{"_id":"6aecee436fd07c238b0f6733","slug":"11-buses-from-three-schools-inspected-six-challans-issued-after-irregularities-were-found-jind-news-c-199-1-sroh1006-163274-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: तीन स्कूलों की 11 बसों की जांच, खामियां मिलने पर छह चालान, 8500 रुपये का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: तीन स्कूलों की 11 बसों की जांच, खामियां मिलने पर छह चालान, 8500 रुपये का जुर्माना
विज्ञापन
फोटो 05जेएनडी03-शहर के एक निजी स्कूल में जांच के लिए पहुंची आरटीए कार्यालय की टीम। स्रोत कर्मच
जींद। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम ने वीरवार को स्कूली बसों की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान तीन स्कूलों की 11 बसों की जांच की गई। परमिट, कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स और फायर सिलिंडर में खामियां मिलने पर छह बसों के चालान किए गए और कुल 8500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम हर वीरवार को स्कूली बसों की चेकिंग के लिए अभियान चलाती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें कार्यालय का इंस्पेक्टर, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस का सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का प्रतिनिधि शामिल होता है।
टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस और सीसीटीवी कैमरों की जांच करती है। इसके अलावा बस का परमिट और चालक व परिचालक के लाइसेंस भी जांचे जाते हैं। जिले में 350 से अधिक निजी स्कूल हैं, जिनमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को घर से स्कूल और वापस ले जाने के लिए स्कूल बसों की व्यवस्था की जाती है। नियमानुसार प्रत्येक बस में सहायक की तैनाती भी जरूरी है। बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे सहित सभी सुरक्षा उपकरण होने चाहिए। चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस और बस का परमिट होना भी अनिवार्य है।
वर्जन
स्कूली बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों की बसों के छह चालान कर 8500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
विज्ञापन
जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम हर वीरवार को स्कूली बसों की चेकिंग के लिए अभियान चलाती है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें कार्यालय का इंस्पेक्टर, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई), ट्रैफिक पुलिस का सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का प्रतिनिधि शामिल होता है।
विज्ञापन
टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस और सीसीटीवी कैमरों की जांच करती है। इसके अलावा बस का परमिट और चालक व परिचालक के लाइसेंस भी जांचे जाते हैं। जिले में 350 से अधिक निजी स्कूल हैं, जिनमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों को घर से स्कूल और वापस ले जाने के लिए स्कूल बसों की व्यवस्था की जाती है। नियमानुसार प्रत्येक बस में सहायक की तैनाती भी जरूरी है। बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे सहित सभी सुरक्षा उपकरण होने चाहिए। चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस और बस का परमिट होना भी अनिवार्य है।
वर्जन
स्कूली बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों की बसों के छह चालान कर 8500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद