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प्रदेश सरकार की बिजली बिल माफी योजना जिलावासियों को आई रास, 21 दिन में 1590 डिफाल्टरों ने जमा करवाए बिल
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:28 AM IST
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बिल माफी योजना नहीं आ रही रास, 21 दिन में 1590 डिफाल्टरों ने ही भरा बिल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार द्वारा बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दी गई बिल माफी योजना रास आ रही है। जिले में बिजली निगम के घरेलू और व्यावसायिक लगभग 126319 उपभोक्ता डिफाल्टर हैं। इनकी तरफ निगम का 151012 लाख रुपये बकाया है। प्रदेश सरकार ने डिफाल्टरों से बकाया बिल भरवाने के लिए बिल माफी योजना शुरू की है। इस योजना में एक से पांच किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन लिए गए हैं, ताकि लोग अपने पुराने बिलों को माफ कर नए सिरे से बिल भरना शुरू करें। निगम की यह योजना जिला वासियों को रास नहीं आ रही। एक से 21 अक्तूबर तक इस योजना के तहत जिले में 2053 लोगों ने माफी का लाभ लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन इनमें से 1590 ने ही अपने बकाया बिल जमा करवाए। जिन लोगों ने बिल जमा करवाए हैं। इनकी तरफ लगभग 1101 लाख रुपये निगम के बकाया थे। इन लोगों को 997.86 लाख रुपये की माफी योजना के तहत मिली और इनको निगम में केवल 103 लाख रुपये जमा करवाने पड़े।
इस योजना का लाभ जिलेभर में 15 जून 2018 से 15 जून 2005 के मध्य चल रहे बिजली निगम के डिफाल्टरों को मिलेगा। इस योजना के तहत बिजली के बिल पूर्ण रूप से माफ न होकर डिफाल्टरों को दोबारा से पटरी पर लाना है। जिले में बिजली निगम के 91687 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो डिफाल्टर भी हैं और उनके बिजली के कनेक्शन सुचारू हैं। दूसरी तरफ 56122 उपभोक्ता ऐसे हैं। जिनके बिजली के कनेक्शन कटे हुए हैं। यह कनेक्शन घरेलू , दुकान, औद्योगिक तथा सरकारी विभागों के हैं। इनमें सरकारी विभागों के 551 कनेक्शनों के बिल पेंडिंग हैं। इनकी तरफ बिजली निगम का 2275.43 लाख रुपये बकाया है। इसके अतिरिक्त 9026 कनेक्शन कृषि उपभोक्ताओं के हैं। इनकी तरफ 1737 लाख रुपये बकाया हैं। इन डिफाल्टरों में 23711 शहरी घरेलू कनेक्शन, 102278 ग्रामीण घरेलू, 10406 नॉन डोमेस्टिक, 1837 इंडस्ट्रीज, 9026 एग्रीकल्चर के डिफाल्टर हैं। इन सभी की तरफ बिजली निगम का 158678 लाख रुपये बकाया है। दूसरी तरफ जन स्वास्थ्य विभाग के 392 कनेक्शनों के 1000 लाख रुपये बकाया हैं। बिजली निगम ने अपने डिफाल्टरों से बकाया राशि वसूलने के लिए एक अच्छा प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। अब जो उपभोक्ता निर्धारित तारीख से पहले बिजली का डिफाल्टर है। उसको अपनी डिफाल्टरी दूर करने के लिए अच्छा मौका दिया गया है।
यह है योजना
इस योजना के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट मिली है। इनमें एक किलोवाट के डिफाल्टर उपभोक्ता को वर्ष में 1440 रूपये, दो किलोवाट के उपभोक्ता को 2880 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से देना होगा। पांच किलोवाट के उपभोक्ता को 7200 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से देने होंगे। उपभोक्ता अपने बिलों की यह राशि किश्तों में भी जमा करवा सकता है। जो उपभोक्ता किश्तों में राशि जमा करवाएगा। बिजली निगम उस उपभोक्ता को अंतिम किश्त में नो ड्यूज देने का काम करेगा।
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जिला वासियों को सरकार की योजना का उठाना चाहिए लाभ : एसएस राय
प्रदेश सरकार ने बिजली निगम के डिफाल्टरों को अच्छी राहत दी है। सरकार की इस छूट योजना का लाभ लोगों को उठाकर नियमित रूप से बिजली के बिल भरने चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता एक साथ पैसे जमा करवाने में सक्षम नहीं है, तो वह किश्तों में भी सरकार की इस छूट योजना का लाभ ले सकता है।
