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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर, अब कूड़े से बीमारियों का बढ़ा खतरा

Wed, 23 May 2018 12:20 AM IST
Updated Wed, 23 May 2018 12:20 AM IST
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर, अब कूड़े से बीमारियों का बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
11 दिन से नगरपरिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इसके चलते शहर की सड़कों से लेकर कॉलोनियों की गलियों और कूचों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। यहां तक कि नालियों में कचरा फंस कर उन्हें जाम कर रहा है। हर ओर गंदगी का आलम है। अब इस कूड़े से बीमारियां फैलने का खतरा हो गया है।
यदि इस समय बारिश हो जाती है तो पूरे शहर में गंदगी फैल जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार इस समय मलेरिया, डायरिया, हैजा फैलने का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों ने शहर में आने वाले लोगों व यहां रहने वालों को मास्क पहनकर चलने की सलाह दी है। शहर के मुख्य बाजारों में काफी भीड़ होती है, इस कारण यहां तेजी से बीमारी फैलने का खतरा अधिक है। शहर से प्रतिदिन 70 टन कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यह कूड़ा बाहर नहीं निकल पाया। ऐसे में बाजार कूड़े से पूरी तरह से अट चुके हैं। नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इस समय शहर में 700 टन से ज्यादा कचरा जमा है। इस कूड़े पर मच्छर व मक्खियां पनपने लगे हैं जिससे आबोहवा दूषित हो चुकी है और इनसे संक्रमण रोग फैल सकते हैं। यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोग बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे।
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यहां है अधिक गंदगी
शहर के सबसे व्यस्त मेन बाजार, गांधी गली, पालिका बाजार, टाउन हाल के हालात बहुत ही खराब हैं। हालांकि नगरपरिषद प्रशासन ने कूड़े के ढेरों पर चूना डालने का काम शुरू किया था, जो अधिक कारगर साबित नहीं हुआ। कई स्कूलों के पास गंदगी के ढेर लगे हैं। जिस कारण स्कूली बच्चों को संक्रमण के रोग हो सकते हैं।
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मलेरिया, डायरिया व पीलिया का ज्यादा खतरा
शहर में जिस प्रकार के गंदगी बढ़ रही है, उससे मक्खी व मच्छर बढ़ते जा रहे हैं। इससे लोगों को मलेरिया, हैजा, डायरिया व पीलिया रोग होने की संभावना बढ़ गई है। लोगों को भीड़-भीड़ वाले क्षेत्र में आने से बचना चाहिए। जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक यदि ज्यादा ही जरूरी हो तो मास्क पहनकर निकलना चाहिए।
-डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।
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एक बार बीमारी फैली तो रोक लगाना होगा मुश्किल
जैसे-जैसे शहर में गंदगी बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे शहर में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। यदि एक बार बीमारी फैल गई तो उसे रोकना काफी मुश्किल होगा। यदि बारिश हो जाती है तो समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है। लोगों को कम से कम अपने घरों के सामने के कूड़े को शहर से बाहर डंपिंग प्वाइंट पर डालना चाहिए।

डॉ. आरके सहगल, संचालक गंगा नर्सिंग होम, जींद।
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बाजार से निकलना हुआ मुशकिल
शहर में हर जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बदबू आ रही है। कूड़े के ढेर पर मक्खियां व मच्छर पैदा हो गए हैं। ऐसे में सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है।
बिमला देवी, ग्राहक, कैथल रोड निवासी।
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