{"_id":"5b01d3724f1c1bda408b6d13","slug":"101526846322-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगूरां में डीजे व शराब बंदी को लेकर हुई पंचायत, युवा डीजे बंद करने पर नहीं हुए राजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगूरां में डीजे व शराब बंदी को लेकर हुई पंचायत, युवा डीजे बंद करने पर नहीं हुए राजी
Updated Mon, 21 May 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीजे बंद करने के फैसले पर राजी नहीं हुए युवा
अलेवा।
नगूरां गांव में शराब बंदी और डीजे पर रोक लगाने को लेकर भूटटेश्वर मंदिर में रविवार को नंबरदार रणधीर सिंह की अध्यक्षता में पंचायत हुई। इस अवसर पर गांव के सरपंच जसवंत सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान पंचायत में शामिल बुजुर्गों ने डीजे पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा तो युवाओं ने शराब बंदी करने की मांग की। पंचायत के दौरान युवा डीजे पर रोक लगाने को लेकर सहमत नहीं हो सके। इसके चलते डीजे पर रोक लगाने पर कोई फैसला नहीं हुआ।
गांव के युवाओं ने कहा कि गांव की युवा पीढ़ी के लिए जहां डीजे खतरनाक है, वहीं शराब को भी कम नहीं आंका जा सकता है। शराब के चलते अनेक घर बर्बाद हो चुके हैं। अगर गांव में डीजे पर ही पाबंद लगाना है तो पहले शराब के अवैध खुर्दों पर रोक लगाए ताकि गांव में भाईचारा बना रहे। मामले को लेकर कोई सहमति न बनने को लेकर पंचायत किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई। एक सप्ताह बाद फिर से मामले को लेकर चर्चा करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामफल, कृष्ण दत्त शर्मा, मा. सज्जन दलाल, आठ गांव के प्रधान धर्मपाल, डॉ. रामसिंह, जस्सा खटकड़, पप्पू नंबरदार उपस्थित रहे।
विज्ञापन
अलेवा।
नगूरां गांव में शराब बंदी और डीजे पर रोक लगाने को लेकर भूटटेश्वर मंदिर में रविवार को नंबरदार रणधीर सिंह की अध्यक्षता में पंचायत हुई। इस अवसर पर गांव के सरपंच जसवंत सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान पंचायत में शामिल बुजुर्गों ने डीजे पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा तो युवाओं ने शराब बंदी करने की मांग की। पंचायत के दौरान युवा डीजे पर रोक लगाने को लेकर सहमत नहीं हो सके। इसके चलते डीजे पर रोक लगाने पर कोई फैसला नहीं हुआ।
गांव के युवाओं ने कहा कि गांव की युवा पीढ़ी के लिए जहां डीजे खतरनाक है, वहीं शराब को भी कम नहीं आंका जा सकता है। शराब के चलते अनेक घर बर्बाद हो चुके हैं। अगर गांव में डीजे पर ही पाबंद लगाना है तो पहले शराब के अवैध खुर्दों पर रोक लगाए ताकि गांव में भाईचारा बना रहे। मामले को लेकर कोई सहमति न बनने को लेकर पंचायत किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई। एक सप्ताह बाद फिर से मामले को लेकर चर्चा करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामफल, कृष्ण दत्त शर्मा, मा. सज्जन दलाल, आठ गांव के प्रधान धर्मपाल, डॉ. रामसिंह, जस्सा खटकड़, पप्पू नंबरदार उपस्थित रहे।
विज्ञापन