--एसएस राय एक्सईएन बिजली निगम जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार द्वारा बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दी गई बिल माफी योजना रास आ रही है। जिले में बिजली निगम के घरेलू और व्यावसायिक लगभग 126319 उपभोक्ता डिफाल्टर हैं। इनकी तरफ निगम का 151012 लाख रुपये बकाया है। प्रदेश सरकार ने डिफाल्टरों से बकाया बिल भरवाने के लिए बिल माफी योजना शुरू की है। इस योजना में एक से पांच किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन लिए गए हैं, ताकि लोग अपने पुराने बिलों को माफ कर नए सिरे से बिल भरना शुरू करें। निगम की यह योजना जिला वासियों को रास नहीं आ रही। एक से 21 अक्तूबर तक इस योजना के तहत जिले में 2053 लोगों ने माफी का लाभ लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन इनमें से 1590 ने ही अपने बकाया बिल जमा करवाए। जिन लोगों ने बिल जमा करवाए हैं। इनकी तरफ लगभग 1101 लाख रुपये निगम के बकाया थे। इन लोगों को 997.86 लाख रुपये की माफी योजना के तहत मिली और इनको निगम में केवल 103 लाख रुपये जमा करवाने पड़े।
इस योजना का लाभ जिलेभर में 15 जून 2018 से 15 जून 2005 के मध्य चल रहे बिजली निगम के डिफाल्टरों को मिलेगा। इस योजना के तहत बिजली के बिल पूर्ण रूप से माफ न होकर डिफाल्टरों को दोबारा से पटरी पर लाना है। जिले में बिजली निगम के 91687 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो डिफाल्टर भी हैं और उनके बिजली के कनेक्शन सुचारू हैं। दूसरी तरफ 56122 उपभोक्ता ऐसे हैं। जिनके बिजली के कनेक्शन कटे हुए हैं। यह कनेक्शन घरेलू , दुकान, औद्योगिक तथा सरकारी विभागों के हैं। इनमें सरकारी विभागों के 551 कनेक्शनों के बिल पेंडिंग हैं। इनकी तरफ बिजली निगम का 2275.43 लाख रुपये बकाया है। इसके अतिरिक्त 9026 कनेक्शन कृषि उपभोक्ताओं के हैं। इनकी तरफ 1737 लाख रुपये बकाया हैं। इन डिफाल्टरों में 23711 शहरी घरेलू कनेक्शन, 102278 ग्रामीण घरेलू, 10406 नॉन डोमेस्टिक, 1837 इंडस्ट्रीज, 9026 एग्रीकल्चर के डिफाल्टर हैं। इन सभी की तरफ बिजली निगम का 158678 लाख रुपये बकाया है। दूसरी तरफ जन स्वास्थ्य विभाग के 392 कनेक्शनों के 1000 लाख रुपये बकाया हैं। बिजली निगम ने अपने डिफाल्टरों से बकाया राशि वसूलने के लिए एक अच्छा प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। अब जो उपभोक्ता निर्धारित तारीख से पहले बिजली का डिफाल्टर है। उसको अपनी डिफाल्टरी दूर करने के लिए अच्छा मौका दिया गया है।
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यह है योजना
इस योजना के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट मिली है। इनमें एक किलोवाट के डिफाल्टर उपभोक्ता को वर्ष में 1440 रूपये, दो किलोवाट के उपभोक्ता को 2880 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से देना होगा। पांच किलोवाट के उपभोक्ता को 7200 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से देने होंगे। उपभोक्ता अपने बिलों की यह राशि किश्तों में भी जमा करवा सकता है। जो उपभोक्ता किश्तों में राशि जमा करवाएगा। बिजली निगम उस उपभोक्ता को अंतिम किश्त में नो ड्यूज देने का काम करेगा।
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जिला वासियों को सरकार की योजना का उठाना चाहिए लाभ : एसएस राय
प्रदेश सरकार ने बिजली निगम के डिफाल्टरों को अच्छी राहत दी है। सरकार की इस छूट योजना का लाभ लोगों को उठाकर नियमित रूप से बिजली के बिल भरने चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता एक साथ पैसे जमा करवाने में सक्षम नहीं है, तो वह किश्तों में भी सरकार की इस छूट योजना का लाभ ले सकता है।
--एसएस राय एक्सईएन बिजली निगम जींद।