पर पूनम चुनाव जीत गईं। इसी प्रकार सहसचिव के लिए तीन उम्मीदवारों को छह-छह मत मिले। इस पर पर्ची डाली गई, जिसमें स्नेहा जीत गईं।
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जुलाना कॉलेज की बिंदू बनी सर्वसम्मति से प्रधान
जुलाना : छात्र संघ चुनाव में जुलाना कालेज में बीएम प्रथम वर्ष की छात्रा बिंदू को सर्वसम्मति से प्रधान पद के लिए चुना गया। बीएससी प्रथम वर्ष के दीपक को उपप्रधान बनाया गया। दीपक को नौ वोटों में से आठ वोट मिले। बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा दीपिका को सचिव, बीए द्वितीय वर्ष की सोनिया को सह सचिव चुना गया। बीएससी द्वितीय की प्रीति, बीकॉम फाइनल में अंजनी, बीकॉम प्रथम में साहिल व बीए फाइनल में निशा को सदस्य चुना गया।
मीनाक्षी बनीं प्रधान, आरती ज्वाइंट सचिव
उचाना। एसडी महिला कॉलेज में सीआर के चुनाव के बाद पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। प्राचार्य वीना बम्बोरिया ने बताया कि बीकॉम फाइनल की मीनाक्षी प्रधान, द्वितीय वर्ष की मोनिया उप प्रधान, बीएम द्वितीय वर्ष की किरण सचिव, बीकॉम प्रथम वर्ष की आरती ज्वाइंट सचिव, बीए प्रथम वर्ष रीतु, बीए अंतिम वर्ष की नैंसी सदस्य चुनी गई।
चुनाव का विरोध कर रहे एक दर्जन छात्रों को राउंडअप किया
नरवाना। प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने बुधवार को केएम राजकीय कॉलेज में अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के विरोध में इनसो, एसएफआई व एनएसयूआई सहित कई छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार किया। इन संगठनों के कई नेता अप्रत्यक्ष चुनाव का बहिष्कार करने केएम कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने इन छात्रों को अंदर जाने से रोका। छात्रों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने करीब एक दर्जन छात्रों को राउंडअप कर लिया। जिन्हें बाद में पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह लेजाकर छोड़ दिया। छात्र नेता अभिषेक कान्हाखेड़ा ने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि वह अपने अधिकार मांग रहे हैं। कश्मीरा नैन ने कहा कि वह सरकार के लाठी चार्ज से नहीं डरते। छात्र नेता नरेंद्र श्योकंद, नरेश दनौदा, विकास बेलरखा, मनोज नैन व अंकुश ने सरकार केे फैसले की निंदा की।
एसडी महिला महाविद्यालय की अध्यक्ष बनी मंजू लोधर
नरवाना। एसडी महिला महाविद्यालय में बुधवार को हुए चुनाव में एमकॉम फाइनल की छात्रा लोधर गांव की मंजू अध्यक्ष, एमए हिंदी दूसरे वर्ष की छात्रा निशा उपाध्यक्ष, बीकॉम फाइलन की छात्रा अंजू सचिव व बीकॉम दूसरे वर्ष की छात्रा कोमल संयुक्त सचिव बनी। रवीना व योगिता को कौंसिल मेंबर चुना गया। चुनाव प्रिंसिपल डॉ. पूनम शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने सभी विजेता रही छात्रों को बधाई दी। विजेता रही छात्राओं ने खुशी जताई। मंजू के पिता कपूर सिंह लोधर शहर में रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं। निर्दलीय जीती है मंजू का किसी दल से काई संबंध नहीं है। मंजू ने बताया कि उसने बिना किसी दल के चुनाव जीता है।
राजकीय महाविद्यालय के अध्यक्ष बने सुनील उझाना
नरवाना। केएम राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को हुए चुनाव में उझाना गांव के बीए फाइनल के छात्र सुनील उझाना अध्यक्ष चुने गए जबकि बीकॉम दूसरे वर्ष के छात्र कपिल हमीरगढ़ उपाध्यक्ष, बीए दूसरे वर्ष की छात्रा स्नेहा सचिव व बीएससी नान मेडिकल दूसरे वर्ष के छात्र दनौदा के अमन संयुक्त सचिन चुने गए। अमित, भास्कर, रानी, पुलकित और अजय कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। इससे पूर्व 25 कक्षाओं में 10 प्रतिनिधि सर्वसम्मति से चुने गए। पांच कक्षाओं के टॉपरों को प्रतिनिधि बनाया गया जबकि छह कक्षाओं के प्रतिनिधि बनने के लिए 17 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। चार कक्षाओं के प्रतिनिधि नहीं चुने जा सके। पदाधिकारी चुनने के लिए 21 प्रतिनिधियों ने मतदान किया। सुनील उझाना सुनील उझाना एक साधारण परिवार से संबंध रखते है और उनके पिता खेती का काम करते हैं। सुनील पिछले तीन वर्षों से एबीवीपी से संबंध रखता है। वह कालेज में एबीवीपी का सचिव था।
राजीव गांधी कॉलेज के प्रधान बने गुरमीत
नरवाना। राजीव गांधी साइंस एंड कॉमर्स महाविद्यालय में छह सदस्यीय कमेटी बनी। जिसमें बीए फाइनल के छात्र गुरमीत प्रधान चुने गए। चुनाव अधिकारी बबीता गर्ग ने बताया कि हिमानी बीएससी द्वितीय वर्ष को उपप्रधान चुना गया है। इसी प्रकार वंदना बीकॉम प्रथम वर्ष सचिव व विवेक बंसल बीकॉम द्वितीय वर्ष संयुक्त सचिव बने है। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र व नवनीत कार्यकारिणी सदस्य बने।
सबसे कम वोटों से बीकॉम द्वितीय वर्ष की मोनिया, सबसे अधिक वोटों से जीत बीए फाइनल वर्ष की नैंसी बनी सीआर
उचाना। रेलवे रोड पर एसडी महिला कॉलेज में छात्राओं में अपने मत से अपनी कक्षा का सीआर (कक्षा प्रतिनिधि) चुनने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। यहां पर मत बेटी में मतदान को लेकर छात्राएं लाइन में लग नजर आई। मतदान को आने वाली छात्राओं के पहचान पत्र देखे गए ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो। यहां पर मतदान करवाने के लिए अंदर अधिकारी के तौर पर कॉलेज लेक्चरर की ड्यूटी लगाई गई। सुरक्षा की दृष्टि से महिला पुलिस कर्मी भी यहां पर तैनात रही। छात्राओं ने कहा कि अब से पहले पंचायत प्रतिनिधि, विधानसभा, सांसद, पार्षद चुनने के लिए अपना मत डाला था। पहली बार कक्षा सीआर चुनने के लिए अपना मत डाल कर अच्छा लगा। कक्षा सीआर के माध्यम से छात्राओं को होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
प्राचार्य वीना बम्बोरिया ने बताया कि बीए फाइनल सीआर के लिए रीतु को 50 वोट मिले। वो अपने प्रतिनिधि से पांच मतों से, बीए द्वितीय में किरण को 40 वोट मिले वो तीन वोट से, बीए फाइनल में नैंसी को 90 मत मिले वो एक तरफा मुकाबले में 90 मतों से जीत कर सीआर बनी। बीकॉम प्रथम वर्ष में आरती को 18 वोट में मिले वो पांच मतों से, बीकॉम द्वितीय वर्ष में मोनिया कांटे के मुकाबले में 14 मत लेकर एक मत से, बीए फाइनल मु मीनाक्षी सीआर चुनी गई। 718 मतदाताओं में से 517 ने अपने का प्रयोग किया।
आरजीएम में निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी
राजीव गांधी महाविद्यालय में सीआर को लेकर नामांकन भरने के चलते यहां पर शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल रहे विद्यार्थी को सीआर मनोनित किया गया। प्राचार्य आईएस लाखलान ने बताया कि किसी भी कक्षा को लेकर नामांकन सीआर के चुनाव को लेकर नहीं आया था। इसलिए शैक्षिणक क्षेत्र में अव्वल एवं योग्य रहने वाले विद्यार्थियों को ही कक्षा का सीआर मनोनित किया गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज पदाधिकारी प्रधान, उप प्रधान, सचिव, ज्वाइंट सचिव के लिए केवल एक-एक आवेदन आने से ये निर्विरोध चुने गए। प्रधान पद के लिए अनु बीकॉम फाइनल, उप प्रधान रीता बीएससी फाइनल, सचिव पूजा रानी बीए फाइल, ज्वाइंट सचिव पूजा बीएससी द्वितीय वर्ष को चुना गया। अजंलि बीए प्रथम वर्ष, ममता द्वितीय वर्ष को सदस्य मनोनित किया गया।
