फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   गर्भपात करने में प्रयोग होने वाली किट सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा

गर्भपात करने में प्रयोग होने वाली किट सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा

Sat, 14 Apr 2018 12:37 AM IST
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
गर्भपात करने में प्रयोग होने वाली किट सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

जींद। स्वास्थ्य विभाग ने एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) किट सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है। विभाग की टीम ने डीआरडीए में अनुबंध आधार पर कार्यरत एक महिला व एक युवक को किट सप्लाई के आरोप में काबू करके पुलिस को सौंप दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी 500 रुपये में एमटीपी किट बेचते थे।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि डीआरडीए में अनुबंध आधार पर लगी गांव मनोहरपुर निवासी पूनम नामक एक महिला गर्भपात करने वाली एमटीपी किट सप्लाई करती है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व में डॉ. ज्योति, डीएफडब्ल्यूईओ नरेंद्र अत्री व एक गर्भवती महिला को डमी ग्राहक बनाकर शामिल किया गया। शुक्रवार दोपहर को डमी महिला ग्राहक ने अपने मोबाइल से एक बिचौलिया के माध्यम से महिला पूनम से संपर्क किया। पूनम ने डमी ग्राहक को डीआरडीए में बुलाया। पूनम ने महिला ग्राहक को 500 रुपये में एमटीपी किट बेच दी व उसे प्रयोग करने की पूरी विधि भी बताई। इसके बाद डमी महिला ग्राहक बाहर आ गई व स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया कि इस मामले में एक अन्य ुयवक गांव उगालन निवासी अमित हाल आबाद अर्बन एस्टेट जींद भी शामिल है, जो पूनम को एमटीपी किट उपलब्ध करवाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अमित को पकड़ने के लिए डमी ग्राहक को दोबारा पूनम के पास भेजा। डमी महिला ग्राहक ने पूनम से कहा कि उसकी एमटीपी किट गिर गई और ऑटो के पहिये के नीचे आकर खराब हो गई। इसलिए उसे दोबारा एमटीपी किट की जरूरत है। पूनम ने इसके बाद महिला को अमित का नंबर दे दिया। वही बैठे-बैठे पूनम ने अमित को फोन करके दूसरी किट का प्रबंध करने को कहा। शाम लगभग पांच बजे स्वास्थ्य विभाग ने डीआरडीए में रेड करके कर्मचारी पूनम को काबू किया। पूनम के कब्जे से टीम ने डमी ग्राहक द्वारा दिए गए 500 रुपये बरामद किए। यह 500 रुपये स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डमी ग्राहक को दिए थे। पूछताछ में पूनम ने बताया कि यह किट अमित ने डमी ग्राहक को देने के लिए उसे दी थी। बाद में पूनम की निशानदेही पर अमित को शहर थाना के पास से काबू किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों को पुलिस को सौंप दिया व मामला दर्ज करने की सिफारिश की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन


अमित के पास नहीं कोई डिग्री
जांच में पता चला कि अमित के पास किसी प्रकार की डिग्री नहीं है। इसलिए वह एमटीपी सप्लाई करने या उसे बेचने के लिए अधिकृत है और न ही किसी प्रकार की कोई दवा किसी को दे सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बड़े रैकेट का हो सकता है पर्दाफाश
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस मामले के सामने आने के बाद एमटीपी किट सप्लाई का बड़े मामले का पर्दाफाश हो सकता है। पूछताछ में आरोपी अमित ने कुछ ओर लोगों के नाम व उनकी पहचान बताई है, जिस पर अब पुलिस को कार्रवाई करनी है। यदि पुलिस कार्रवाई करती है तो कुछ बड़े लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।


डीआरडीए की कर्मचारी पूनम एमटीपी किट सप्लाई करने का काम करती है, इसकी सूचना मिली थी। एक गर्भवती महिला को डमी ग्राहक बनाकर उसके पास भेजा गया, जिस पर उसने 500 रुपये लेकर किट महिला को दी, लेकिन किट कहां से आई, इसका पता लगाना था। इस पर महिला ग्राहक को दोबारा भेजा गया और उसे काबू कर अमित के बारे में पता चला। बाद में पुलिस ने अमित को भी पकड़ लिया, जहां उसने कई खुलासे किए हैं कि एक रैकेट चल रहा है। फिलहाल जांच जारी है। पुलिस में शिकायत दे दी गई है।
--डॉ. प्रभुदयाल, नोडल आफिसर व डिप्टी सीएमओ, जींद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed