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पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर पास का रास्ता साफ
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर के यातायात के भंवर में फंस कर परेशान होने वाले लोगों को लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर पास का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि, इसके निर्माण में करीब एक साल लग सकता है, लेकिन इसके बाद लोगों को यातायात की भीड़ से निजात मिल जाएगी। अब रेलवे ने अंडर पास का टेंडर होने के बाद वर्क अलाट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आठ करोड़ रुपये से बनने वाले अंडर पास के निर्माण से करीब चार साल से तैयार मिनी बाईपास का भी प्रयोग हो सकेगा।
कांग्रेस की सरकार के समय शहर के सभी मुख्य मार्गों को जोड़ते हुए बस स्टैंड के पास से मिनी बाईपास बनाने की योजना बनी थी। उस समय करीब चार करोड़ रुपये की लागत से करीब दस किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास बना भी दिया गया, लेकिन आज तक इसका प्रयोग सही प्रकार से नहीं हो पा रहा है। इसके प्रयोग में जींद-पानीपत रेलवे लाइन सबसे बड़ा रोडा है। यहां से वाहनों का रास्ता नहीं होने के कारण वाहन चालकों को रानी तालाब, देवीलाल चौक होते हुए शहर के दूसरे रास्तों पर जाना पड़ता है। मिनी बाईपास बनने से बस स्टैंड और सफीदों रोड, सब्जी मंडी से सीधे रोहतक, भिवानी व हांसी रोड तक जाया जा सकता है।
पांच साल से अधर में है योजना
मिनी बाईपास पर अंडर पास की योजना पांच साल से अधर में लटक रही है। दो जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की भी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से की राशि भी रेलवे को जमा कराई है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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जोखिम में रहती है जान
फिलहाल बेशक मिनी बाईपास नहीं बना है, लेकिन रोहतक रोड और बस स्टैंड के बीच के सफर को दुपहिया वाहन चालक रेलवे लाइन को क्रॉस करके ही तय करते हैं। इससे यहां हादसे का डर भी लगा रहता है। कई बार रेलवे लाइन के बीच में बाइक फंस जाती हैं। अंडर पास बनने से लोगों को आसान रास्ता मिलेगा।
स्कूली बच्चों का भी है रास्ता
रेलवे लाइन को क्रॉस कर सिर्फ बड़े ही नहीं, स्कूली बच्चे भी स्कूल पहुंचते हैं। दरअसल बस स्टैंड और रेलवे लाइन के बीच में दो बड़े स्कूल हैं। यहां रोहतक रोड की कई कॉलोनियों के बच्चे आते हैं। ये सभी रेलवे लाइन को ही क्रॉस कर स्कूल पहुंचते हैं।
हां, यह बात सही है कि लाइन से बाइक निकालना खतरनाक है, लेकिन शहर के अंदर से घर पहुंचने में करीब एक घंटा लग जाता है। इस रास्ते से सिर्फ पांच मिनट में घर चले जाते हैं। यहां अंडरपास या फाटक बनना चाहिए।
सुरेश, रोहतक रोड निवासी
रोज करते हैं यहीं से सफर
रोज इसी रास्ते से सफर करते हैं। यहां दूसरे बाइक सवार भी होते हैं, एक दूसरे की मदद से बाइक को रेलवे लाइन से निकालते हैं। कई बार गाड़ी आने से हादसे होते-होते बचे हैं। यह छोटा रास्ता है, ऐसे में यहीं से प्रतिदिन हजारों लोग आते-जाते हैं।
नरेंद्र, भटनागर कॉलोनी
इस माह के अंत तक होगा वर्क अलाट
जेडी सात पर रजवाहे के पास अंडर ब्रिज के टेंडर हो चुके हैं। इसके लिए वर्क अलाट की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें कुछ तकनीकी दिक्कत हैं। इस माह के अंत तक यहां वर्क अलाट हो जाएगा और इसके बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा।
संदीप गोयल, एक्सईएन, निर्माण विभाग रेलवे
पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर पास का रास्ता साफ
आठ करोड़ से बनेगा आरयूबी, शहर को यातायात की भीड़ से मिलेगी मुक्ति
इसी माह होगा वर्क अलाट, चार साल से तैयार मिनी बाईपास का हो सकेगा प्रयोग
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जींद।
शहर के यातायात के भंवर में फंस कर परेशान होने वाले लोगों को लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर पास का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि, इसके निर्माण में करीब एक साल लग सकता है, लेकिन इसके बाद लोगों को यातायात की भीड़ से निजात मिल जाएगी। अब रेलवे ने अंडर पास का टेंडर होने के बाद वर्क अलाट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आठ करोड़ रुपये से बनने वाले अंडर पास के निर्माण से करीब चार साल से तैयार मिनी बाईपास का भी प्रयोग हो सकेगा।
कांग्रेस की सरकार के समय शहर के सभी मुख्य मार्गों को जोड़ते हुए बस स्टैंड के पास से मिनी बाईपास बनाने की योजना बनी थी। उस समय करीब चार करोड़ रुपये की लागत से करीब दस किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास बना भी दिया गया, लेकिन आज तक इसका प्रयोग सही प्रकार से नहीं हो पा रहा है। इसके प्रयोग में जींद-पानीपत रेलवे लाइन सबसे बड़ा रोडा है। यहां से वाहनों का रास्ता नहीं होने के कारण वाहन चालकों को रानी तालाब, देवीलाल चौक होते हुए शहर के दूसरे रास्तों पर जाना पड़ता है। मिनी बाईपास बनने से बस स्टैंड और सफीदों रोड, सब्जी मंडी से सीधे रोहतक, भिवानी व हांसी रोड तक जाया जा सकता है।
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पांच साल से अधर में है योजना
मिनी बाईपास पर अंडर पास की योजना पांच साल से अधर में लटक रही है। दो जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की भी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से की राशि भी रेलवे को जमा कराई है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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जोखिम में रहती है जान
फिलहाल बेशक मिनी बाईपास नहीं बना है, लेकिन रोहतक रोड और बस स्टैंड के बीच के सफर को दुपहिया वाहन चालक रेलवे लाइन को क्रॉस करके ही तय करते हैं। इससे यहां हादसे का डर भी लगा रहता है। कई बार रेलवे लाइन के बीच में बाइक फंस जाती हैं। अंडर पास बनने से लोगों को आसान रास्ता मिलेगा।
स्कूली बच्चों का भी है रास्ता
रेलवे लाइन को क्रॉस कर सिर्फ बड़े ही नहीं, स्कूली बच्चे भी स्कूल पहुंचते हैं। दरअसल बस स्टैंड और रेलवे लाइन के बीच में दो बड़े स्कूल हैं। यहां रोहतक रोड की कई कॉलोनियों के बच्चे आते हैं। ये सभी रेलवे लाइन को ही क्रॉस कर स्कूल पहुंचते हैं।
हां, यह बात सही है कि लाइन से बाइक निकालना खतरनाक है, लेकिन शहर के अंदर से घर पहुंचने में करीब एक घंटा लग जाता है। इस रास्ते से सिर्फ पांच मिनट में घर चले जाते हैं। यहां अंडरपास या फाटक बनना चाहिए।
सुरेश, रोहतक रोड निवासी
रोज करते हैं यहीं से सफर
रोज इसी रास्ते से सफर करते हैं। यहां दूसरे बाइक सवार भी होते हैं, एक दूसरे की मदद से बाइक को रेलवे लाइन से निकालते हैं। कई बार गाड़ी आने से हादसे होते-होते बचे हैं। यह छोटा रास्ता है, ऐसे में यहीं से प्रतिदिन हजारों लोग आते-जाते हैं।
नरेंद्र, भटनागर कॉलोनी
इस माह के अंत तक होगा वर्क अलाट
जेडी सात पर रजवाहे के पास अंडर ब्रिज के टेंडर हो चुके हैं। इसके लिए वर्क अलाट की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें कुछ तकनीकी दिक्कत हैं। इस माह के अंत तक यहां वर्क अलाट हो जाएगा और इसके बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा।
संदीप गोयल, एक्सईएन, निर्माण विभाग रेलवे
पानीपत रेलवे लाइन पर अंडर पास का रास्ता साफ
आठ करोड़ से बनेगा आरयूबी, शहर को यातायात की भीड़ से मिलेगी मुक्ति
इसी माह होगा वर्क अलाट, चार साल से तैयार मिनी बाईपास का हो सकेगा प्रयोग