पीजी कॉलेज में रवि यादव और नेहा शर्मा बनी महिला कॉलेज की अध्यक्ष
सफीदों: पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव में रवि यादव कॉलेज अध्यक्ष बने हैं। वहीं इसी वर्ष बने सरला महिला कॉलेज में गांव में सिंघाना निवासी बीए तृतीय की छात्रा नेहा शर्मा ने बीकॉम की तृृतीय वर्ष की छात्रा सोनिया सैनी को हराकर जीत हासिल की है। साथ ही कन्या कालेज में एबीवीपी की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा अन्नू उप-प्रधान व बीए प्रथम वर्ष की छात्रा काफी सचिव को चुना गई है। चुनाव संपन्न होने पर छात्राओं ने एक-दूसरे फूलमालाओं से स्वागत किया। वहीं इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे व एबीवीपी संगठन से कुरुक्षेत्र कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष अजय राणा ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं का हौसला बढ़ाया। दोनों कॉलेजों में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। पीजी कॉलेज मेें बीकॉम द्वितीय के रवि यादव को प्रधान पद के लिए चुना गया। उप-प्रधान के पद के लिए बीए द्वितीय की छात्रा सुषमा और बीए प्रथम की छात्रा निधि को सचिव चुना गया। सभी उम्मीदवारों एबीवीपी संगठन से जुड़े हुए है। कॉलेज में सह सचिव व एक सदस्य का पद खाली रह गया। इस चुनाव का इनसो ने जमकर विरोध किया था। हालांकि इनसो ने भले ही चुनाव में अपने उम्मीदवारों को नहीं उतारा, लेकिन निर्दलीय के रूप में अनेक विद्यार्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की। दोनों कॉलेज में पुलिस सुरक्षा के बीच चुनाव को संपन्न करवाया गया। इस अवसर एबीवीपी सफीदों अध्यक्ष अजीत पाथरी, मनीष भारद्वाज विशेष रूप से मौजूद रहे।
सीआर किसान कॉलेज में मीनू नैन बनी प्रधान
सीआर किसान कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा मीनू नैन प्रधान चुनी गई। यहां बीए द्वितीय वर्ष के सौरभ उप प्रधान, परविंद्र सिंह सचिव, दीपेंद्र सिंह सह सचिव चुने गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश में 22 साल के बाद हुए छात्र संघ चुनाव भारी विरोध और बहुत ही कम मतदान के बीच बुधवार को कॉलेज व विश्वविद्यालयों में पदाधिकारियों का चुनाव हुआ है। हालांकि सीआर के चुनाव के लिए बहुत ही कम वोट पड़े, पर पदाधिकारियों के बीच चुनाव के लिए कांटे का मुकाबला हुआ। दिनभर शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस तैनात रही। राजकीय कॉलेज के बाहर हंगामा कर रहे करीब 100 विद्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
कक्षा प्रतिनिधि (सीआर) के लिए सुबह नौ बजे मतदान शुरू हुआ, जो साढ़े 12 बजे तक चला। इस दौरान राजकीय पीजी कॉलेज में करीब 13 प्रतिशत, राजकीय महिला कॉलेज में 19 प्रतिशत, हिंदू कॉलेज में 40 प्रतिशत व सीआरएसयू में 12 प्रतिशत मतदान हुआ। राजकीय कॉलेज में 28 सीआर बनने थे। इनमें से 16 सीआर के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। इन्हें कॉलेज द्वारा मनोनित किया गया। सात सीआर के लिए एक आवेदन आया और पांच सीआर के लिए मतदान हुआ। पांच सीआर के लिए कुल 1464 मत थे, जिनमें से महज 194 मत ही पोल हुए। इसी प्रकार हिंदू कॉलेज में 20 में स पांच सीआर के लिए ही चुनाव हुआ। यहां बीए द्वितीय वर्ष के लिए 385 में से 133, बीए तृतीय वर्ष के लिए 450 में 156, बीए प्रथम वर्ष के लिए 493 में से 184, बीएससी तृतीय वर्ष में 75 में से 59, बीकॉम द्वितीय वर्ष के लिए 20 में से 18 मत डाले गए। वहीं राजकीय महिला कॉलेज में 32 में से छह सीआर के लिए चुनाव हुआ। इसमें बीए प्रथम वर्ष में 440 में से 82, बीकॉम प्रथम वर्ष में 200 में से 37, बीएससी मेडिकल में 80 में से 20, बीए द्वितीय वर्ष में 450 में से 28, बीएससी नॉन मेडिकल तृतीय वर्ष में 80 में से 32 व बीएससी तृतीय वर्ष मेडिकल में 80 में से 27 मत ही डाले गए।
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पदाधिकारियों के लिए चला कांटे का मुकाबला
सभी कॉलेजों में पदाधिकारियों के लिए कांटे का मुकाबला हुआ। सीआरएसयू में एबीवीपी समर्थक युवराज भारी विरोध के बीच हुए चुनाव में 18 में से 15 वोट हासिल कर प्रधान पद पर कब्जा किया। युवराज एमए समाज शास्त्र के छात्र हैं। वहीं उप-प्रधान पद पर एबीवीपी समर्थक पंकज पड़ाना व सहसचिव इकोनॉमिक्स प्रथम वर्ष की छात्रा रितु नेहरा निर्विरोध चुने गए। एमए म्यूजिक प्रथम वर्ष की छात्रा सोनू को सचिव चुना गया। सोनू को 18 में से 13 वोट मिले। हिंदू कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष की छात्रा पारुल प्रधान, विनीत उपप्रधान, कोमल सचिव व मोनिया सह सचिव चुनी गई। हिंदू कॉलेज में चुने गए पदाधिकारियों ने बताया कि वे किसी भी संगठन के समर्थक नहीं हैं। वहीं राजकीय महिला कॉलेज में भी पदाधिकारी किसी भी संगठन के समर्थक नहीं हैं। यहां नॉन मेडिकल की अनु सांगवान प्रधान, पूनम उप प्रधान, स्नेहा सह सचिव व ज्योति सचिव चुनी गई। राजकीय महिला कॉलेज में पदाधिकारियों का चुनाव काफी रोचक रहा। यहां उपप्रधान के लिए तीन उम्मीद थे, इसमें पूनम और अनामिका को आठ-आठ मत मिले। तीसरे उम्मीदवार को दो वोट मिले। इस पर टॉस से फैसला हुआ तो पूनम के लिए टेल आया। सिक्का उछालने पर पूनम चुनाव जीत गईं। इसी प्रकार सहसचिव के लिए तीन उम्मीदवारों को छह-छह मत मिले। इस पर पर्ची डाली गई, जिसमें स्नेहा जीत गईं।
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जुलाना कॉलेज की बिंदू बनी सर्वसम्मति से प्रधान
जुलाना : छात्र संघ चुनाव में जुलाना कालेज में बीएम प्रथम वर्ष की छात्रा बिंदू को सर्वसम्मति से प्रधान पद के लिए चुना गया। बीएससी प्रथम वर्ष के दीपक को उपप्रधान बनाया गया। दीपक को नौ वोटों में से आठ वोट मिले। बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा दीपिका को सचिव, बीए द्वितीय वर्ष की सोनिया को सह सचिव चुना गया। बीएससी द्वितीय की प्रीति, बीकॉम फाइनल में अंजनी, बीकॉम प्रथम में साहिल व बीए फाइनल में निशा को सदस्य चुना गया।
मीनाक्षी बनीं प्रधान, आरती ज्वाइंट सचिव
उचाना। एसडी महिला कॉलेज में सीआर के चुनाव के बाद पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। प्राचार्य वीना बम्बोरिया ने बताया कि बीकॉम फाइनल की मीनाक्षी प्रधान, द्वितीय वर्ष की मोनिया उप प्रधान, बीएम द्वितीय वर्ष की किरण सचिव, बीकॉम प्रथम वर्ष की आरती ज्वाइंट सचिव, बीए प्रथम वर्ष रीतु, बीए अंतिम वर्ष की नैंसी सदस्य चुनी गई।
चुनाव का विरोध कर रहे एक दर्जन छात्रों को राउंडअप किया
नरवाना। प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने बुधवार को केएम राजकीय कॉलेज में अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के विरोध में इनसो, एसएफआई व एनएसयूआई सहित कई छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार किया। इन संगठनों के कई नेता अप्रत्यक्ष चुनाव का बहिष्कार करने केएम कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने इन छात्रों को अंदर जाने से रोका। छात्रों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने करीब एक दर्जन छात्रों को राउंडअप कर लिया। जिन्हें बाद में पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह लेजाकर छोड़ दिया। छात्र नेता अभिषेक कान्हाखेड़ा ने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि वह अपने अधिकार मांग रहे हैं। कश्मीरा नैन ने कहा कि वह सरकार के लाठी चार्ज से नहीं डरते। छात्र नेता नरेंद्र श्योकंद, नरेश दनौदा, विकास बेलरखा, मनोज नैन व अंकुश ने सरकार केे फैसले की निंदा की।
एसडी महिला महाविद्यालय की अध्यक्ष बनी मंजू लोधर
नरवाना। एसडी महिला महाविद्यालय में बुधवार को हुए चुनाव में एमकॉम फाइनल की छात्रा लोधर गांव की मंजू अध्यक्ष, एमए हिंदी दूसरे वर्ष की छात्रा निशा उपाध्यक्ष, बीकॉम फाइलन की छात्रा अंजू सचिव व बीकॉम दूसरे वर्ष की छात्रा कोमल संयुक्त सचिव बनी। रवीना व योगिता को कौंसिल मेंबर चुना गया। चुनाव प्रिंसिपल डॉ. पूनम शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने सभी विजेता रही छात्रों को बधाई दी। विजेता रही छात्राओं ने खुशी जताई। मंजू के पिता कपूर सिंह लोधर शहर में रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं। निर्दलीय जीती है मंजू का किसी दल से काई संबंध नहीं है। मंजू ने बताया कि उसने बिना किसी दल के चुनाव जीता है।
राजकीय महाविद्यालय के अध्यक्ष बने सुनील उझाना
नरवाना। केएम राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को हुए चुनाव में उझाना गांव के बीए फाइनल के छात्र सुनील उझाना अध्यक्ष चुने गए जबकि बीकॉम दूसरे वर्ष के छात्र कपिल हमीरगढ़ उपाध्यक्ष, बीए दूसरे वर्ष की छात्रा स्नेहा सचिव व बीएससी नान मेडिकल दूसरे वर्ष के छात्र दनौदा के अमन संयुक्त सचिन चुने गए। अमित, भास्कर, रानी, पुलकित और अजय कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। इससे पूर्व 25 कक्षाओं में 10 प्रतिनिधि सर्वसम्मति से चुने गए। पांच कक्षाओं के टॉपरों को प्रतिनिधि बनाया गया जबकि छह कक्षाओं के प्रतिनिधि बनने के लिए 17 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था। चार कक्षाओं के प्रतिनिधि नहीं चुने जा सके। पदाधिकारी चुनने के लिए 21 प्रतिनिधियों ने मतदान किया। सुनील उझाना सुनील उझाना एक साधारण परिवार से संबंध रखते है और उनके पिता खेती का काम करते हैं। सुनील पिछले तीन वर्षों से एबीवीपी से संबंध रखता है। वह कालेज में एबीवीपी का सचिव था।
राजीव गांधी कॉलेज के प्रधान बने गुरमीत
नरवाना। राजीव गांधी साइंस एंड कॉमर्स महाविद्यालय में छह सदस्यीय कमेटी बनी। जिसमें बीए फाइनल के छात्र गुरमीत प्रधान चुने गए। चुनाव अधिकारी बबीता गर्ग ने बताया कि हिमानी बीएससी द्वितीय वर्ष को उपप्रधान चुना गया है। इसी प्रकार वंदना बीकॉम प्रथम वर्ष सचिव व विवेक बंसल बीकॉम द्वितीय वर्ष संयुक्त सचिव बने है। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र व नवनीत कार्यकारिणी सदस्य बने।
सबसे कम वोटों से बीकॉम द्वितीय वर्ष की मोनिया, सबसे अधिक वोटों से जीत बीए फाइनल वर्ष की नैंसी बनी सीआर
उचाना। रेलवे रोड पर एसडी महिला कॉलेज में छात्राओं में अपने मत से अपनी कक्षा का सीआर (कक्षा प्रतिनिधि) चुनने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। यहां पर मत बेटी में मतदान को लेकर छात्राएं लाइन में लग नजर आई। मतदान को आने वाली छात्राओं के पहचान पत्र देखे गए ताकि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो। यहां पर मतदान करवाने के लिए अंदर अधिकारी के तौर पर कॉलेज लेक्चरर की ड्यूटी लगाई गई। सुरक्षा की दृष्टि से महिला पुलिस कर्मी भी यहां पर तैनात रही। छात्राओं ने कहा कि अब से पहले पंचायत प्रतिनिधि, विधानसभा, सांसद, पार्षद चुनने के लिए अपना मत डाला था। पहली बार कक्षा सीआर चुनने के लिए अपना मत डाल कर अच्छा लगा। कक्षा सीआर के माध्यम से छात्राओं को होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
प्राचार्य वीना बम्बोरिया ने बताया कि बीए फाइनल सीआर के लिए रीतु को 50 वोट मिले। वो अपने प्रतिनिधि से पांच मतों से, बीए द्वितीय में किरण को 40 वोट मिले वो तीन वोट से, बीए फाइनल में नैंसी को 90 मत मिले वो एक तरफा मुकाबले में 90 मतों से जीत कर सीआर बनी। बीकॉम प्रथम वर्ष में आरती को 18 वोट में मिले वो पांच मतों से, बीकॉम द्वितीय वर्ष में मोनिया कांटे के मुकाबले में 14 मत लेकर एक मत से, बीए फाइनल मु मीनाक्षी सीआर चुनी गई। 718 मतदाताओं में से 517 ने अपने का प्रयोग किया।
आरजीएम में निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी
राजीव गांधी महाविद्यालय में सीआर को लेकर नामांकन भरने के चलते यहां पर शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल रहे विद्यार्थी को सीआर मनोनित किया गया। प्राचार्य आईएस लाखलान ने बताया कि किसी भी कक्षा को लेकर नामांकन सीआर के चुनाव को लेकर नहीं आया था। इसलिए शैक्षिणक क्षेत्र में अव्वल एवं योग्य रहने वाले विद्यार्थियों को ही कक्षा का सीआर मनोनित किया गया। उन्होंने बताया कि कॉलेज पदाधिकारी प्रधान, उप प्रधान, सचिव, ज्वाइंट सचिव के लिए केवल एक-एक आवेदन आने से ये निर्विरोध चुने गए। प्रधान पद के लिए अनु बीकॉम फाइनल, उप प्रधान रीता बीएससी फाइनल, सचिव पूजा रानी बीए फाइल, ज्वाइंट सचिव पूजा बीएससी द्वितीय वर्ष को चुना गया। अजंलि बीए प्रथम वर्ष, ममता द्वितीय वर्ष को सदस्य मनोनित किया गया।
पीजी कॉलेज में रवि यादव और नेहा शर्मा बनी महिला कॉलेज की अध्यक्ष
सफीदों: पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव में रवि यादव कॉलेज अध्यक्ष बने हैं। वहीं इसी वर्ष बने सरला महिला कॉलेज में गांव में सिंघाना निवासी बीए तृतीय की छात्रा नेहा शर्मा ने बीकॉम की तृृतीय वर्ष की छात्रा सोनिया सैनी को हराकर जीत हासिल की है। साथ ही कन्या कालेज में एबीवीपी की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा अन्नू उप-प्रधान व बीए प्रथम वर्ष की छात्रा काफी सचिव को चुना गई है। चुनाव संपन्न होने पर छात्राओं ने एक-दूसरे फूलमालाओं से स्वागत किया। वहीं इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे व एबीवीपी संगठन से कुरुक्षेत्र कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष अजय राणा ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं का हौसला बढ़ाया। दोनों कॉलेजों में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। पीजी कॉलेज मेें बीकॉम द्वितीय के रवि यादव को प्रधान पद के लिए चुना गया। उप-प्रधान के पद के लिए बीए द्वितीय की छात्रा सुषमा और बीए प्रथम की छात्रा निधि को सचिव चुना गया। सभी उम्मीदवारों एबीवीपी संगठन से जुड़े हुए है। कॉलेज में सह सचिव व एक सदस्य का पद खाली रह गया। इस चुनाव का इनसो ने जमकर विरोध किया था। हालांकि इनसो ने भले ही चुनाव में अपने उम्मीदवारों को नहीं उतारा, लेकिन निर्दलीय के रूप में अनेक विद्यार्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की। दोनों कॉलेज में पुलिस सुरक्षा के बीच चुनाव को संपन्न करवाया गया। इस अवसर एबीवीपी सफीदों अध्यक्ष अजीत पाथरी, मनीष भारद्वाज विशेष रूप से मौजूद रहे।
सीआर किसान कॉलेज में मीनू नैन बनी प्रधान
सीआर किसान कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा मीनू नैन प्रधान चुनी गई। यहां बीए द्वितीय वर्ष के सौरभ उप प्रधान, परविंद्र सिंह सचिव, दीपेंद्र सिंह सह सचिव चुने गए।